नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई द्वारा कॉटन की बिक्री कीमतों में कटौती करने के बावजूद भी चालू सप्ताह में इसकी बिक्री में कमी देखी गई। नई फसल को देखते हुए स्पिनिंग मिल निगम से खरीद सीमित मात्रा में ही कर रही है।
सीसीआई ने चालू सप्ताह में कॉटन की बिक्री कीमतों में 1,700 से 2,000 रुपये प्रति कैंडी की कटौती की है, जबकि 21 से 25 सितंबर के द्वारा निगम ने केवल 10,700 गांठ कॉटन की बिक्री की है, जिसमें से स्पिनिंग मिलों ने 3,600 गांठ एवं ट्रेडर्स ने 7,100 गांठ कॉटन की खरीद की है। 25 सितंबर को निगम ने केवल 700 गांठ कॉटन की बिक्री की, जिसमें से स्पिनिंग मिलों ने 300 गांठ एवं ट्रेडर्स 400 गांठ की खरीद की।
घरेलू बाजार में स्पिनिंग मिलों की खरीद कमजोर बनी रहने से गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। चालू सप्ताह में उत्तर भारत के राज्यों के साथ ही मध्य प्रदेश में नई कपास की आवकों में बढ़ोतरी हुई है, तथा मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में कपास की आवकों में और बढ़ोतरी होगी। अन्य राज्यों की मंडियों में नई कपास की आवकों का दबाव अक्टूबर में बनेगा। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों पर दबाव बना रहने की उम्मीद है।
स्पिनिंग मिलों की मांग कमजोर बनी रहने के कारण शुक्रवार को लगातार चौथे दिन गुजरात के साथ ही उत्तर भारत में कॉटन की कीमतों में मंदा आया।
गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 250 रुपये कमजोर होकर 66,500 से 66,700 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए। पिछले चार कार्यदिवस में इसके दाम 750 रुपये प्रति कैंडी तक कमजोर हो चुके हैं।
पंजाब में नई रुई हाजिर डिलीवरी के भाव कमजोर होकर 6,625 से 6,675 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव घटकर 6,550 से 6,625 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में नई रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम घटकर 6,625 से 6,7675 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 63,500 से 63,800 रुपये कैंडी बोले गए।

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