नई दिल्ली। अगस्त 2026 में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 7 फीसदी घटकर 1,609,286 टन का ही हुआ है, जबकि पिछले साल अगस्त में इनका आयात 1,734,553 टन का हुआ था। अगस्त 2026 के दौरान खाद्य तेलों का आयात 1,572,136 टन का एवं अखाद्य तेलों का आयात 37,150 टन का हुआ है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार अगस्त में खाद्य एवं अखाद्य तेलों के आयात में गिरावट के बावजूद, चालू तेल वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों नवंबर-25 एवं अगस्त-26 के दौरान कुल आयात में पिछले तेल वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान कुल खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 13,884,169 टन का हुआ, जबकि नवंबर 2024 से अगस्त 2025 के दौरान 13,337,470 टन का आयात हुआ था, जो कि 4 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान खाद्य तेलों के आयात में बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले तेल वर्ष के इसी समय के 13,024,647 टन से बढ़कर 13,619,933 टन का हो गया।
एसईए के अनुसार नेपाल से रिफाइंड तेल के आयात में बढ़ोतरी जारी रही। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के दौरान, नेपाल ने भारत को 598,594 टन रिफाइंड तेल निर्यात किया, जिसमें 531,557 टन रिफाइंड सोया तेल, 33,881 टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 28,728 टन आरबीडी पामोलिन और 4,428 टन रेपसीड तेल शामिल हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि नेपाल मुख्य रूप से क्रूड सोया तेल आयात कर रहा है और रिफाइनिंग के बाद, भारत को रिफाइंड सोया तेल का निर्यात कर रहा है। नेपाल, भारत को साफ्टा एग्रीमेंट के तहत शून्य शुल्क पर खाद्य तेलों का निर्यात करता है।
एसईए के अनुसार नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के दौरान, रिफाइंड तेल के आयात गिरावट आकर यह 659,344 टन रह का गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका आयात 1,636,228 टन का हुआ था। इसलिए, इंडोनेशिया और मलेशिया से रिफाइंड पामोलिन के बहुत कम आयात की वजह से इसका हिस्सा 13 फीसदी से घटकर 5 फीसदी का रह गया। इसी दौरान क्रूड खाने के तेल का आयात बढ़कर 12,960,589 टन का हो गया, जबकि तेल वर्ष की समान अवधि में इसका आयात 11,388,419 टन का हुआ था। अत। इसकी हिस्सेदारी 87 फीसदी से बढ़कर 95 फीसदी की हो गई। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से क्रूड पाम तेल के ज्यादा आयात की वजह से हुई, जिसने रिफाइंड पामोलिन के आयात की जगह ले ली। नेपाल से भारत को रिफाइंड सोया तेल का आयात भी बढ़ा है।
नवंबर 25 से अगस्त 26 के दौरान, पाम तेल का आयात नवंबर 24 से अगस्त 25 के 6,147,344 टन से बढ़कर 6,534,139 टन का हो गया, और इसका हिस्सा 47 फीसदी से थोड़ा बढ़कर 48 फीसदी का हो गया, जिसकी वजह क्रूड पाम तेल का ज्यादा आयात था। इस बीच, सॉफ्ट ऑयल का आयात 6,877,303 टन से बढ़कर 7,085,794 टन का हो गया, जिसका मुख्य कारण सोया तेल के आयात में हुई बढ़ोतरी है, तथा इसकी हिस्सेदारी 53 फीसदी से थोड़ा घटकर 52 फीसदी की रह गई।

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