नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई में बढ़ोतरी हुई है, जबकि इस दौरान मोटे अनाजों के साथ ही दलहन की बुआई पीछे चल रही है। धान की रोपाई 3.65 फीसदी पीछे चल रही है।
भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार 1 जून से 13 अगस्त के दौरान देश में सामान्य 561.9 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 491.8 मिमी बारिश ही हुई है। अत: इस अवधि के दौरान सामान्य की तुलना में 12 फीसदी कम बारिश हुई है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार 14 अगस्त तक धान की रोपाई चालू खरीफ में घटकर 379.07 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 393.44 लाख हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी थी।
चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई थोड़ी कम होकर 108.14 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 108.49 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। चालू खरीफ में मूंग की बुआई 32.05 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 23.52 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक मूंग की बुआई 33.42 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 20.79 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। अरहर की बुआई चालू खरीफ में 40.31 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 42.01 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मोठ की बुवाई चालू खरीफ में 8.92 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 8.69 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है।
चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई बढ़कर 180.29 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 178.95 हजार हेक्टेयर में ही हुई थी। मूंगफली की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 48.03 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 47.01 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। सोयाबीन की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 120.84 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 122.61 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।
शीशम सीड की बुआई चालू खरीफ सीजन में 10.35 लाख हेक्टेयर में और सनफ्लावर की 1.06 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 8.73 लाख हेक्टेयर और 0.61 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।
मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ सीजन में घटकर केवल 172.96 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 177.13 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस दौरान मक्का की बुआई 88.39 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 92.06 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। बाजरा की बुआई 63.98 लाख हेक्टेयर में, ज्वार की बुआई 13.30 लाख हेक्टेयर में तथा रागी की बुआई 3.46 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 63.29 लाख हेक्टेयर में, 12.61 लाख हेक्टेयर में और 5.26 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें