नई दिल्ली। उद्योग ने एक बार फिर कॉटन के उत्पादन अनुमान में 2 लाख गांठ की बढ़ोतरी कर दी है। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू फसल सीजन 2025-26 में देश में कॉटन का उत्पादन 339 लाख गांठ (एक गांठ 170 किलो) होने का अनुमान है, जबकि इससे पहले 337 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान जारी किया था।
मालूम हो कि उद्योग ने दिसंबर 2025 में 309.50 लाख गांठ कॉटन के उत्पादन का अनुमान जारी किया था, जोकि आरंभिक अनुमान से 4.50 लाख गांठ ज्यादा था। इसके बाद उद्योग ने इसे बढ़ाकर 317 लाख गांठ का कर दिया। मार्च 2026 में उद्योग ने एक फिर इसे बढ़ाकर 320.50 लाख गांठ कर दिया था। इसके अलावा मई 2026 में उद्योग ने कॉटन के उत्पादन अनुमान को बढ़ाकर 324 लाख गांठ कर दिया था। जुलाई में 337 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान जारी किया था।
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सीएआई के अनुसार जुलाई 2026 अंत तक देशभर की मंडियों में 332.90 लाख गांठ कॉटन की आवक हो चुकी है। साथ ही जुलाई 2026 अंत तक देश में 54 लाख गांठ आयातित कॉटन आ चुकी है जबकि फसल सीजन के आरंभ में पहली अक्टूबर 2025 को 55.59 लाख गांठ का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 456.59 लाख गांठ की बैठी है।
चालू सीजन में 290 लाख गांठ कॉटन की खपत हो चुकी है, जबकि जुलाई 2026 अंत तक 12.25 लाख गांठ की शिपमेंट हो चुकी है। मिलों के पास 87 लाख गांठ कॉटन का स्टॉक है, जबकि सीसीआई, महाराष्ट्र फेडरेशन, एमएनसी एवं जिनर्स के अलावा ट्रेडर्स एवं निर्यातकों के पास 53.24 लाख गांठ कॉटन का स्टॉक है।
चालू सीजन में पहली अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक 62 लाख गांठ कॉटन का आयात होने की उम्मीद है, जिसमें से 54 लाख गांठ की शिपमेंट जुलाई 2026 अंत तक हो चुकी है। कॉटन का निर्यात 15 लाख गांठ होने का अनुमान है, जिसमें से जुलाई अंत तक 12.25 लाख गांठ की शिपमेंट हो चुकी है।
सीएआई के अनुसार 30-9-26 को कॉटन का क्लोजिंग स्टॉक 93.59 लाख गांठ होने का अनुमान है, जोकि पिछले साल के क्लोजिंग स्टॉक 55.59 लाख गांठ से ज्यादा है।

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