कुल पेज दृश्य

09 सितंबर 2008

रबर का आयात शुल्क कम करने की योजना नहीं

मुंबई : भारत प्राकृतिक रबर के आयात शुल्क में कटौती की योजना नहीं बना रहा है। टायर निर्माता इसके लिए लगातार लॉबिंग कर रहे हैं। इस बारे में पूछने पर रबर बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। बोर्ड का कहना है कि भारतीय टायर कंपनियां एडवांस लाइसेंस के तहत 80,000 टन प्राकृतिक रबर का आयात नहीं कर पाईं। ऐसे में आयात शुल्क में कटौती का कोई मतलब ही नहीं है। अडवांस लाइसेंस के तहत बगैर आयात शुल्क के प्राकृतिक रबर का आयात किया जाता है। ऑल इंडिया टायर मैन्युफैक्चर्स असोसिएशन के डायरेक्टर जनरल राजीव बुद्धिराजा का कहना है कि अप्रैल से अगस्त 2008 के बीच में भारत ने 24,410 टन रबर का आयात किया था। रबर के आयात पर सरकार ने 20 फीसदी आयात शुल्क लगाया है, जबकि टायर के आयात पर सिर्फ 7.5 फीसदी शुल्क है। ऐसे में कंपनियों के लिए टायर आयात करना सस्ता है। इसलिए टायर बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियां यानी एमआरएफ, सीएट और जेके टायर प्राकृतिक रबर पर आयात शुल्क कम करने की मांग कर रही हैं, जो टायर की कीमत को 60 फीसदी तक बढ़ा देती हैं। (ET Hindi)

कोई टिप्पणी नहीं: