अमेरिका में आज नॉन फार्म पेरोल डाटा जारी होगा और इससे पहले डॉलर करीब 7
महीने की ऊंचाई पर चला गया है। इससे पहले कल वहां बेरोजगारी के
साप्ताहिक आंकड़े आए थे वे काफी अच्छे थे। ऐसे में आज जारी होने वाले नॉन
फार्म पेरोल पर बाजार की नजर टिकी हुई है। इससे पहले सोना कमजोर
पड़ गया है। इसमें 2 महीने के निचले स्तर के पास कारोबार हो रहा है।
कॉमैक्स पर इसका भाव 1270 डॉलर के नीचे है। लेकिन चांदी में हल्की मजबूती
कायम है। कल की तेजी के बाद कच्चे तेल की चाल बदल गई है और आज इसमें ऊपरी
स्तर से दबाव दिख रहा है। लेकिन दबाव के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड 50 डॉलर
के ऊपर है। वहीं ब्रेंट में 57 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। कल की
रिकवरी के बाद आज डॉलर के मुकाबले रुपये में फिर से कमजोरी आई है। एक डॉलर
की कीमत 65.40 रुपये के पार चली गई है।
06 अक्टूबर 2017
05 अक्टूबर 2017
दलहन की एमएसपी पर खरीद से भी भाव में तेजी की उम्मीद नहीं
आर एस राणा
नई दिल्ली। राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करने की योजना बनाई है, आगे महाराष्ट्र में भी सरकारी खरीद होने की संभावना है लेकिन केंद्रीय पूल में दलहन का भारी-भरकम स्टॉक कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं, इसलिए सरकारी खरीद चालू होने के बाद भी भाव में हल्का सुधार तो आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
उत्पादक मंडियों में उड़द और मूंग की नई फसल की आवक बढ़ रही है तथा भाव उत्पादक मंडियों में एमएसपी से काफी नीचे बने हुए हैं। उत्पादक मंडियों में मूंग 4,000 से 4,600 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार चल रही है जबकि उड़द के भाव मंडियों में 3,200 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार हैं। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2017-18 के लिए जहां मूंग का एमएसपी 5,575 रुपये वहीं उड़द का एमएसपी 5,400 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) तय किया हुआ है। अरहर की नई फसल की आवक दिसंबर-जनवरी में बनेगी, तथा अरहर का भाव उत्पादक मंडियों में 3,700 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल है।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान की मंडियों से मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद अगले सप्ताह तक चालू होने की संभावना है, उधर उत्तर प्रदेश से एमएसपी पर खरीद 15 अक्टूबर से चालू होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में भी राज्य सरकार एमएसपी पर मूंग और उड़द की खरीद चालू करेगी। जानकारों के अनुसार सरकारी खरीद चालू होने से मूंग और उड़द के भाव में सुधार तो आ सकता है लेकिन केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री आगे बढ़ेगी, इसलिए बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। वैसे भी एमएसपी पर खरीद सीमित मात्रा में ही होने का अनुमान है। चालू खरीफ में जहां उड़द का उत्पादन बढ़ने का अनुमान है वहीं अरहर और मूंग के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। ................. आर एस राणा
नई दिल्ली। राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करने की योजना बनाई है, आगे महाराष्ट्र में भी सरकारी खरीद होने की संभावना है लेकिन केंद्रीय पूल में दलहन का भारी-भरकम स्टॉक कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं, इसलिए सरकारी खरीद चालू होने के बाद भी भाव में हल्का सुधार तो आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
उत्पादक मंडियों में उड़द और मूंग की नई फसल की आवक बढ़ रही है तथा भाव उत्पादक मंडियों में एमएसपी से काफी नीचे बने हुए हैं। उत्पादक मंडियों में मूंग 4,000 से 4,600 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार चल रही है जबकि उड़द के भाव मंडियों में 3,200 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटीनुसार हैं। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2017-18 के लिए जहां मूंग का एमएसपी 5,575 रुपये वहीं उड़द का एमएसपी 5,400 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) तय किया हुआ है। अरहर की नई फसल की आवक दिसंबर-जनवरी में बनेगी, तथा अरहर का भाव उत्पादक मंडियों में 3,700 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल है।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान की मंडियों से मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद अगले सप्ताह तक चालू होने की संभावना है, उधर उत्तर प्रदेश से एमएसपी पर खरीद 15 अक्टूबर से चालू होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में भी राज्य सरकार एमएसपी पर मूंग और उड़द की खरीद चालू करेगी। जानकारों के अनुसार सरकारी खरीद चालू होने से मूंग और उड़द के भाव में सुधार तो आ सकता है लेकिन केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री आगे बढ़ेगी, इसलिए बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। वैसे भी एमएसपी पर खरीद सीमित मात्रा में ही होने का अनुमान है। चालू खरीफ में जहां उड़द का उत्पादन बढ़ने का अनुमान है वहीं अरहर और मूंग के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। ................. आर एस राणा
