नई
दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिसंबर के लिए घरेलू बाजार में बिक्री के लिए
21.5 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है। सरकार ने इस महीने के बचे कोटे की
बिक्री के लिए भी कोई मोहलत नहीं दी है। व्यापारियों के अनुसार दिसंबर के
लिए कोटा तय अनुमान से कम आया है, जबकि खपत का सीजन बना हुआ है। इसलिए
मौजूदा कीमतों में हल्का सुधार तो बन सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार नहीं
है।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने दिसंबर के
लिए 21.5 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है जो पिछले साल दिसंबर के कोटे
के बराबर है। कारोबारियों को उम्मीद थी कि कोटा कम से कम 22 या 22.5 लाख टन
का आयेगा। सरकार ने नवंबर 2021 के लिए कोटा 22.5 लाख टन का कोटा जारी किया
था। नवंबर में अक्टूबर के कोटे की बची चीनी बेचने की भी अनुमति दी गई थी,
इसलिए नवंबर में चीनी की कुल उपलब्धता ज्यादा थी। जानकरों के अनुसार नवंबर
के कोटे की भी करीब 2.5 से 3 लाख टन चीनी मिलों के पास बगैर बिकी हुई बची
है।
30 नवंबर 2021
दिसंबर के लिए 21.5 लाख टन चीनी का कोटा जारी
29 नवंबर 2021
आयातित मसूर और चना मुंबई में नरम, अरहर के भाव में सुधार, दिल्ली में दालें नरम
नई
दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने के कारण सोमवार को मुंबई में
शुरूआती कारोबार में मसूर के साथ ही चना की कीमतों में गिरावट आई जबकि अरहर
की कीमतों में सुधार आया। दिल्ली में मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से
चना, मूंग और मसूर में गिरावट दर्ज की गई।
तंजानिया लाईन की अरुषा
और मटवारा अरहर की कीमतों में 50-50 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 5,150 से
5,2000 रुपये और 5,050- से 5,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मोजाम्बिक
लाईन की गजरी अरहर के भाव भी 50 रुपये तेज होकर 5,150 रुपये प्रति क्विंटल
हो गए। मलावी अरहर की कीमतें भी 50 रुपये तेज होकर 4,650 से 4,750 रुपये
प्रति क्विंटल हो गई। सूडान की अरहर के भाव 6,050-6,100 रुपये प्रति
क्विंटल पर स्थिर बने रहे। दाल मिलों की सीमित मांग से बर्मा की लेमन अरहर
के भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
अरहर की
कीमतों में सुधार आने की संभावना है क्योंकि नीचे दाम पर स्टॉकिस्टों की
बिकवाली नहीं आ रही है। उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश से अरहर की नई
फसल की कटाई में देरी होने की आशंका है, साथ ही मौसम विभाग ने आगे अभी मौसम
और खराब होने की भविष्यवाणी जारी की हुई है।
जानकारों के अनुसार
चालू सीजन में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में अरहर की फसल को 20 से 40 फीसदी
तक नुकसान होने की संभावना है। महाराष्ट्र में अरहर की फसल को 10 से 15
फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। अत: चालू सीजन में अरहर के कुल उत्पादन
अनुमान में 20 फीसदी की कमी आने की आशंका है।
इसके अलावा, सरकारी एजेंसियों द्वारा निविदा के माध्यम से खरीद करने से अरहर की कीमतों में सुधार आने का अनुमान है।
दाल
मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से कनाडा की मसूर के भाव मुंबई, मुंद्रा
और हजिरा बंदरगाह के साथ ही आस्ट्रेलियाई मसूर की कीमतें मुंबई में कंटेनर
में 50 रुपये प्रति क्विंटल नरम हो गई।
दिल्ली में मसूर के दाम 25 रुपये घटकर 7,600 से 7,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई
में तंजानिया के चना में दाल मिल की हाजिर मांग कमजोर होने से भाव में 25
रुपये की गिरावट आकर भाव 4,775 से 4,875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। नेफेड
लगातार अपने स्टॉक से चना की बिकवाली कर रही है।
दिल्ली में चना की
कीमतों में 25-25 रुपये की गिरावट आकर राजस्थानी चना के दाम 5,150 रुपये
और मध्य प्रदेश के चना के भाव 5,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
