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16 अगस्त 2024

राजस्थान में खरीफ फसलों की 92 फीसदी बुआई पूरी, पिछले साल से 5.67 फीसदी कम

नई दिल्ली। राजस्थान में चालू खरीफ सीजन में फसलों की कुल बुआई 5.67 फीसदी पिछड़ कर 152.35 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 161.51 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। राज्य सरकार ने चालू खरीफ में 164.75 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया है।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार राज्य में पहली जून से 13 अगस्त के दौरान 407.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो कि सामान्य की तुलना में 41 फीसदी ज्यादा है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 12 अगस्त 2024 तक राज्य में मक्का, बाजरा एवं धान के साथ ही ज्वार की बुआई 60.87 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 63.16 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में बाजरा की बुआई चालू खरीफ में 41.99 लाख हेक्टेयर में, मक्का की 9.62 लाख हेक्टेयर में तथा ज्वार की 6.41 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 45.03 लाख हेक्टेयर में, 9.41 लाख हेक्टेयर में और 6.20 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

धान की रोपाई राज्य में बढ़कर 2.81 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 2.42 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।

दलहनी फसलों की बुआई चालू सीजन में 34.40 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले खरीफ में इस समय तक 35.04 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल मूंग की बुआई चालू खरीफ में 22.05 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 2.97 लाख हेक्टेयर में तथा मोठ की 8.82 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 22.07 लाख हेक्टेयर में, 3.18 लाख हेक्टेयर एवं 9.15 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

राज्य में चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई 22.70 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 23.88 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुआई राज्य में 11.22 लाख हेक्टेयर में तथा मूंगफली की 8.58 लाख हेक्टेयर में और शीशम की 2.02 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 11.43 लाख हेक्टेयर और 8.63 लाख हेक्टेयर में और 2.32 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

कपास की बुआई राज्य में चालू खरीफ में घटकर केवल 5.13 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 7.90 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है।

इसी तरह से ग्वार सीड की बुआई राज्य में चालू खरीफ में घटकर केवल 25.29 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 27.34 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है।

चालू खरीफ में धान, दलहन एवं तिलहन के साथ मोटे अनाजों की बुआई बढ़ी, कपास की कम

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में फसलों की बुआई बढ़कर 1.40 फीसदी बढ़कर 979.89 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई केवल 866.40 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।


चालू खरीफ में जहां धान एवं दलहन के साथ ही तिलहन एवं मोटे अनाजों की बुआई के क्षेत्रफल में जहां बढ़ोतरी हुई है, वहीं कपास की बुआई में कमी आई है।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार 1 जून से 12 अगस्त के दौरान देशभर में 552.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य: इस दौरान 587.6 मिमी बारिश होती है। अत: इस दौरान सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश हुई है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार 9 अगस्त 2024 तक दलहनी फसलों की बुआई 6.68 फीसदी बढ़कर 117.43 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 110.08 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में 44.57 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 27.76 लाख हेक्टेयर में और मूंग की 32.78 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 38.49 लाख हेक्टेयर में, 28.83 लाख हेक्टेयर में तथा 29.89 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

मोठ की बुवाई चालू खरीफ में 8.69 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 9.28 लाख हेक्टेयर से कम है।

धान की रोपाई चालू खरीफ में बढ़कर 331.78 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी रोपाई 318.16 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

तिलहनी फसलों की बुआई बढ़कर चालू खरीफ सीजन में 183.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई केवल 182.17 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। तिलहनी फसलों में सोयाबीन की बुआई चालू खरीफ में 124.69 लाख हेक्टेयर में, मूंगफली की 45.42 लाख हेक्टेयर में और सनफ्लावर की 0.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 122.89 लाख हेक्टेयर में, 41.91 लाख हेक्टेयर में तथा 0.62 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

अन्य तिलहनी फसलों में शीशम की बुआई 10.14 लाख हेक्टेयर में, कैस्टर सीड की 2.44 लाख हेक्टेयर में तथा नाइजर की 0.26 लाख हेक्टेयर में हुई है।

मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 173.13 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 171.36 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। मोटे अनाजों में मक्का की 85.17 लाख हेक्टेयर में बाजरा 65.69 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार 14.23 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में मक्का की बुआई 79.17 लाख हेक्टेयर में, बाजरा की 68.81 लाख हेक्टेयर में तथा ज्वार की 13.29 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

कपास की बुआई खरीफ सीजन में 8.86 फीसदी घटकर 110.49 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 121.24 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

गन्ने की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 57.68 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 57.11 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है।

चालू खरीफ सीजन में तेलंगाना में खरीफ फसलों की बुआई 15.31 फीसदी पिछड़ी

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में तेलंगाना में खरीफ फसलों की बुआई 15.31 फीसदी पीछे चल रही है। राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 7 अगस्त 2024 तक राज्य में खरीफ फसलों की बुआई घटकर 84,59,853 एकड़ में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 99,89,180 एकड़ में बुवाई हो चुकी थी।


