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09 अक्टूबर 2017

10 अक्टूबर 2017 का मौसम पूर्वानुमान

बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों और इससे सटे बांग्लादेश तथा गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक गहरा निम्न दबाव बन गया है। अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। यह मौसमी सिस्टम और प्रभावी हो सकता है।
ओडिशा और इससे सटे हिस्सों पर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और इससे सटे दक्षिणी-मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी कोंकण गोवा पर भी दिखाई दे रहा है।
ओड़ीशा से दक्षिणी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना होते हुए उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दिखाई दे रहा है।
उत्तरी पाकिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
ओडिशा, विदर्भ, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
कोंकण गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
दक्षिणी केरल, तमिलनाडु के बाकी भागों, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के शेष राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई।
रविवार की सुबह 8:30 बजे से पिछले 24 घंटों के दौरान डायमंड हार्बर में 70 मिमी बारिश हुई, अनंतपुर में 77 मिमी और कोझीकोड में 62 मिमी बारिश हुई।
गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के कुछ हिस्सों और झारखंड में मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिणी छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण गोवा और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, रायलसीमा और उत्तरी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
तटीय कर्नाटक, उत्तरी केरल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, दक्षिणी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के शेष भागों में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात सहित देश के शेष हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा।   ....www.skymet.com

सोने में निचले स्तर से रिकवरी

सोने में दो महीने के निचले स्तर से शानदर रिकवरी आई है और कॉमैक्स पर इसका दाम 1280 डॉलर के पार चला गया है। चांदी में भी 0.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 17 डॉलर के बेहद करीब कारोबार हो रहा है। अमेरिका और उत्तर कोरिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। वहीं पिछले हफ्ते जारी हुए नॉन फार्म पेरोल आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में नौकरियों की संख्या सितंबर में अगस्त के मुकाबले गिर गई है। पिछले महीने अमेरिका में आए तूफान की वजह से रोजगार पर बड़ा असर पड़ा है, ऐसे में डॉलर की चाल सुस्त पड़ गई है। कच्चे तेल में भी निचले स्तर से रिकवरी आई है। हालांकि इस रिकवरी के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड का दाम 50 डॉलर के नीचे है। लेकिन बेस मेटल में जोरदार तेजी आई है। चीन में जिंक का दाम 9.5 साल के ऊपरी स्तर पर चला गया है। कॉपर और लेड में भी बढ़त पर कारोबार हो रहा है। सप्लाई में कमी और मांग बढ़ने के अनुमान से लंदन मेटल एक्सचेंज पर भी मेटल में तेजी आई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की मजबूती आई है। 1 डॉलर की कीमत 65.30 रुपये के पास है।

07 अक्टूबर 2017

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी।
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एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के लिए ----------------हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।

आर एस राणा
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बासमती के साथ ही गैर बासमती चावल का निर्यात बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान बासमती चावल के साथ ही गैर बासमती चावल के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है।
एपडिा के अनुसार अप्रैल से अगस्त के दौरान बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 18.46 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात केवल 17.75 लाख टन का ही हुआ था।
गैर बासमती चावल का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 32.85 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 30.03 लाख टन का ही हुआ था। ...................  आर एस राणा

ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 10 हजार टन ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के अगस्त महीने में ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 10 हजार टन से ज्यादा बढ़कर 40,046 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 के अगस्त महीने में केवल 29,905 टन का ही निर्यात हुआ था।
एपीडा के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान ग्वार गम उत्पादों का निर्यात बढ़कर 2,18,165 टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात केवल 1,35,119 टन का ही हुआ था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार मूल्य के हिसाब से इस दौरान ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 76.95 फीसदी बढ़कर 1,744.06 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इनका निर्यात केवल 985.61 करोड़ रुपये का ही हुआ था।
उत्पादक मंडियों में ग्वार सीड की दैनिक आवक तो चालू हो गई है जबकि अभी आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है, माना जा रहा है कि चालू महीने के आखिर तक आवक बढ़ेगी, जिससे मौजूदा भाव में मंदा आने का अनुमान है। चालू सीजन में ग्वार सीड की बुवाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है, साथ उत्पादक राज्यों में बारिश भी सामान्य से कम होने के कारण ग्वार सीड की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता में कम आने का अनुमान है। माना जा रहा है कि चालू सीजन में उत्पादन 75 से 80 लाख बोरी ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल उत्पादन 80 से 90 लाख बोरी का हुआ था।................   आर एस राणा

