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14 अक्तूबर 2018

उत्तर प्रदेश : दीपावली के बाद चीनी मिलों में पेराई संभव, किसानों का 8,000 करोड़ अभी भी बकाया

आर एस राणा
नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2018 से चीनी का नया पेराई सीजन (2018-19) आरंभ हो गया है लेकिन पुराने पेराई सीजन 2017-18 का ही किसानों का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर अभी भी 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया बचा है। दीपावली के बाद राज्य की चीनी मिलों में पेराई शुरू होने की संभावना है।
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य की चीनी मिलें दीपावली के बाद पेराई शुरू करेंगी। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर तक पिछले पेराई सीजन का चीनी मिलों पर किसानों का बकाया 8,056 करोड़ रुपये बचा हुआ है। चालू सीजन में राज्य में गन्ने के बुवाई क्षेत्रफल में हुई बढ़ोतरी से चीनी का उत्पादन भी पिछले सीजन की तुलना में ज्यादा होने का अनुमान है।
पिछले पेराई सीजन में 120.04 लाख टन का हुआ उत्पादन
पेराई सीजन 2017-18 में राज्य में 120.04 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था जोकि इसके पिछले पेराई सीजन 2016-17 के 87.73 लाख टन से 32.71 लाख टन ज्यादा है। पिछले पेराई सीजन में राज्य में गन्ने में चीनी की औसत रिकवरी 10.84 फीसदी की आई थी, जबकि इसके पिछले साल औसत रिकवरी 10.61 फीसदी ही थी।
चीनी उत्पादन 4-5 लाख टन ज्यादा होने का अनुमान
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त गन्ना आयुक्त वी के शुक्ला ने बताया कि राज्य की कुछ मिलें 25 से 30 अक्टूबर के मध्य पेराई आरंभ कर देगी तथा नवंबर में अधिकांश मिलों में पेराई आरंभ शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गन्ने के बुवाई क्षेत्रफल में बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य में चीनी का उत्पादन बढ़कर चालू पेराई सीजन में 124 से 125 लाख टन होने का अनुमान है। चीनी मिलों पर किसानों के बकाया के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोशिश कर रही है कि चीनी मिलें किसानों को 30 नवंबर 2018 तक पिछले पेराई सीजन का पूरा भुगतान कर दें।
बुवाई में हुई बढ़ोतरी
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू सीजन में राज्य में गन्ने की बुवाई बढ़कर 23.90 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल राज्य में 22.99 लाख हैक्टेयर में ही गन्ने की बुवाई हुई थी।
चीनी के भाव में नरमी
दिल्ली में चीनी के थोक भाव 3,500 से 3,650 रुपये प्रति क्विंटल और उत्तर प्रदेश में एक्स फैक्ट्री भाव 3,200 से 3,425 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। त्यौहारी सीजन के बावजूद भी चीनी में ग्राहकी कमजोर है इसीलिए सप्ताहभर में इसकी कीमतों में 100 रुपये की गिरावट आ चुकी है। विश्व बाजार में चीनी के भाव में सुधार आया है, जिससे आगे चीनी के निर्यात में तेजी आने का अनुमान है।.............  आर एस राणा

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