इस दौरान राज्य में मोटे अनाजों की बुआई घटकर 4,40,001 एकड़ में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 5,23,049 एकड़ में ही बुआई हो चुकी थी। धान की रोपाई 25,58,399 एकड़ में तथा मक्का की 4,07,331 एकड़ में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 34,37,325 एकड़ में और 5,00,966 एकड़ में हुई थी।

दलहनी फसलों की बुआई चालू खरीफ में 4,98,901 एकड़ में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 5,23,606 एकड़ की तुलना में कम है। अरहर की बुआई चालू खरीफ में 4,17,831 एकड़ में मूंग की 61,580 एकड़ में तथा उड़द की 19,111 एकड़ में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 4,53,007 एकड़ में, 48,964 एकड़ में तथा 18,639 एकड़ में हो चुकी थी।

तिलहनी फसलों की बुआई राज्य में चालू खरीफ सीजन में घटकर 3,83,565 एकड़ में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 4,52,800 एकड़ में हो चुकी थी। सोयाबीन की बुआई राज्य में अभी तक 3,71,519 एकड़ में तथा मूंगफली की 9,574 एकड़ में हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 4,44,263 एकड़ में तथा 5,868 एकड़ में ही हुई थी। कैस्टर सीड की बुआई चालू सीजन में 1,970 एकड़ में हुई है।

कपास की बुआई चालू खरीफ में घटकर 41,65,532 एकड़ में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 44,32,153 एकड़ में हो चुकी थी।

09 अगस्त 2024

ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री शुरू नहीं होने से कीमतों में तेजी के आसार

नई दिल्ली। अगस्त का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद भी अभी तक केंद्र सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना, ओएमएसएस के गेहूं बेचने के लिए कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं है, जिससे गेहूं की कीमतों में तेजी बन सकती है।


व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार ने अगस्त से खुले बाजार बिक्री योजना, ओएमएसएस के तहत गेहूं बेचना का निर्णय किया था। ओएमएसएस के तहत गेहूं का बिक्री भाव 2,300 एवं 2,325 रुपये प्रति क्विंटल, इसमें परिवहन लागत अलग से जोड़कर करने का निर्णय लिया था, लेकिन इस बारे में अभी तक भारतीय खाद्वय निगम, एफसीआई की तरफ से कोई निविदा जारी नहीं की गई है।

फ्लोर मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में गेहूं की कीमत गुरुवार को 10 रुपये तेज होकर भाव 2,715 से 2,720 रुपये प्रति क्विंटल हो गई तथा दिल्ली में गेहूं की आवक 10,000 बोरियों की हुई। इसी तरह से उत्पादक मंडियों में भी इसकी कीमतों में सुधार आया है। जानकारों के अनुसार स्टॉकिस्टों की बिकवाली गेहूं में कमजोर है, ऐसे में अगर अगले सप्ताह तक ओएमएसएस में गेहूं बेचने की निविदा जारी नहीं की गई तो फिर मौजूदा कीमतों में और भी 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी बन सकती है।

हालांकि केंद्र सरकार ने गेहूं पर तत्काल प्रभाव से स्टॉक लिमिट लगाई हुई है जोकि 31 मार्च, 2025 तक लागू रहेगी।

केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर 266 लाख टन गेहूं की खरीद की थी, जोकि पिछले रबी विपणन सीजन में खरीदे गए 262.02 लाख टन की तुलना में थोड़ा ज्यादा है हालांकि यह तय लक्ष्य से कम रही। 

महाराष्ट्र में खरीफ फसलों की बुआई 6 फीसदी बढ़ी, कपास की पिछले साल के मुकाबले कम

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में चालू खरीफ सीजन में फसलों की कुल बुआई 5.85 फीसदी बढ़कर पांच अगस्त तक 139.46 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 131.74 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार राज्य में पहली जून से 6 अगस्त के दौरान 818.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो कि सामान्य की तुलना में 36 फीसदी ज्यादा है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 5 अगस्त 2024 तक राज्य में कपास की बुआई चालू खरीफ में 1.86 फीसदी घटकर केवल 40.70 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 41.47 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है।

चालू खरीफ में मक्का, बाजरा एवं धान के साथ ही ज्वार की बुआई राज्य में 28.45 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले की समान अवधि के 25.33 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। मोटे अनाजों में बाजरा की बुआई चालू खरीफ में 3.49 लाख हेक्टेयर में, मक्का की 10.97 लाख हेक्टेयर में तथा ज्वार की 1.05 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 3.29 लाख हेक्टेयर में, 8.33 लाख हेक्टेयर में और 1.07 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

धान की रोपाई राज्य में बढ़कर 11.61 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 11.76 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

दलहनी फसलों की बुआई चालू सीजन में राज्य में 18.93 लाख हेक्टेयर हो चुकी है, जबकि पिछले खरीफ में इस समय तक 15.12 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हुई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में 12.04 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 3.93 लाख हेक्टेयर में तथा मूंग की 2.29 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 10.71 लाख हेक्टेयर में, 2.24 लाख हेक्टेयर एवं 1.63 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

