नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल की तुलना में पीछे चल रही है। हालांकि राज्य में खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल मूंगफली की बुआई में तो बढ़ोतरी हुई है लेकिन कपास सहित अन्य फसलों की बुआई पिछड़ी है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 29 जुलाई तक राज्य में खरीफ फसलों की बुआई 48.04 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 52.803 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। चालू खरीफ सीजन में राज्य में 165.39 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया है।
चालू खरीफ में कपास की बुआई राज्य में 4.87 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 5.79 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मूंगफली की बुआई राज्य में बढ़कर 7.13 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 5.76 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है।
चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों की बुआई घटकर 16.92 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 24.54 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में बाजरा की बुआई 13.41 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जोकि पिछले साल इस समय तक 18.73 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। राज्य में मक्का की बुआई 1.12 लाख हेक्टेयर में और ज्वार की बुआई 1.92 लाख हेक्टेयर में तथा धान की रोपाई केवल 36 हजार हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 3.14 लाख हेक्टेयर में, 2.30 लाख हेक्टेयर में और 35 हजार हेक्टेयर में हो चुकी थी।
दलहनी फसलों की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 10.63 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 9.01 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है। खरीफ दलहन में मूंग की बुआई 8.31 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 7.33 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़ी है। राज्य में मोठ की बुआई 1.79 लाख हेक्टेयर में तथा उड़द की 19 हजार हेक्टेयर में तथा छौला की 32 हजार हेक्टेयर में हुई है।
चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई राज्य में घटकर 7.89 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 8.67 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो चुकी थी। तिलहनी फसलों में मूंगफली की बुआई 7.13 लाख हेक्टेयर में तथा सोयाबीन की 62 हजार हेक्टेयर में तथा शीशम की बुआई 12 हजार हेक्टेयर में हुई है।
ग्वार सीड की बुआई चालू खरीफ में राज्य में 4.40 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक 2.58 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

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