मॉनसून 2017 कहीं जमकर बरस रहा है तो कहीं इसकी बेरुखी जारी है।
बीते 24 घंटों के दौरान मॉनसून की व्यापक सक्रियता गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और दक्षिणी राजस्थान के कुछ भागों में रही। इन राज्यों में भीषण वर्षा रिकॉर्ड की गई। दक्षिण-पूर्वी उत्तरी प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भी मॉनसून सक्रिय रहा और अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। विदर्भ, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सामान्य रहा।
पिछले 24 घंटों में सबसे भारी वर्षा माउंट आबू में हुई। यहाँ मौसम केंद्र ने 324 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की है। इसके अलावा रांची में 206, डाल्टनगंज में 125 और बांकुरा में 117 मिलीमीटर की भीषण वर्षा रिकॉर्ड की गई।
देश भर में 25 जुलाई तक मॉनसून का प्रदर्शन देखें तो बारिश का आंकड़ा सामान्य से 5 फीसदी ऊपर पहुँच गया है।
इसमें उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक और मध्य भारत में 13 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। जबकि सूखे मौसम का सामना कर रहा दक्षिण भारत 12 प्रतिशत से पिछड़ रहा है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मॉनसून की अक्षीय
रेखा दक्षिण-पूर्वी
राजस्थान पर बने
निम्न दबाव के
क्षेत्र से ग्वालियर,
डाल्टनगंज और झारखंड
पर बने गहरे
निम्न दबाव को
जोड़ते हुए बंगाल
की खाड़ी तक
बनी हुई है।
इस मौसमी परिदृश्य
के बीच अगले
24 घंटों के दौरान
झारखंड और उत्तरी
छत्तीसगढ़ में मॉनसून
सबसे अधिक सक्रिय
रहेगा और इन
भागों में भीषण
वर्षा दे सकता
है। उत्तरी ओड़ीशा,
छत्तीसगढ़ के मध्य
भागों, उत्तर-पूर्वी मध्य
प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी उत्तर
प्रदेश, उत्तरी गुजरात और
दक्षिणी राजस्थान में भी
मॉनसून सक्रिय रहेगा और
मध्यम से भारी
बारिश हो सकती
है। कोंकण गोवा,
विदर्भ, गंगीय पश्चिम बंगाल,
पूर्वोत्तर भारत, उत्तराखंड और
हिमाचल प्रदेश में बारिश
कम होगी। हालांकि
सामान्य मॉनसूनी वर्षा जारी
रहने के आसार
हैं।......... www.skymet.com
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