राजस्थान लाईन की मूंग के दाम दिल्ली में घटकर 4,500 से 6,100 रुपये और बेस्ट क्वालिटी के भाव 6,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मिलों द्वारा एक्स फैक्ट्री भाव बढ़ने से चीनी हाजिर में तेज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में चीनी द्वारा एक्स मिल भाव बढ़ाने से सोमवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित उत्तरी भारत में चीनी के थोक भाव तेज हो गए। उत्तर भारत की तेजी के कारण दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों के बाजारों में चीनी में मजबूती देखी गई। इन क्षेत्रों की मिलों ने भी फैक्ट्री रेट 10 रुपये बढ़ा दिए। जानकारों का कहना है कि अगले महीने का कोटा कम आने की संभावना से भी चीनी में भाव बढ़े हैं।
उत्तर प्रदेश की कई मिलों ने एक्स फैक्ट्री भाव में बढ़ोतरी की है। इसके बाद थोक बाजारों में व्यापारियों और स्टॉकिस्टों ने भी चीनी के भाव बढ़ाने शुरू कर दिए। पिछले हफ्ते राज्य की मिलों ने एक्स फैक्ट्री भाव बढ़ाने पर ज्यादातर व्यापारियों ने दाम नहीं बढ़ाये थे, लेकिन आज थोक बाजारों में चीनी के दाम 100 से 140 रुपये क्विंटल तक तेज हो गए। व्यापारियों के अनुसार मिलों ने एक्स फैक्ट्री भाव पिछले दो कार्यदिवसों में 40-50 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाए हैं। इसके अलावा ट्रकों की कमी होने के कारण भाड़े भी बढ़ गए हैं जिससे थोक बाजारों में आज तेजी दर्ज की गई।
28 नवंबर 2021
26 नवंबर 2021
रबी फसलों की बुआई 346 लाख हेक्टेयर के पार, तिलहन की 27.34 फीसदी ज्यादा
नई दिल्ली। चालू सीजन में 26 नवंबर 2021 तक रबी फसलों की बुआई 7.26 फीसदी बढ़कर 346.13 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 322.70 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार तिलहनी फसलों की बुआई मेें चालू रबी में 27.34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि रबी दलहन की बुआई 3.73 फीसदी आगे चल रही है। रबी फसलों की बुआई में तेजी आने लगी है।
मंत्रालय के अनुसार तिलहनी फसलों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 76.60 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 60.15 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 71.85 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 55.96 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। अन्य तिलहनी फसलों में सनफ्लवर की बुआई 69 हजार हेक्टेयर में, मूंगफली की 2.14 लाख हेक्टेयर में और सफ्लावर की 43 हजार हेक्टेयर के अलावा केस्टर सीड की बुआई 1.19 लाख हेक्टेयर में हुई है।
रबी दालों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 97.53 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अविध इनकी बुआई 94.02 लाख हेक्टेयर में हुई थी। रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुआई चालू रबी में बढ़कर 70.01 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इसकी बुआई 65.21 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मसूर की बुआई चालू रबी में 10.94 लाख हजार हेक्टेयर में, मटर की 7.18 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 2.41 हेक्टेयर में हुई है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 11.07 लाख हेक्टेयर में, 7.23 लाख हेक्टेयर में और 2.35 लाख हेक्टेयर में हुई थी।
मोटे अनाजों की बुआई चालू रबी में 25.87 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 26.80 लाख हेक्टेयर से थोड़ी कम है। मोटे अनाजों में ज्वार की बुआई चालू रबी में 17.15 लाख हेक्टेयर में और मक्का की 4.49 लाख हेक्टेयर में तथा जौ की बुआई 3.92 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 18.34 लाख हेक्टेयर में, 4.52 लाख हेक्टेयर में और 3.57 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।
रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई चालू रबी में 138.35 लाख हेक्टेयर में हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 133.84 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।
धान की रोपाई चालू रबी में 7.78 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इसकी रोपाई 7.89 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।
25 नवंबर 2021
बर्मा की अरहर और मसूर की कीमतों में गिरावट, मूंग और चना में आया सुधार