आयातित गेहूं सस्ता, नवंबर में बढ़ सकता है आयात शुल्क
आर एस राणा
नई दिल्ली। यूक्रेन से आयातित गेहूं सस्ता होने के कारण घरेलू बाजार में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी गेहूं की कीमतों में तेजी नहीं आ पर रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी बढ़ाकर 20-25 फीसदी कर सकती है, उसके बाद ही भाव में सुधार आने का अनुमान है। दिल्ली में गेहूं के भाव 1,760 से 1,770 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे है।
यूक्रेन से आयातित गेहूं के भाव बंदरगाह से ट्रक लोड 1,700 से 1,750 रुपये प्रति क्विंटल है, जोकि बंगलुरु मिल पहुंच 1,820 से 1,870 रुपये प्रति क्विंटल, मुंबई मिल पहुंच 1,750 से 1,800 रुपये और पूना मिल पहुंच 1,770 से 1,830 रुपये प्रति क्विंटल है। आस्ट्रेलियाई गेहूं का भाव बंगुलरु में फ्लोर मिल पहुंच 1,970 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बेचा जा रहा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) गेहूं का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है। अतः ओएमएसएस के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का भाव उंचा होने के कारण ही एफसीआई से गेहूं का उठाव नहीं हो रहा है।
आयातकों द्वारा यूक्रेन से करीब 7.5 से 8 लाख टन गेहूं के आयात सौदे किए जा चुके हैं, तथा इनमें से करीब 7 लाख टन गेहूं भारतीय बंदरगाह पर पहुंच भी चुका है, बाकि गेहूं का आयात अक्टूबर-नवंबर में होगा। आयातकों द्वारा नवंबर के बाद के आयात सौदे नहीं किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार त्यौहारी सीजन में गेहूं उत्पादों के भाव में तेजी नहीं लाना चाहती, इसलिए गेहूं पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी दीपावली के बाद ही कर सकती है। दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20-25 फीसदी करने की योजना है ताकि चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़ सके। ............. आर एस राणा
नई दिल्ली। यूक्रेन से आयातित गेहूं सस्ता होने के कारण घरेलू बाजार में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी गेहूं की कीमतों में तेजी नहीं आ पर रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी बढ़ाकर 20-25 फीसदी कर सकती है, उसके बाद ही भाव में सुधार आने का अनुमान है। दिल्ली में गेहूं के भाव 1,760 से 1,770 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे है।
यूक्रेन से आयातित गेहूं के भाव बंदरगाह से ट्रक लोड 1,700 से 1,750 रुपये प्रति क्विंटल है, जोकि बंगलुरु मिल पहुंच 1,820 से 1,870 रुपये प्रति क्विंटल, मुंबई मिल पहुंच 1,750 से 1,800 रुपये और पूना मिल पहुंच 1,770 से 1,830 रुपये प्रति क्विंटल है। आस्ट्रेलियाई गेहूं का भाव बंगुलरु में फ्लोर मिल पहुंच 1,970 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बेचा जा रहा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) गेहूं का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है। अतः ओएमएसएस के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का भाव उंचा होने के कारण ही एफसीआई से गेहूं का उठाव नहीं हो रहा है।
आयातकों द्वारा यूक्रेन से करीब 7.5 से 8 लाख टन गेहूं के आयात सौदे किए जा चुके हैं, तथा इनमें से करीब 7 लाख टन गेहूं भारतीय बंदरगाह पर पहुंच भी चुका है, बाकि गेहूं का आयात अक्टूबर-नवंबर में होगा। आयातकों द्वारा नवंबर के बाद के आयात सौदे नहीं किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार त्यौहारी सीजन में गेहूं उत्पादों के भाव में तेजी नहीं लाना चाहती, इसलिए गेहूं पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी दीपावली के बाद ही कर सकती है। दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20-25 फीसदी करने की योजना है ताकि चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़ सके। ............. आर एस राणा
कॉमैक्स पर सोना 1275 डॉलर के आसपास
अमेरिका में कल नॉन फार्म पेरोल डाटा जारी होगा और इससे पहले सोने की
चाल थम गई है। कॉमैक्स पर सोना कल के स्तर के आसपास 1275 डॉलर पर कारोबार
कर रहा है। चांदी भी बेहद छोटे दायरे में है। हालांकि कच्चे तेल में दबाव
