नई दिल्ली। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सोपा के अनुसार चालू खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ेगी। 8 जुलाई तक देशभर के राज्यों में सोयाबीन की बुआई 100.31 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। हालांकि कृषि मंत्रालय के अनुसार अभी तक बुआई केवल 57.92 लाख हेक्टेयर में ही हुई है।
सोपा के अनुसार सरकार द्वारा जारी बुआई के आंकड़ों में 7 से 10 दिन का गैप होता है, यही वजह है कि कृषि मंत्रालय के बुआई के आंकड़े हमारे अनुमान से कम हैं। हमें उम्मीद है कि इस बार सोयाबीन का बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ेगी। हालांकि बुआई बेशक अगले तीन महीनों में उत्पादक राज्यों में होने वाली बारिश के डिस्ट्रीब्यूशन पर निर्भर करेगी।
सोपा के अनुसार चालू खरीफ में दक्षिण पश्चिमी मानसून में देरी की वजह से पिछले साल के मुकाबले बुआई देर से शुरू हुई। हमें उम्मीद है कि देश में सोयाबीन की बुआई का कार्य 15 जुलाई 2026 तक लगभग पूरा हो जाएगा, बशर्ते मौसम की स्थिति अनुकूल बनी रहे।
मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश के साथ, बुआई के कार्य में तेजी आई है और लगभग 90 फीसदी बुआई पूरी हो चुकी है।
राजस्थान में चालू खरीफ में सोयाबीन की बुआई तय क्षेत्रफल के लगभग 90 फीसदी हिस्से में पूरी हो चुकी है।
महाराष्ट्र में सोयाबीन की बुआई भी तय लक्ष्य के लगभग 80 से 90 फीसदी क्षेत्रफल में हो चुकी है। बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर ठीक-ठाक बारिश के बाद लगभग 1-2 फीसदी क्षेत्रफल में बुआई दोबारा की गई है।
सोयाबीन की फसल आम तौर पर प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सामान्य से ठीक-ठाक हालत में है और अभी शुरुआती स्टेज में है। किसान लोकल खेत की हालत के आधार पर, हर्बिसाइड और कोल्पा और डोरा जैसे मैनुअल तरीकों का इस्तेमाल करके वीड मैनेजमेंट का काम कर रहे हैं।
सोपा को उम्मीद है कि चालू खरीफ 2026 के दौरान सोयाबीन का कुल रकबा पिछले साल की तुलना में बढ़ेगा। पिछले सीजन में मक्का उगाने वाले काफी किसान सोयाबीन की अच्छी कीमतों से उत्साहित होकर सोयाबीन की खेती में वापस आ गए हैं।
हालांकि अभी फसल अच्छी स्थिति में है, लेकिन उत्पादन का अनुमान इस बात पर निर्भर करेगा कि मौसम आगामी तीन महीनों में बारिश समय पर होती है। अगर मौसम अनुकूल रहता है, तो फसल में अच्छी पैदावार और पिछले सीजन से ज्यादा उत्पादन होने की संभावना है।

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