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01 August 2017

पंजाब, हरियाणा में बारिश से धान और चावल में मंदा, पहली तिमाही में निर्यात बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब के साथ ही हरियाणा में बारिश से धान के साथ ही चावल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। करनाल मंडी के साथ ही नरेला मंडी में जहां बासमती धान की कीमतों में 50 से 100 रुपये का मंदा आया, वहीं बासमती चावल की कीमतों में इस दौरान 150 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में जहां बासमती चावल के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है, वहीं गैर-बासमती चावल का निर्यात कम हुआ है।
दिल्ली की नरेला मंडी में पूसा 1,121 बासमती धान का भाव घटकर मंगलवार को 2,200 से 2,600 रुपये और 1,509 धान का भाव घटकर 1,900 से 2,300 रुपये तथा डीपी का भाव घटकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। पूसा बासमती चावल 1,121 सेला का भाव दिल्ली में घटकर मंगलवार को 4,800 रुपये, स्टीम का 6,000 रुपये और रॉ का भाव 5,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। इस दौरान डीबी चावल का भाव घटकर 5,000 से 5,600 रुपये, बासमती चावल का भाव 6,000 से 6,400 रुपये, शरबती सेला का भाव 3,800 रुपये और स्टीम का भाव 4,600 रुपये तथा 1,509 किस्म के चावल सेला भाव घटकर 4,800 रुपये तथा स्टीम का भाव 5,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।
उधर हरियाणा की करनाल मंडी में पूसा 1,121 बासमती चावल का भाव 2,600 रुपये, 1,509 किस्म के धान का भाव 2,400 रुपये और डीपी का भाव 2,450 रुपये और सुगंधा का भाव घटकर मंगलवार को 2,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। इसी तरह से करनाल मंडी में पूसा 1,121 बासमती चावल सेला का भाव घटकर 4,900 रुपये, स्टीम का भाव 5,800 रुपये और रॉ का भाव 5,900 रुपये तथा बासमती चावल का भाव घटकर 5,800 से 6,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बासमती धान के प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मंगलवार को अच्छी बारिश हुई है, तथा दो अगस्त को भी इन राज्यों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है, जिससे बासमती धान की फसल को फायदा हुआ है। वैसे भी चालू खरीफ में बासमती धान की रौपाई ज्यादा हुआ है, अतः अनुकूल मौसम से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वैसे भी इस समय बासमती चावल में निर्यात मांग सामान्य ही है इसलिए आगे इनकी कीमतों में और मंदा आने का अनुमान है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में पंजाब में धान की रौपाई 28.65 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल के 28.94 लाख हैक्टेयर के बराबर ही है। हरियाणा में धान रौपाई बढ़कर 12.08 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 10.18 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। चालू खरीफ में धान की कुल रौपाई बढ़कर 216.23 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 211.20 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही अप्रैल से जून के दौरान बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 12,55,902 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 11,86,587 टन का ही हुआ था। निर्यातकों के अनुसार जून तक निर्यात जरुर बढ़ा है, लेकिन जुलाई-अगस्त के निर्यात सौदे कम होने से इस समय निर्यात सीमित मात्रा में ही हो रहा है। गैर बासमती चावल का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में घटकर 17,24,876 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 17,84,108 टन का ही हुआ था। ............  आर एस राणा

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