बढ़ गया है। अमेरिका में क्रूड का एक्सपोर्ट बढ़ने से नायमैक्स पर इसका दाम
50 डॉलर के नीचे आ गया है जो पिछले दो हफ्ते का निचला स्तर है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल भी कमजोर है और कॉपर समेत सभी मेटल
में गिरावट पर कारोबार हो रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये में फिर से
कमजोरी आई है।
04 अक्टूबर 2017
कच्चे तेल में गिरावट
कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है। सप्लाई बढ़ने के अनुमान से ब्रेंट का
दाम 55.50 डॉलर के पास आ गया है। जबकि नायमैक्स क्रूड में 50 डॉलर के पास
कारोबार हो रहा है। ये पिछले दो हफ्ते का निचला स्तर है। पिछले महीने
अमेरिका में क्रूड का उत्पादन 95.5 लाख बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
वहां फिर से उत्पादन सुधरने लगा है। वहीं ओपेक की उत्पादन कटौती भी पूरी
तरह से लागू हो चुकी है। इसके बावजूद ग्लोबल मार्केट में क्रूड की ओवर
सप्लाई बने रहने का अनुमान है। ऐसे में कच्चे तेल की तेजी टिक नहीं पाई है। सोने में रिकवरी आई है और पिछले 2 महीने के निचले स्तर से ये
करीब 0.25 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। कॉमैक्स पर फिलहाल सोने का भाव
1275 डॉलर के पास है। जबकि चांदी में करीब 1 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है। चांदी को बेस मेटल से दोहरा सपोर्ट मिला है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर समेत सभी मेटल करीब 1 फीसदी की बढ़त के
साथ कारोबार कर रहे हैं। डॉलर में आई गिरावट से मेटल, सोना और चांदी को
सपोर्ट मिला है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। एक डॉलर की
कीमत 65.40 रुपये के नीचे आ गई है।
03 अक्टूबर 2017
केंद्रीय पूल से दलहन की बिक्री बढ़ायेगी सरकार
आर एस राणा
नई दिल्ली। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय खुले बाजार में केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री बढ़ायेगा। त्यौहारी सीजन में दालों की कीमतों को काबू में रखने के लिए मंत्रालय ने 2.5 लाख टन दलहन का प्रस्ताव तैयार किया है।
सूत्रों के अनुसार दालों की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 18 रुपये प्रति किलो कम भाव पर करने की योजना है। प्रस्ताव के तहत अरहर, उड़द, मूंग और मसूर की बिक्री की जायेगी। केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा अरहर का स्टॉक है। पांच राज्य सरकारों तमिलनाडु, कर्नाटका, गुजरात, आंध्रप्रदेश ओर महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से दालों की मांग की है।
राजस्थान में राज्य सरकार मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद चालू सप्ताह में शुरु करेगी। ............. आर एस राणा
नई दिल्ली। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय खुले बाजार में केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री बढ़ायेगा। त्यौहारी सीजन में दालों की कीमतों को काबू में रखने के लिए मंत्रालय ने 2.5 लाख टन दलहन का प्रस्ताव तैयार किया है।
सूत्रों के अनुसार दालों की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 18 रुपये प्रति किलो कम भाव पर करने की योजना है। प्रस्ताव के तहत अरहर, उड़द, मूंग और मसूर की बिक्री की जायेगी। केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा अरहर का स्टॉक है। पांच राज्य सरकारों तमिलनाडु, कर्नाटका, गुजरात, आंध्रप्रदेश ओर महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से दालों की मांग की है।
राजस्थान में राज्य सरकार मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद चालू सप्ताह में शुरु करेगी। ............. आर एस राणा
डॉलर में उछाल से रुपये पर दबाव
डॉलर में उछाल से ग्लोबल कमोडिटी मार्केट के साथ घरेलू बाजार में रुपये
पर भी दबाव बढ़ गया है। मजबूत डॉलर से ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम
पिछले 7 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है और कॉमैक्स पर से 1270 डॉलर के भी
नीचे का स्तर छू चुका है। चांदी में भी बिकवाली हावी है। दरअसल डॉलर 5
महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया है। ऐसे में कच्चे तेल में भी जोरदार गिरावट
आई है। ब्रेंट का दाम 56 डॉलर के नीचे आ गया है। जबकि नायमैक्स क्रूड में
50.50 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल में भी आज बिकवाली हावी है और कॉपर समेत
सभी मेटल करीब 0.5 फीसदी नीचे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है और एक डॉलर की कीमत 65.60 रुपये के
पास है। कमजोर रुपये से कुछ सहारा भी देखने को मिल सकता है।
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