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26 सितंबर 2026

उत्पादन अनुमान में कमी की आशंका से बासमती चावल के साथ ही धान के भाव तेज

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब एवं हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश की कमी से बासमती धान की पैदावार में कमी आने की आशंका है। उत्पादक राज्यों में गुरुवार को जहां बासमती चावल की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई, वहीं इन राज्यों की मंडियों में पूसा 1,509 किस्म के बासमती धान के दाम 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक तेज हुए।


हरियाणा एवं पंजाब लाइन से पूसा 1,509 किस्म के नए स्टीम चावल का व्यापार 200 रुपये तेज होकर 8,300 से 8,400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ। इस दौरान सेला चावल का व्यापार 8,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ तथा इसके दाम भी 200 रुपये तेज हुए। राजस्थान की बूंदी लाइन से पूसा 1,509 किस्म के सेला चावल का 300 से 400 टन का व्यापार 8,100 से 8,150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

राजपुरा मंडी में पूसा 1,509 किस्म के धान के भाव 225 रुपये तेज होकर 3,900 से 4,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि आवक करीब 8,000 बोरी की हुई। फरीदकोट मंडी में पूसा 1,509 किस्म के धान के दाम 300 रुपये तेज होकर 3,900 से 4,335 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली की नजफगढ़ मंडी में पूसा 1,509 किस्म के कंबाइन के धान के भाव तेज होकर 3,800 से 4,100 रुपये और हाथ की कटाई के बढ़कर 4,200 से 4,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

व्यापारियों के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में पूसा 1,509 किस्म के धान की आवक ज्यादा हो रही है, जबकि परमल, शरबती एवं एचआर 10 किस्म की अगेती फसल की छिटपुट आवक शुरू हो गई है। अक्टूबर में पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में परमल धान की आवक बढ़ेगी, तथा इन राज्यों में परमल धान की खरीद भी पहली अक्टूबर से शुरू होगी।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 23 सितंबर तक देशभर में बारिश सामान्य की तुलना में 15 फीसदी कम हुई है। इस दौरान पंजाब सामान्य से 40 फीसदी एवं हरियाणा में 23 फीसदी कम बारिश हुई है। अन्य राज्यों पूर्वी राजस्थान में 17 फीसदी और पश्चिमी राजस्थान में 30 फीसदी सामान्य के मुकाबले कम बारिश हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चालू सीजन में मानसूनी बारिश सामान्य के मुकाबले 11 फीसदी कम हुई है, हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 3 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

भारतीय खाद्य निगम, एफसीआई और राज्य की एजेंसियां पहली अक्टूबर से पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों से धान खरीदना शुरू करेगी, और नवंबर के आखिर तक पंजाब से 18 मिलियन टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। पिछले साल पंजाब से 15.7 मिलियन टन धान खरीदा था।

सरकार ने ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे कई बड़े चावल उत्पादक राज्यों से चालू खरीफ विपणन सीजन में, पिछले साल की तुलना में धान खरीदने का लक्ष्य  कम कर दिया है।

चालू खरीफ सीजन में देशभर में धान की बुआई पिछले साल की तुलना में लगभग 4 फीसदी घटकर 42.93 मिलियन हेक्टेयर रह गई, क्योंकि एल नीनो की वजह से खराब और असमान बारिश के कारण किसानों ने दूसरी फसल को तरजीह दी।

चालू खरीफ सीजन में धान बुआई में कमी के बावजूद, सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 71.95 मिलियन टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है, जो काफी हद तक पिछले साल के लगभग बराबर ही है।

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