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24 सितंबर 2026

स्पिनिंग मिलों की मांग घटने से गुजरात के साथ ही उत्तर भारत में कॉटन के दाम कमजोर

नई दिल्ली। नई फसल की आवकों को देखते हुए स्पिनिंग मिलों की मांग कमजोर होने के कारण मंगलवार को गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।


गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 200 रुपये कमजोर होकर 67,000 से 67,300 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो हो गए।

पंजाब में नई रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 100 रुपये कमजोर होकर 6,750 से 6,800 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 100 रुपये  कमजोर होकर 6,700 से 6,750 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 100 रुपये घटकर 6,750 से 6,800 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 64,000 से 65,000 रुपये कैंडी बोले गए।

मंगलवार को हरियाणा की एलनाबाद मंडी में रुई का व्यापार 6,750 से 6,790 रुपये, हथीन मंडी में रुई का व्यापार बोली पर 6,750 रुपये, कालावाली मंडी में रुई का व्यापार 6,750 रुपये तथा सिरसा मंडी में रुई का व्यापार 6,730 से 6,800 रुपये की दर से हुआ।

कॉटन कारपोरेशन आफ इंडिया, सीसीआई ने 22 सितंबर, मंगलवार को कॉटन के बिक्री भाव स्थिर रखे। इस दौरान निगम ने 1,200 गांठ कॉटन की बिक्री, जिसमें से स्पिनिंग मिलों ने 600 गांठ एवं ट्रेडर्स ने भी 600 गांठ कॉटन की खरीद की।

सीसीआई ने 18 सितंबर तक चालू फसल सीजन 2025-26 में खरीदी हुई, 94,29,700 गांठ कॉटन की बिक्री है तथा निगम के पास अभी भी करीब 9.50 लाख गांठ, एक गांठ 170 किलो कॉटन से ज्यादा का बकाया बचा हुआ है।

घरेलू बाजार में स्पिनिंग मिलों की खरीद कमजोर होने से गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में गिरावट आई। उत्तर भारत के राज्यों के साथ ही मध्य प्रदेश में नई कपास की आवक पहले की तुलना में है, तथा मौसम साफ रहा तो आगामी दिनों में आवकों में और बढ़ोतरी होगी। अन्य राज्यों की मंडियों में नई कपास की आवकों का दबाव अक्टूबर में बनेगा। इसलिए इसकी कीमतों पर दबाव बना रहने की उम्मीद है। इसलिए कॉटन की कीमतों में और भी नरमी आने का अनुमान है।

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