नई दिल्ली। गुजरात में चालू खरीफ सीजन में फसलों की 59.59 फीसदी हो चुकी है जोकि पिछले साल की तुलना में पीछे चल रही है। राज्य में 20 जुलाई तक केवल 5,083,079 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 5,838,630 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अत: राज्य में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में फसलों की कुल बुआई 12.94 फीसदी पीछे चल रही है।
भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 19 जुलाई तक गुजरात रीजन में सामान्य की तुलना में 26 फीसदी और सौराष्ट्र तथा कच्छ में इस दौरान सामान्य के मुकाबले 42 फीसदी कम बारिश हुई है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 20 जुलाई तक कपास की बुआई घटकर 1,875,844 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 1,962,033 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी, जबकि आमतौर पर राज्य में कपास की बुआई 2,383,232 हेक्टेयर में होती है। अत: सामान्य के हिसाब से कुल बुआई अभी तक कुल 78.71 फीसदी ही हुई है।
चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई घटकर 1,925,981 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 2,248,416 हेक्टेयर में हो चुकी थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल मूंगफली की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 1,648,115 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 1,942,143 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। इस दौरान सोयाबीन की बुआई 248,651 हेक्टेयर में एवं शीशम की 6,311 हेक्टेयर के अलावा कैस्टर सीड की 22,833 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 224,964 हेक्टेयर में, 25,980 हेक्टेयर में तथा 55,179 हेक्टेयर में हो चुकी थी।
चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई घटकर 198,812 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 194,211 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अरहर की बुआई राज्य में अभी तक केवल 136,502 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 116,901 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। उड़द की बुआई राज्य में केवल 48,973 हेक्टेयर में तथा मूंग की 8,227 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 39,031 हेक्टेयर एवं 32,990 हेक्टेयर में हो चुकी थी।
धान के साथ ही मोटे अनाजों की बुआई घटकर 534,043 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 687,767 हेक्टेयर में ही बुआई हो चुकी थी। धान की रोपाई 225,508 हेक्टेयर में तथा मक्का की बुआई 219,642 हेक्टेयर के अलावा बाजरा की 80,763 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 341,785 हेक्टेयर में, 219,016 हेक्टेयर में तथा 123,522 हेक्टेयर में हो चुकी थी।

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