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09 जुलाई 2026

कमजोर मानसून से गुजरात में खरीफ फसलों की बुआई पिछड़ी - कृषि निदेशालय

नई दिल्ली। मानसूनी बारिश की कमी से गुजरात में चालू खरीफ सीजन 2026 फसलों की बुआई पीछे चल रही है। राज्य में 6 जुलाई तक केवल 1,854,564 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 4,305,997 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अत: राज्य में अभी कुल 21.74 फीसदी में ही फसलों की बुआई हो पाई है।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 7 जुलाई तक गुजरात रीजन में सामान्य की तुलना में 12 फीसदी और सौराष्ट्र तथा कच्छ में इस दौरान सामान्य के मुकाबले 17 फीसदी कम बारिश हुई है। जानकारों के अनुसार जुलाई में राज्य में बारिश में सुधार आया है इसलिए आगामी दिनों में फसलों की बुआई में तेजी आने का अनुमान है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 6 जुलाई तक कपास की बुआई घटकर 931,926 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 1,710,610 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। सामान्यत राज्य में कपास की बुआई 2,383,232 हेक्टेयर में होती है। अत: सामान्य के हिसाब से कुल बुआई अभी तक केवल 30.1 फीसदी ही हुई है।

चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई घटकर 666,029 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 1,936,845 हेक्टेयर में हो चुकी थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल मूंगफली की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 628,888 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 1,759,081 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। इस दौरान सोयाबीन की बुआई 35,200 हेक्टेयर में एवं शीशम की 901 हेक्टेयर के अलावा कैस्टर सीड की 1,041 हेक्टेयर में ही हुई है।

चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई घटकर 15,498 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 73,162 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अरहर की बुआई राज्य में अभी तक केवल 14,097 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 48,717 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। उड़द की बुआई राज्य में केवल 820 हेक्टेयर में तथा मूंग की 540 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 11,085 हेक्टेयर एवं 12,080 हेक्टेयर में हो चुकी थी।

धान के साथ ही मोटे अनाजों की बुआई घटकर 76,683 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 164,515 हेक्टेयर में ही बुआई हो चुकी थी। धान की रोपाई 30,435 हेक्टेयर में तथा मक्का की बुआई 37,101 हेक्टेयर के अलावा बाजरा की 8,534 हेक्टेयर में ही हुई है।

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