राज्य में चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई 51.36 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 49.82 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुआई राज्य में 49.73 लाख हेक्टेयर में तथा मूंगफली की 1.40 लाख हेक्टेयर में और शीशम की 7,513 हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 48.38 लाख हेक्टेयर और 1.29 लाख हेक्टेयर में और 4,101 हेक्टेयर में हुई थी।

खरीफ फसलों की बुआई 2.88 फीसदी बढ़कर 904 लाख हेक्टेयर के पार

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में फसलों की बुआई बढ़कर 2.88 फीसदी बढ़कर 904.60 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई केवल 879.22 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।


चालू खरीफ में जहां धान एवं दलहन के साथ ही तिलहन एवं मोटे अनाजों की बुआई के क्षेत्रफल में जहां बढ़ोतरी हुई है, वहीं कपास की रोपाई में कमी आई है।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार 1 जून से 1 अगस्त के दौरान देशभर में 454.7 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य: इस दौरान 469.2 मिमी बारिश होती है। अत: इस दौरान सामान्य से 3 फीसदी कम बारिश हुई है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार 2 अगस्त 2024 तक दलहनी फसलों की बुआई 10.93 फीसदी बढ़कर 110.61 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 99.71 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में 41.89 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 25.96 लाख हेक्टेयर में और मूंग की 31.62 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 33.27 लाख हेक्टेयर में, 26.21 लाख हेक्टेयर में तथा 28.15 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

मोठ की बुवाई चालू खरीफ में 7.86 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 8.90 लाख हेक्टेयर से कम है।

धान की रोपाई चालू खरीफ में थोड़ा घटकर 276.91 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी रोपाई 263.01 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

तिलहनी फसलों की बुआई बढ़कर चालू खरीफ सीजन में 179.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई केवल 174.53 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। तिलहनी फसलों में सोयाबीन की बुआई चालू खरीफ में 123.77 लाख हेक्टेयर में, मूंगफली की 44.06 लाख हेक्टेयर में और सनफ्लावर की 0.66 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 120.51 लाख हेक्टेयर में, 39.24 लाख हेक्टेयर में तथा 0.55 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

अन्य तिलहनी फसलों में शीशम की बुआई 9.51 लाख हेक्टेयर में, कैस्टर सीड की 1.41 लाख हेक्टेयर में तथा नाइजर की 0.23 लाख हेक्टेयर में हुई है।

मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 165.59 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 160.38 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। मोटे अनाजों में मक्का की 82.55 लाख हेक्टेयर में बाजरा 62.70 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार 13.53 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में मक्का की बुआई 74.56 लाख हेक्टेयर में, बाजरा की 65.99 लाख हेक्टेयर में तथा ज्वार की 12.88 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

कपास की बुआई खरीफ सीजन में 8.25 फीसदी घटकर 108.43 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 118.19 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

गन्ने की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 57.68 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 57.11 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है।

चालू खरीफ सीजन में कपास की बुआई 6 फीसदी से ज्यादा पिछड़ी

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक देशभर में कपास की बुआई 6.08 फीसदी पिछड़ कर केवल 107.07 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 113.88 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।


सूत्रों के अनुसार उत्तर भारत के राज्यों पंजाब में चालू खरीफ में कपास की बुआई एक लाख हेक्टेयर में, हरियाणा में 4.76 लाख हेक्टेयर में तथा राजस्थान में 4.94 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले खरीफ की समान अवधि में इन राज्यों में क्रमश: 2.14 लाख हेक्टेयर, 6.65 लाख हेक्टेयर तथा 7.73 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी।

कपास के प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र में चालू खरीफ में 31 जुलाई तक 40.49 लाख हेक्टेयर में तथा गुजरात में 23.15 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो पाई है, जबकि पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इन राज्यों में क्रमश: 40.78 लाख हेक्टेयर एवं 26.64 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। मध्य प्रदेश में चालू खरीफ सीजन में कपास की बुआई बढ़कर 6.08 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 5.79 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हुई थी।

उधर तेलंगाना में चालू खरीफ में कपास की बुआई 16.55 लाख हेक्टेयर में तथा आंध्र प्रदेश में 2.36 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 6.09 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक इन राज्यों में क्रमश: 17.41 लाख हेक्टेयर में, 2.56 लाख हेक्टेयर में तथा 2.44 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो पाई थी। तमिलनाडु में कपास की बुआई चालू खरीफ में 4 हजार हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 7 हजार हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।

ओडिशा में चालू खरीफ में कपास की बुआई 1.35 लाख हेक्टेयर में तथा अन्य राज्यों में 24 हजार हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इन राज्यों में क्रमश: 1.45 लाख हेक्टेयर में और 17 हजार हेक्टेयर में ही बुआई हुई थी।