नई दिल्ली। काटन कारपोरेशन आफ इंडिया, सीसीआई ने जून में ई-ऑक्शन के तहत 9,41,800 गांठ, एक गांठ-170 किलो कॉटन की बिक्री की। चालू सप्ताह में 29 जून से 3 जुलाई के दौरान निगम ने 55,400 गांठ बेची तथा इस दौरान निगम ने इसकी बिक्री कीमत स्थिर रखी।
सूत्रों के अनुसार निगम के पास अभी भी 24 लाख गांठ से ज्यादा कॉटन का बकाया स्टॉक बचा हुआ है जिसकी बिक्री निगम द्वारा घरेलू बाजार में लगातार की जा रही है। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई की बिक्री कीमतों के अनुरूप ही बनेगी।
प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की कीमत चालू सप्ताह में स्थिर से नरम हुई। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में कपास की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।
स्पिनिंग मिलों की मांग सीमित होने के कारण शनिवार को गुजरात में कॉटन की कीमत स्थिर हो गई, जबकि इस दौरान उत्तर भारत के राज्यों में इसके भाव स्थिर से नरम हुए। प्राइवेट जिनिंग मिलों के पास अच्छी क्वालिटी की कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। अत: अच्छी क्वालिटी कपास की खरीद के लिए मिलों को सीसीआई एवं एमएनसी कंपनियों से करनी पड़ रही है।
केंद्र सरकार ने घरेलू टेक्सटाइल उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए 1 जून, 2026 से आगामी पांच महीनों के लिए कॉटन आयात पर से सभी कस्टम ड्यूटी समाप्त की हुई है, जिस कारण इसके आयात में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। घरेलू बाजार में कॉटन का सबसे ज्यादा स्टॉक सीसीआई के पास ही है। चालू सीजन में कॉटन का आयात भी बढ़ने का अनुमान है। उधर प्राइवेट जिनर्स के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है, जिस कारण इनकी बिकवाली कमजोर है। यार्न में स्थानीय एवं निर्यात मांग हाल ही में कमजोर हुई है।
गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 63,200 से 63,500 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो स्थिर हो गए।
पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 6,200 से 6,375 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 6,020 से 6,050 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम नरम होकर 6,050 से 6,375 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 57,500 से 58,500 रुपये कैंडी बोले गए।

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