कुल पेज दृश्य

22 अक्तूबर 2018

केस्टर तेल के निर्यात में आई कमी, गुजरात में पैदावार कम होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान केस्टर तेल के निर्यात में 33,697 टन की कमी आई है। गुजरात राज्य सरकार के कृषि निदेशालय के अनुसार चालू खरीफ में केस्टर सीड की पैदावार 3.11 लाख टन कम होने का अनुमान है।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान केस्टर तेल का निर्यात घटकर 2,39,682 टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 2,73,379 टन का हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान केस्टर तेल का कुल निर्यात 6,39,390 टन का हुआ था।
उत्पादन में कमी की आशंका
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार चालू खरीफ में केस्टर सीड का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 3.11 लाख टन कम होकर 11.73 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल राज्य में 14.84 लाख टन का उत्पादन हुआ था।
गुजरात में मानसूनी बारिश कम
ओसवाल एग्री इम्पैक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर कुशल राज पारिख ने बताया कि उत्पादक मंडियों में केस्टर सीड के भाव 5,000 से 5,025 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं जबकि केस्टर तेल के भाव 1,040 रुपये प्रति 10 किलो है। उन्होंने बताया कि चालू सीजन में केस्टर सीड के उत्पादक क्षेत्रों में बारिश काफी कम हुई है जिस कारण उत्पादन में कमी आने की आने की आशंका है। केस्टर तेल के निर्यात सौदे 1,400 डॉलर प्रति टन की दर से हो रहे हैं। जानकारों के अनुसार केस्टर सीड का उत्पादन राज्य सरकार के अनुमान से भी कम होने का अनुमान है इसलिए आगे केस्टर सीड की कीमतों में 2,000 से 2,500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी बनने की संभावना है। .....  आर एस राणा

कोई टिप्पणी नहीं: