नई दिल्ली। चालू साल 2026 के पहले सात महीनों जनवरी से जुलाई के दौरान देश में दलहन आयात 4 फीसदी बढ़कर 36.1 लाख टन का हुआ है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनका आयात 34.7 लाख टन का हुआ था। इस दौरान जहां मसूर, अरहर और पीली मटर के आयात में बढ़ोतरी हुई है, वहीं चना और उड़द के आयात में कमी दर्ज की गई।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू साल 2026 के जनवरी से जुलाई के दौरान मसूर का आयात बढ़कर 11.5 लाख टन का हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 663,583 टन की तुलना में 73 फीसदी से ज्यादा है। इस दौरान अरहर का आयात 44 फीसदी बढ़कर 579,147 टन का हो गया, जबकि साल 2025 के जनवरी से जुलाई के दौरान इसका आयात केवल 400,892 टन का ही हुआ था।
चालू साल 2026 के जनवरी से जुलाई के दौरान पीली मटर का आयात बढ़कर 729,456 लाख टन का हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 657,110 टन की तुलना में 11 फीसदी से ज्यादा है। हालांकि अन्य दालों का आयात चालू साल के पहले सात महीनों में, पिछले साल के 116,266 टन से थोड़ा कम होकर 115,335 टन का ही रह गया।
चालू साल 2026 के जनवरी से जुलाई के दौरान चना का आयात पिछले साल की इसी अवधि के 11.7 लाख टन से घटकर 641,564 टन का ही रह गया, तथा इसके आयात में 45 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। इस दौरान उड़द का आयात 458,860 टन से 14 फीसदी घटकर 394,535 टन का ही रह गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान, दालों का कुल आयात बढ़कर 17.3 लाख टन का हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 62 फीसदी से ज्यादा है।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जुलाई के दौरान देश में मसूर का आयात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 577,939 टन का हुआ है। इस दौरान अरहर का आयात 7 फीसदी बढ़कर 311,942 टन का हो गया, और पीली मटर का आयात लगभग 92 फीसदी बढ़कर 273,817 टन की तुलना में 524,565 टन का हो गया।
चने का आयात चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान 155 फीसदी बढ़कर 71,019 टन का हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका आयात केवल 27,802 टन का हुआ था। इस दौरान उड़द और दूसरी दालों के आयात में क्रमश: 20 फीसदी की और 5 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

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