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12 सितंबर 2026

उत्तर भारत एवं मध्य प्रदेश में नई कपास की आवक शुरू, घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव

नई दिल्ली। उत्तर भारत के हरियाणा एवं राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश की मंडियों में नई कपास की आवक बढ़ने लगी है तथा मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में नई फसल की आवक और बढ़ेगी। विश्व बाजार में हाल ही में इसकी कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसलिए घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।


सोमवार को हरियाणा सिरसा मंडी में नरमा का व्यापार 9,108 रुपये और आवक 150 क्विंटल की हुई। इस दौरान भूना मंडी में नरमा का व्यापार 8,932 रुपये की दर से हुआ। कालावाली मंडी में नई नरमा का व्यापार 9,085 रुपये की दर से हुआ।

हरियाणा की आदमपुर मंडी में नई कपास की आवक 200 क्विंटल, बरवाला में 200 क्विंटल तथा राजस्थान की बीकानेर मंडी में 100 क्विंटल के अलावा सूरजगढ़ मंडी में 100 क्विंटल की हुई। उतर भारत के राज्यों में नई कॉटन की आवक बढ़कर 1,200 गांठ, एक गांठ 170 किलो और राजस्थान की मंडियों में 600 गांठ की हुई। इस दौरान मध्य प्रदेश की मंडियों में नई कपास की आवक बढ़कर 2,000 गांठ की हुई।

केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी सामान्य रेशा का 8,267 रुपये एवं लंबा रेशा 8,667 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है, जबकि उत्तर भारत के राज्यों की मंडियों में अच्छी क्वालिटी की कपास, एमएसपी से ऊंचे दाम पर बिक रही है। ऐसे में किसान माल रोक नहीं रहे हैं।

स्पिनिंग मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से सोमवार को गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में मंदा आया। गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 150 रुपये कमजोर होकर 68,800 से 69,000 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में नई रुई हाजिर डिलीवरी के भाव नरम होकर 6,750 से 6,850 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव नरम होकर 6,720 से 6,770 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 6,850 से 6,900 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 65,000 से 66,000 रुपये कैंडी बोले गए।

आईसीई कॉटन वायदा में बीते शुक्रवार को हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था तथा पिछले सप्ताह की गिरावट ने छह सप्ताह से लगातार चल रही तेजी का सिलसिला खत्म कर दिया था।

कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई ने 7 सितंबर, सोमवार को कॉटन के बिक्री भाव स्थिर रखे थे, तथा इस दौरान निगम से केवल 300 गांठ कॉटन की ही बिक्री हुई। नई फसल को देखते हुए स्पिनिंग मिलों ने कॉटन की खरीद नहीं की, जबकि ट्रेडर्स ने 300 गांठ कॉटन की खरीद की।

कृषि मंत्रालय के अनुसार कपास की बुवाई चालू खरीफ सीजन में 3 सितंबर तक 109.2 लाख हेक्टेयर में ही हुई, जबकि पिछले साल के 109.9 लाख हेक्टेयर से थोड़ी कम है।

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