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18 जुलाई 2026

चीनी की कीमतों में चल रही तेजी रोकने के लिए सरकार ले सकती है आयात का सहारा

नई दिल्ली। घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में चल रही तेजी को रोकने के लिए केंद्र सरकार शून्य शुल्क पर करीब 8 से 10 लाख टन चीनी के आयात को मंजूरी दे सकती है। इसके साथ ही सरकार बाजार में हस्तक्षेप के लिए स्टॉक सीमा लगाने के साथ ही कुछ अन्य कड़े कदम उठा सकती है।


सूत्रों के अनुसार महीने भर में घरेलू बाजार में चीनी की थोक कीमतों में 410 से 600 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है तथा खपत का सीजन होने के कारण आगामी दिनों में इसकी मांग और बढ़ने की उम्मीद है, जिस कारण भाव तेज ही बने रहने की संभावना है। चीनी की घरेलू मांग बढ़ने और कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार द्वारा देश में चीनी के कुल उपलब्धता की समीक्षा की जा रही हैं तथा घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाएं रखने के लिए आयात पर विचार किया जा रहा हैं।

दिल्ली में शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को चीनी के थोक दाम बढ़कर 4,850 रुपये, कानपुर में 4,880 रुपये तथा मुंबई में 4,820 रुपये और कोलकाता में 4,960 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मालूम हो कि दिल्ली में 17 जून 2026 को चीनी के थोक भाव 4,440 रुपये, कानपुर में 4,450 रुपये तथा मुंबई में 4,220 रुपये और कोलकाता में 4,450 रुपये प्रति क्विंटल थे।

चीनी की कीमतों में यह बढ़ोतरी उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरी के बावजूद हुई है। पेराई सीजन 2025-26 में देश में चीनी का उत्पादन लगभग 280 लाख टन होने का अनुमान है, जो कि इसके पिछले पेराई सीजन के 262 लाख टन की तुलना में अधिक है।

जानकारों के अनुसार केंद्र सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के लिए 8 से 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति देने पर विचार कर रही है। आयात के अलावा सरकार मौजूदा मासिक रिलीज व्यवस्था को बदलकर साप्ताहिक और पखवाड़ेवार चीनी रिलीज एवं डिस्पैच व्यवस्था लागू करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति को बेहतर बनाना है। केंद्र सरकार चीनी आयात की अनुमति देने के साथ-साथ व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू करने पर भी विचार कर रही है।

देश में इससे पहले भी चीनी का आयात किया है। देश ने 2009-10 में 41 लाख टन, 2012-13 में 15 लाख टन और 2017-18 में 2 लाख टन चीनी का आयात किया था। साल 2009 में घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 17 अप्रैल से 1 अगस्त 2009 के दौरान चीनी के आयात की अनुमति दी थी।

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 2025-26 चीनी सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दी थी, जिसमें से अब तक केवल 7.5 लाख टन चीनी का ही निर्यात हुआ है।

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