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31 अगस्त 2026

चालू खरीफ में फसलों की बुआई 1,071 लाख हेक्टेयर के पार, 1.73 फीसदी पीछे

नई दिल्ली। देश में खरीफ फसलों की बुवाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मध्य जुलाई के बाद मानसूनी बारिश में हुए सुधार से बुआई का अंतर पहले की तुलना में काफी कम हुआ है, लेकिन कुल खरीफ फसलों का बुवाई क्षेत्र अभी भी पिछले साल के मुकाबले 1.73 फीसदी पीछे है।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार 1 जून से 28 अगस्त के दौरान देश में सामान्य 679.5 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 587.8 मिमी बारिश ही हुई है। अत: इस अवधि के दौरान सामान्य की तुलना में 13 फीसदी कम बारिश हुई है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार देशभर में 28 अगस्त तक खरीफ फसलों की बुवाई 1,071.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,090.01 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस तरह कुल खरीफ फसलों का बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 18.91 लाख हेक्टेयर कम है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार 28 अगस्त तक धान की रोपाई चालू खरीफ में घटकर 414.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 428.46 लाख हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी थी।

चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई बढ़कर 115.05 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 113.66 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। खरीफ की प्रमुख दलहनी फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 44.59 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 44.31 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। इसी तरह से उड़द की बुआई बढ़कर चालू खरीफ सीजन में 24.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 22.11 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

हालांकि मूंग की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 32.96 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 34.01 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मोठ की बुवाई चालू खरीफ में 9.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 9.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है। अन्य दलहनी फसलों की बुआई 3.35 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 3.71 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है।

मोटे अनाज की बुआई 177.90 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जो पिछले साल के 182.11 लाख हेक्टेयर से 2.31 फीसदी कम है। मक्का की बुवाई 4.14 फीसदी घटकर 89.99 लाख हेक्टेयर ही हुई है, जबकि पिछले साल यह 93.87 लाख हेक्टेयर हो चुकी थी। रागी की बुआई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसका रकबा 30.30 फीसदी घटकर 5.48 लाख हेक्टेयर का रह गया, जबकि पिछले साल यह 7.86 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। ज्वार और बाजरा की अधिक बुवाई ने कुछ हद तक इस गिरावट की भरपाई की। ज्वार की बुआई 6.86 फीसदी बढ़कर 13.47 लाख हेक्टेयर में और बाजरा की बुआई 1.84 फीसदी बढ़कर 64.79 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है।


तिलहन की बुवाई पिछले साल की तुलना में 0.52 फीसदी घटकर 190.45 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 191.45 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। सोयाबीन की बुआई एक फीसदी कम होकर 121.72 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 122.95 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। मूंगफली की बुआई चालू खरीफ में 49.09 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 49.71 लाख हेक्टेयर की तुलना में थोड़ी कम है। कैस्टर सीड की बुआई में 14.14 फीसदी की कमी आकर कुल बुआई 7.20 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल 8.38 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।

गन्ने की बुआई चालू खरीफ में 58.46 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 58.87 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

कपास की बुवाई भी थोड़ी कम रही। इसकी बुआई 108.80 लाख हेक्टेयर में ही हुई, जबकि पिछले साल के 109.23 लाख हेक्टेयर से थोड़ी कम है।

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