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08 जनवरी 2021

दाल मिलों की कमजोर मांग से दिल्ली में अरहर, उड़द और मसूर में मंदा

नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों की मांग कमजोर होने से शुक्रवार को दिल्ली में कनाडा के साथ ही मध्य प्रदेश लाईन की मसूरए बर्मा की अरहर और उड़द की कीमतों में दिल्ली के नया बाजार में गिरावट दर्ज की गई।

बर्मा की नई लेमन अरहर के दाम आज दिल्ली में 5900 रुपये प्रति क्विंटल क्विंटल पर स्थिर रहे, तथा ग्राहकी कमजोर थी। चेन्नई से जनवरी डिलीवरी के लिए अरहर के दाम 50 रुपये घटकर 5550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अफ्रीका की अरहर नीचे दाम पर बिक रही है तथा इसका स्टॉक भी ज्यादा है, साथ ही केंद्रीय पूल से नेफेड लगातार अरहर बेच रही है जबकि उत्पादक मंडियों में नई फसल की आवक लगातार बढ़ने से इसकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इस बीच, 7 जनवरी, 2021 को कर्नाटक में नैफेड ने 2880 टन अरहर खरीफ 2019 की खरीदी हुई की निविदा को 5562 से 5601 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मंजूरी दी।

बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू में दाल मिलों की मांग कमजोर होने के कारण 75 से 100 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमशः 7300 रुपये और 8250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। व्यापारियों के आयातित उड़द का हाजिर स्टॉक कम होने के बावजूद भी कीमतों में गिरावट आई है।

दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर की कीमतों में लगातार दूसरे दिन 25 से 75 प्रति क्विंटल का मंदा आकर भाव क्रमशः 5325 रुपये और 5500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मसूर का आयातित स्टॉक ज्यादा होने के साथ बुआई में हुई बढ़ोतरी से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

दाल मिलों की कमजोर मांग से मुंबई और हजीरा बंदरगाह पर पहुंचे वैसल में कनाडा की क्रिमसन मसूर के भाव में शुक्रवार को 25 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में देसी मसूर की कीमतों में 25 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। आयातित मसूर का स्टॉक ज्यादा होने के साथ ही बुआई में हुई बढ़ोतरी के कारण बढ़े भाव पर मिलों की मांग ही बनी हुई है।

नेफेड ने 7 जनवरी, 2021 को मध्य प्रदेश में 5,001 से 5,014 रुपये प्रति क्विंटल की दर से रबी 2018 की खरीदी हुई मसूर की बिक्री की। चालू रबी में मसूर की बुआई 3.22 फीसदी बढ़कर 16.37 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 15.86 लाख हेक्टेयर में बुआई हो पाई थी।

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