नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में कपास का उत्पादन 8.59 फीसदी बढ़कर 2,814,706 गांठ, एक गांठ 170 किलो होने का अनुमान है। पिछले खरीफ सीजन में इन राज्यों में कपास का उत्पादन 2,592,098 गांठ का ही हुआ था।
इंडियन कॉटन एसोसिएशन लिमिटेड, आईसीएएल द्वारा जारी अग्रिम अनुमान के अनुसार पंजाब में चालू खरीफ सीजन 2026-27 में कपास का उत्पादन 6.21 फीसदी बढ़कर 146,500 गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले खरीफ सीजन में इसका उत्पादन 137,939 गांठ का ही हुआ था।
हरियाणा में चालू खरीफ सीजन में कपास का उत्पादन 21.21 फीसदी बढ़कर 800,500 गांठ होने का अनुमान है, जबकि पिछले खरीफ सीजन में राज्य में इसका उत्पादन 660,451 गांठ का ही हुआ था।
राजस्थान के गंगानगर क्षेत्र में कपास का उत्पादन चालू खरीफ सीजन में 7.75 फीसदी बढ़कर 1,176,500 गांठ होने का अनुमान है, जबकि पिछले खरीफ सीजन में इसका उत्पादन केवल 1,091,856 गांठ का ही हुआ था। हालांकि लोअर राजस्थान में चालू खरीफ सीजन में कपास का उत्पादन 0.50 फीसदी कम होकर 776,500 गांठ का ही होने का अनुमान है जबकि पिछले खरीफ में इसका उत्पादन 780,400 गांठ का हुआ था।
आईसीएएल के अनुसार चालू फसल सीजन में इन राज्यों की मंडियों में अभी तक 195,525 गांठ कॉटन की आवक हो चुकी है, जबकि पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इसकी आवक केवल 102,611 गांठ की ही हुई थी। अभी तक हुई कुल आवक में से 161,069 गांठ की ओटाई हो चुकी है जबकि 32,903 गांठ का अनजिंड स्टॉक है। इसके अलावा 4,659 गांठ का स्टॉक प्राइवेट गोदामों में तथा 1,553 गांठ कॉटन सीधी मिलों पर पहुंची है।
कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई के गोदामों में 2025-26 फसल सीजन की कॉटन का बकाया स्टॉक सितंबर 2026 के अंत में 24,538 गांठ का बचा हुआ है। राज्य की एमएनसी कंपनियों के पास सितंबर अंत में 30 हजार गांठ कॉटन का बकाया फसल सीजन 2025-26 का स्टॉक बचा हुआ है।

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