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29 जुलाई 2026

केंद्र ने अगस्त के लिए 22.50 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को अगस्त 2026 के लिए घरेलू बिक्री हेतु 22.50 लाख टन चीनी का मासिक कोटा जारी किया है। यह आवंटन अगस्त 2025 में जारी किए गए कोटे के बराबर है, जबकि अगस्त 2024 की तुलना में अधिक है।


केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार अगस्त 2026 के लिए घरेलू बिक्री हेतु 22.50 लाख टन चीनी का मासिक कोटा जारी किया है, जोकि जुलाई 2026 के लिए जारी किए गए 22 लाख टन की तुलना में ज्यादा है।

व्यापारियों के अनुसार जुलाई 2026 के दौरान चीनी की कीमतों में तेजी आई है, जबकि अगस्त में मानसून के मौसम और सरकार की चीनी कोटा नीति के कारण कीमत स्थिर बने रहने की संभावना है।

अगस्त महीने में रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ श्रावण मास की मांग बनी रहेगी, जिससे आमतौर पर चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और कीमत नियंत्रण में रहें।

दिल्ली में मंगलवार को चीनी के खुदरा भाव 51 रुपये, मुंबई में 50 रुपये और कोलकाता में 51 रुपये तथा उत्तर प्रदेश के कानपुर में 51 रुपये प्रति किलो रहे। महीने भर में इसकी कीमतों में पांच से छह रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। चीनी के थोक भाव दिल्ली में मंगलवार को 4,850 रुपये, कानपुर में 4,880 रुपये तथा मुंबई में 4,800 रुपये तथा कोलकाता में 4,890 रुपये प्रति क्विंटल रहे। 

गुजरात में खरीफ की 70 फीसदी बुआई पूरी, कपास एवं मूंगफली की कम - कृषि निदेशालय

नई दिल्ली। गुजरात में चालू खरीफ सीजन में फसलों की 69.47 फीसदी हो चुकी है जोकि पिछले साल की तुलना में पीछे चल रही है। राज्य में 27 जुलाई तक केवल 5,926,105 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 6,556,379 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अत: राज्य में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में फसलों की कुल बुआई 9.61 फीसदी पीछे चल रही है।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 26 जुलाई तक गुजरात रीजन में सामान्य की तुलना में 36 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि इस दौरान सौराष्ट्र तथा कच्छ में सामान्य के मुकाबले 14 फीसदी कम बारिश हुई है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 27 जुलाई तक कपास की बुआई घटकर 2,000,700 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 2,016,816 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी, जबकि आमतौर पर राज्य में कपास की बुआई 2,383,232 हेक्टेयर में होती है। अत: सामान्य के हिसाब से कुल बुआई अभी तक कुल 83.95 फीसदी में ही हुई है।

चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई घटकर 2,090,354 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 2,425,486 हेक्टेयर में हो चुकी थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल मूंगफली की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 1,750,871 हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 2,011,129 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। इस दौरान सोयाबीन की बुआई 279,160 हेक्टेयर में एवं शीशम की 7,597 हेक्टेयर के अलावा कैस्टर सीड की 52,655 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 253,922 हेक्टेयर में, 29,835 हेक्टेयर में तथा 130,440 हेक्टेयर में हो चुकी थी।

चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई घटकर 285,247 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 252,616 हेक्टेयर में हो चुकी थी। अरहर की बुआई राज्य में अभी तक केवल 194,565 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 155,227 हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी थी। उड़द की बुआई राज्य में बढ़कर 70,772 हेक्टेयर में तथा मूंग की 11,908 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 50,491 हेक्टेयर एवं 38,614 हेक्टेयर में हो चुकी थी।

धान के साथ ही मोटे अनाजों की बुआई घटकर 839,193 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 979,636 हेक्टेयर में ही बुआई हो चुकी थी। धान की रोपाई 463,289 हेक्टेयर में तथा मक्का की बुआई 254,228 हेक्टेयर के अलावा बाजरा की 106,987 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 576,827 हेक्टेयर में, 253,575 हेक्टेयर में तथा 142,861 हेक्टेयर में हो चुकी थी।