06 अक्टूबर 2017

आस्ट्रेलिया से 2 लाख टन चना के हो चुके है आयात सौदे

आर एस राणा
नई दिल्ली। आयात सौदे ज्यादा होने के कारण घरेलू बाजार में चना की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। दिल्ली के लारेंस रोड़ पर शुक्रवार को चना के भाव घटकर 5,550 से 5,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। चना उत्पादों दाल और बेसन में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी मांग कमजोर है इसलिए मौजूदा कीमतों में और भी गिरावट आ सकती है।
सूत्रों के अनुसार आस्ट्रेलिया से 6 वैस्ल करीब 2 लाख टन चना के आयात सौदे हो चुके हैं, इनमें से अक्टूबर में तो 20 से 25 हजार टन चना ही भारतीय बंदरगाह पर पहुंचेगा, लेकिन नवंबर में करीब 3 से 4 वैस्ल भारतीय बदरंगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। आयातकों के अनुसार इसके आयात सौदे 5,300 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल भारतीय बंदरगाह पहुंच के हुए हैं जबकि शुक्रवार को मुंबई में नवंबर शिपमेंट चना के भाव घटकर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
चना उत्पादों में मांग काफी कमजोर है, जबकि केंद्र सरकार आगामी दिनों में केंद्रीय पूल से दालों की बिक्री बढ़ायेगी, अतः चना समेत अन्य दालों की कीमतों में सुधार तो आ सकता है लेकिन तेजी की संभावना नहीं है। ...................  आर एस राणा

स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बासमती धान तेज, दिसंबर में आ सकता है मंदा

आर एस राणा
नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की सक्रियता से बासमती धान 1,121 और 1,509 के साथ ही परमल, डीपी और सुगंधा के भाव तेज बने हुए हैं। नरेला मंडी में पूसा 1,121 बासमती धान के भाव बढ़कर 3,250 रुपये और 1,509 धान किस्म के बासमती धान का भाव 2,600 से 2,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उत्पादक राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की मंडियों में पूसा 1,509 किस्म के बासमती धान के साथ ही परमल और डीपी की आवक बढ़कर 8 से 10 लाख क्विंटल की हो गई है।
आगे उत्पादक मंडियों में धान की आवक तो बढ़ेगी, लेकिन स्टॉकिस्टों की खरीद से भाव में और भी 300 से 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने का अनुमान है। जानकारों के अनुसार नवंबर में उत्पादक मंडियों में धान की आवक का दबाव रहेगा, तथा दिसंबर में आवक कम हो जायेगी। धान की कीमतों में तेजी का असर चावल की कीमतों पर भी पड़ेगी, अतः उंचे भाव के कारण बासमती चावल के निर्यात सौदों में 20 से 25 फीसदी की कमी आने की आशंका है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर में बासमती धान और चावल की कीमतों में मंदा आ सकता है।
विश्व बाजार में भारतीय पूसा बासमती 1,121 स्टीम चावल की कीमतों में चालू महीने में 7.20 फीसदी की तेजी आई है। विश्व बाजार में इसका भाव बढ़कर 1,070 से 1,072 डॉलर प्रति टन (एफओबी) हो गया जबकि पिछले महीने इसका औसत भाव 998.59 डॉलर प्रति टन (एफओबी) था।
उत्पादक मंडियों में पूसा 1,509 बासमती धान और परमल की आवक दीपावली के बाद कम हो जायेगी, उसके बाद पूसा 1,121 बासमती धान और डीपी तथा सुगंधा के साथ ही ट्रेडिशनल बासमती धान की आवक चालू हो जायेगी। स्टॉकिस्टों की खरीद से पूसा 1,121 बासमती धान के भाव भी उत्पादक मंडियों में उंचे ही रहेंगे। .......   आर एस राणा