नई दिल्ली। बढ़े भाव में दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने के कारण गुरूवार को दिल्ली के नया बाजार में बर्मा की अरहर के साथ ही मसूर की कीमतों में गिरावट आई जबकि मूंग के साथ ही चना की कीमतों में तेजी आई। मुंबई में अरहर और उड़द की कीमतों में भी नरमी आई, जबकि मसूर के दाम स्थिर बने रहे।
व्यापारियों के अनुसार अरहर की कीमतों में पिछले चार, पांच दिनों से लगातार तेजी बनी हुई थी, अत: बढ़े भाव में मिलों की मांग तो कमजोर हुई है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम अभी भी खराब बना हुआ है। ऐसे में आगे अरहर की कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक उत्पादक राज्यों में मौसम कैसा रहता है, इस पर भी निर्भर करेगी।
अन्य बाजारों में कीमतों में आई नरमी से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर नई और पुरानी की कीमतों में 50-50 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,350 से 6,375 रुपये और 6,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम 50 रुपये घटकर 5,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान अफ्रीका की अरहर के दाम 25 रुपये कम होकर 6,075 से 6,100 प्रति क्विंटल रह गए। अरुषा एवं मोजांबिक की अरहर के दाम इस दौरान क्रमश: 5,100 से 5,150 रुपये एवं 5,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
सूत्रों के अनुसार कीमतेंं तेज होने के कारण तमिलनाडु राज्य सरकार ने 60,000 टन अरहर दाल खरीदने की निविदा को रद्द कर दिया है, जिससे अरहर की कीमतों पर दबाव बना है।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में कनाडा की मसूर के दाम 25 रुपये घटकर 7,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मध्य प्रदेश की मसूर के दाम इस दौरान 7,650 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई में कनाडा की मसूर के दाम कंटेनर में 7,250 से 7,300 रुपये और आस्ट्रेलियाई मसूर के भाव कंटेनर में 7,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। कनाडा की मसूर मुंद्रा बंदरगाह के साथ ही हजीरा बंदरगाह पर क्रमश: 7,150 रुपये और 7,200 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्वस्तर पर टिकी रही।
कानपुर में देसी मसूर के दाम 25 रुपये घटकर 7,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी मेंं देसी मसूर की कीमतों में 50 रुपये का मंदा आकर भाव 7,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
हालांकि नेफेड निजी आयातकों से आयातित मसूर की खरीद के लिए सक्रिय है, हालांकि व्यापारियों को डर है कि नेफेड आगे इसकी बिकवाली भाव घटाकर कर सकती है, इसलिए व्यापार सीमित मात्रा में ही कर रहे हैं।
चना की कीमतों में दिल्ली में 25 रुपये की तेजी आकर राजस्थानी चना के भाव 5,250 से 5,275 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मध्य प्रदेश के चना के भाव भी बढ़कर 5,150 से 5,175 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मटर के दाम कानपूर मंडी में 50 रुपये तेज होकर 5,850 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
अच्छी क्वालिटी की मूंग के दाम दिल्ली में तेज होकर 6,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि हल्की क्वालिटी की मूंग के दाम 4,500 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
दाल मिलों की कमजोर मांग से मुंबई में एफएक्यू उड़द के दाम 25 रुपये घटकर 6,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
बर्मा में लेमन अरहर और उड़द नरम, खराब मौसम से घरेलू बाजार में अरहर में तेजी जारी
नई
दिल्ली। बर्मा में स्थानीय एवं निर्यात मांग कमजोर होने के कारण बुधवार को
लेमन अरहर के साथ ही उड़द की कीमतों में पांच-पांच डॉलर प्रति टन की
गिरावट दर्ज की गई, लेकिन घरेलू बाजार में उत्पादक राज्यों में खराब मौसम
बना रहने से अरहर की कीमतों में तेजी जारी रही, जबकि उड़द के दाम चेन्नई
में तेज हुए तथा अन्य मंडियों में स्थिर हो गए।
मसूर में बढ़े भाव
में मांग कम होने से हल्की नरमी आई, जबकि नेफेड ने निजी आयातकों के करीब
3,750 टन आयातित मसूर की खरीद की। चना में बिकवाली कम आने से दाल स्थिर बने
रहे, लेकिन मूंग की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
बर्मा में
लेमन अरहर के दाम आज 5 डॉलर घटकर भाव 765 डॉलर प्रति टन, सीएंडएफ रह गए।
इसी तरह से उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में पांच-पांच डॉलर की गिरावट
