आर एस राणा
नई
दिल्ली। मोदी सरकार पहली फरवरी को पेश करने वाले अंतरिम बजट में
छोटे-मझोले किसानों को बड़ी राहत दे सकती है। केंद्र सरकार किसान क्रेडिट
कार्ड (केसीसी) पर एक लाख रुपये तक के ऋण की समय से अदायगी करने वाले
किसानों के लिए ब्याज माफी का ऐलान कर सकती है।
लोकसभा चुनाव
2019 से पहले केंद्र सरकार किसानों की नाराजगी दूर करना चाहती है।
छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय
जनता पार्टी (भाजपा) की हार में किसानों की नाराजगी को अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार छोटे और मझोले किसानों को एक लाख रुपये तक के ब्याज
मुक्त ऋण की सुविधा देने के साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड से दो लाख रुपये का
कर्ज लेने वाले किसानों को जमीन भी बैंक के पास गिरवी नहीं रखनी पड़ेगी।
इससे छोटे और मझोले किसानों को फायदा तो होगा ही, साथ ही इन किसानों को
बैंकों से कर्ज लेने में सहूलियत मिलेगी।
बजट में कृषि कर्ज की सीमा में एक लाख बढ़ोतरी संभव
वित्त
वर्ष 2018-19 के बजट में कृषि कर्ज की सीमा को बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपये
किया गया था। सूत्रों के अनुसार अंतरिम बजट 2019 में इसमें एक लाख करोड़
रुपये का इजाफा किये जाने की संभावना है। देशभर में करीब 3 लाख किसानों के
पास केडिट कार्ड हैं।
समय पर कर्ज की अदायगी पर 4 फीसदी देना पड़ता है ब्याज
किसान
क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को तीन लाख रुपये तक का लोन मिलता है तथा
समय से कर्ज की अदायगी करने वाले किसानों को चार फीसदी का ब्याज देना होता
है। वित्त मंत्री ने पिछले बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर मछुआरों
और पशुपालकों को भी कार्ड दिए जाने का एलान किया था। ऐसा इसलिए किया गया
था, ताकि उन्हें कर्ज मिलने में आसानी रहे।
किसान कई फसलों को लागत से नीचे दाम पर बेचने को मजबूर
महंगा
कर्ज, कृषि लागत की अधिकता और फसलों की उचित कीमत नहीं मिलने जैसी
समस्याओं से देश के किसानों को जूझना पड़ रहा है। देश के कई राज्यों में
किसान आलू, प्याज और लहसुन के साथ ही दलहन फसलों को लागत से बेहद कम कीमत
पर बेचने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में सरकार के अंतरिम बजट में किसानों के
हितों को प्राथमिकता के साथ उठाए जाने की उम्मीद है।.............. आर एस राणा
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