नई दिल्ली। महाराष्ट्र की चीनी मिलों को नए गन्ना पेराई 2026-27 सत्र शुरू करने के लिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। एफआरपी (उचित एवं लाभकारी मूल्य) का पूरा भुगतान करने वाली 210 चीनी मिलों को पेराई शुरू करने की अनुमति दी गई है। इनमें 104 सहकारी और 106 निजी चीनी मिलें शामिल हैं।
राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से गन्ना पेराई सत्र शुरू करने की अनुमति दी है। कोल्हापुर के साथ ही सांगली और सतारा जिलों की कुछ चीनी मिलों के अगले सप्ताह से ही शुरू होने की संभावना है। चीनी आयुक्त कार्यालय पेराई सीजन सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रयासरत है।
गन्ना पेराई लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। चीनी आयुक्त कार्यालय के अनुसार 1 से 30 सितंबर के बीच राज्य की 104 सहकारी और 106 निजी मिलों को मिलाकर कुल 210 चीनी मिलों ने आवेदन किए हें।
बारिश की कमी के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में गन्ने की वृद्धि अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई है। इसी वजह से किसान संगठनों की ओर से पेराई सत्र जल्द शुरू करने का विरोध किया जा रहा है। इस पृष्ठभूमि में चीनी मिलें 15 अक्टूबर से पहले या उसके बाद भी शुरू की जा सकती हैं। हालांकि, 15 अक्टूबर की तारीख निर्धारित किए जाने के कारण यथासंभव इसी दिन पेराई शुरू करने का आह्वान चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने किया है।
9 सितंबर को हुई मंत्री समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की सहकारी और निजी चीनी मिलों को 15 अक्टूबर या उससे पहले गन्ना पेराई सत्र शुरू करने की मंजूरी दी है। इसी के अनुसार चीनी मिलों को पेराई लाइसेंस जारी किए गए हैं। चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते के अनुसार राज्य में निजी और सहकारी चीनी मिलों को गन्ना पेराई सत्र शुरू करने के लिए लाइसेंस दिए गए हैं। पेराई सत्र जल्द शुरू करने की कोई बाध्यता नहीं है तथा 15 अक्टूबर से पहले या उसके बाद भी चीनी मिलों में पेराई शुरू की जा सकती हैं।

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