आकर भाव क्रमश: 885 डॉलर और 995 डॉलर प्रति टन रह गए। जानकारों के अनुसार
बर्मा में आगामी दिनों में नई लेमन अरहर की आवक बढ़ेगी, इसलिए मौजूदा
कीमतों में तेजी की उम्मीद नहीं है। वैसे भी अगले महीने घरेलू मंडियों में
देसी अरहर की आवक शुरू हो जायेगी, इसलिए बर्मा से भारतीय आयातकों की मांग
भी कमजोर रहेगी।
भारतयी मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पिछले 24
घंटों के दौरान, तमिलनाडु, तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण मध्य
महाराष्ट्र और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कई जगहांं पर हल्की से मध्यम
बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण
मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की
संभावना है। अरहर के उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश से जहां नई फसल की
आवकों में देरी होगी, वहीं क्वालिटी भी प्रभावित होने का डर है। कर्नाटक के
कुछ क्षेत्रों में पहले ही फसल को नुकसान होने के समाचार है। ऐसे में
घरेलू बाजार में आगे अरहर की कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक मौसम पर भी
निर्भर करेगी।
अन्य बाजारों में भाव में आये सुधार के साथ ही नीचे
दाम पर दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर नई
की कीमतों में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 6,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इस दौरान पुरानी लेमन अरहर के दाम 6,200 से 6,225 रुपये प्रति क्विंटल पर
स्थिर बने रहे।
नीचे दाम पर मिलों की मांग बढ़ने से बर्मा की लेमन
अरहर नई के भाव में मुंबई में 25 रुपये की तेजी आकर भाव 6,000 से 6,025
रुपये प्रति क्विंटल हो गए। तंजानिया लाईन की अरुषा अरहर के भाव में 50
रुपये की तेजी आकर भाव 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। दूसरी और,
मोजाम्बिक लाईन की गजरी अरहर के भाव 5,050-5,100 रुपये प्रति क्विंटल पर
स्थिर बने रहे। मलावी अरहर के दाम 4,650 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
सूडान की अरहर के भाव भी 6,050-6,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। दूसरी
ओर, मटवारा अरहर की कीमतें 5,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही।
स्थानीय
मिलों की मांग सुधरने से मुंबई में बर्मा उड़द एफएक्यू नई और पुरानी की
कीमतों में 25-25 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमशः 6,900 से 6,925 रुपये और
6,800 से 6,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में उड़द एसक्यू
हाजिर डिलीवरी के दाम 25 रुपये तेज होकर 7,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए,
जबकि उड़द एफएक्यू दिसंबर डिलीवरी के भाव भी 25 रुपये बढ़कर 6,950 रुपये
प्रति क्विंटल हो गए। बर्मा उड़द एसक्यू जनवरी और दिसंबर डिलीवरी के भाव
क्रमश: 7,725 रुपये और 7,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई
में कनाडा की मसूर के दाम कंटेनर में 7,250 से 7,300 रुपये एवं
आस्ट्रेलियाई मसूर के भाव कंटेनर में 7,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर
बने रहे। मुुंद्रा और हजिरा बंदरगाह पर मसूर के भाव क्रमश: 7,150 रुपये और
7,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
नेफेड ने दिल्ली से
निजी आयातों से 2,500 टन मसूर की खरीद 7,540 रुपये प्रति क्विंटल एवं बिहार
से 1,200 टन मसूर की खरीद 7,537 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की।
दिल्ली में मसूर के दाम 50 रुपये घटकर 7,625 से 7,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
लारेंस रोड़ पर राजस्थानी चना के दाम 5,250 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के भाव 5,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
राजस्थान
लाईन की मूंग के दाम दिल्ली में 100 रुपये घटकर 4,500 से 6,200 रुपये और
बढ़िया क्वालिटी के भाव 6,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
उधर मध्य
प्रदेश की इंदौर मंडी में बढ़िया क्वालिटी की मूंग के दाम 100 रुपये तेज
होकर 7,000 से 7,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि हल्की क्वालिटी के
भाव 6,000 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
