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10 सितंबर 2008

चीनी के दामों में गिरावट का रुख

सरकार द्वारा सितंबर के लिए जारी किया गया अतिरिक्त कोटा और मिलों द्वारा की जा रही बिकवाली के चलते चीनी के दामों में गिरावट का रुख बना हुआ है। पिछले पंद्रह दिनों में चीनी के दाम करीब नौ फीसदी कम होकर 1825 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गये है। गन्ना किसानों को भुगतान करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी मिलों पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है। उधर केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सितंबर के अंत तक बफर स्टॉक की 27.5 लाख टन चीनी बेचने का निर्देश दिया है। सरकार ने इस बात की चेतावनी भी दी है कि यदि मिलें चीनी नहीं बेच पाती हैं तो बचे स्टॉक को लेवी में डाल दिया जाएगा। सितंबर महीने के लिए सरकार ने चीनी का 12 लाख टन का मासिक कोटा बेचने के लिए जारी किया था। बढ़ती कीमतों और त्यौहारी मांग को देखते हुए तीन लाख टन का अतिरिक्त कोटा भी जारी किया था। जिसके चलते बाजार में चीनी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा चीनी मिलों को सितंबर में ही बफर स्टॉक की बची हुई करीब 22 लाख टन चीनी बेचनी पड़ेगी।इस सप्ताह सोमवार को केंद्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक तय समय के बाद यदि निर्धारित मात्रा में से यदि कोई भी स्टॉक बचता है तो यह स्वत: लेवी स्टॉक मान लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि लेवी स्टॉक वह स्टॉक होता है, जिसे सरकार राशन की दुकानों के जरिए सस्ती दरों पर बेचती है। केंद्र सरकार ने इस साल अप्रैल में चीनी मिलों को सितंबर के अंत तक बफर स्टॉक की 20 लाख टन चीनी खुले बाजार में बेचने का निर्देश दिया था। सरकार ने जुलाई में मिलों को 30 लाख टन बफर स्टॉक से भी 25 फीसदी चीनी बेचने का निर्देश दिया था। (Business Bhaskar)

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