नई दिल्ली। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने वर्ष 2026-27 के लिए भारत से यूरोपीय संघ (ईयू) को 5,841 टन चीनी के निर्यात का कोटा आवंटित किया है। यह कोटा टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था के तहत अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है।
डीजीएफटी द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को जारी सार्वजनिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। यह आवंटन विदेश व्यापार नीति, 2023 के पैराग्राफ 2.04 के तहत किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार एचएस कोड 17010000 के अंतर्गत टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ को चीनी का निर्यात “मुक्त” श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, यह निर्यात 20 अप्रैल 2015 की अधिसूचना संख्या 03/2015-20 में निर्धारित प्रतिबंधों की प्रकृति से संबंधित शर्तों के अधीन रहेगा।इस निर्यात कोटे को लागू करने वाली एजेंसी के रूप में नई दिल्ली स्थित कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जहां आवश्यक होगा, यूरोपीय संघ को प्राथमिकता-आधारित चीनी निर्यात के लिए उत्पत्ति प्रमाणपत्र मुंबई स्थित विदेश व्यापार के अतिरिक्त महानिदेशक द्वारा जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र पात्र निर्यातकों और निर्यात की मात्रा के संबंध में एपीडा की सिफारिश के आधार पर जारी होगा।
यूरोपीय संघ को चीनी निर्यात के लिए लागू अन्य विशिष्ट प्रमाणन आवश्यकताएं भी जारी रहेंगी।अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि निर्यातकों को 20 अप्रैल 2015 की अधिसूचना संख्या 03/2015-2020 और 7 सितंबर 2015 की अधिसूचना संख्या 20/2015-2020 के साथ पढ़ी जाने वाली रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना होगा।

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