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02 मार्च 2016

केस्टर तेल का निर्यात 8 फीसदी बढ़ा


आर एस राणा
नई दिल्ली। फरवरी महीने में केस्टर तेल के निर्यात में 8.14 फीसदी की बढ़ोतरी होकर निर्यात 43,500 टन का हुआ है। फरवरी महीने में केस्टर तेल के निर्यात सौदे 1,151.47 डॉलर प्रति टन की दर से हुए है। जानकारों के अनुसार इस समय चीन के साथ ही यूरोपीय यूनियन और अमेरिका की आयात मांग अच्छी बनी हुई है।
हालांकि केस्टर तेल के निर्यात में जरुर बढ़ोतरी हो रही है लेकिन उत्पादक मंडियों में केस्टर सीड की कीमतों में गिरावट ही बनी हुई है। महीने भर में उत्पादक मंडियों में इसकी कीमतों में 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। उत्पादक मंडियों में केस्टर सीड के भाव घटकर 3,000 से 3,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।....आर एस राणा

Russian Wheat Export Touches 18.4 MMT Till 24Th Feb-2016




Russia exported  18.4 million tonnes of wheat, between July 1 and Feb. 24, the agriculture ministry said. The pace of grain exports was up 1.9 percent year on year. Domestic prices for third-class wheat fell 75 roubles compared with the end of the week earlier to 11,375 roubles ($154) a tonne in the European part of Russia on an ex-works basis. Ex-works supply does not include delivery costs. 

01 मार्च 2016

एग्री कमोडिटी के वायदा और हाजिर बाजार में कारोबार में मुनाफे का अच्छा अवसर.......

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आर एस राणा
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एग्री जिंसों की दैनिक रिपोर्ट.......... नए चना की आवक बढ़ी, दालों की खुदरा में ग्राहकी कमजोर, भाव घटेंगे

नए चना की आवक बढ़ी, दालों की खुदरा में ग्राहकी कमजोर, भाव घटेंगे
सोयाबीन स्थिर, सरसों में आयेगी गिरावट,  बिनौला और खल में तेजी की उम्मीद
आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक बढ़ रही है, दालों में इस समय खुदरा में ग्राहकी कमजोर है, इसलिए चना के साथ ही अरहर, उड़द में भी गिरावट की संभावना। मसूर की कीमतें स्टॉकिस्टों ने बढ़ाई है लेकिन इन भाव में स्टॉक में मुनाफे की संभावना नहीं। दिल्ली में चना के भाव 4,580 रुपये और नया चना 4,255 रुपये प्रति क्विंटल रहे तथा दैनिक आवक 35 मोटरों की हुई। महाराष्ट्र की सोलापुर मंडी में चना का भाव 4,300 से 4,650 रुपये, महाराष्ट्र की लातूर मंडी में 4,300 रुपये, मुुंबई में आस्ट्रेलियाई चना का भाव 4,425 से 4,425 से 4,450 रुपये, इंदौर मंडी में 4,200 रुपये, गुलबर्गा में 4,585 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
महाराष्ट्र की मंडी में अरहर के भाव 7,900 से 8,250 रुपये, मुंबई में लेमन अरहर के भाव 7,500 रुपये, नागपुर मंडी में 7,700 से 8,100 रुपये, इंदौर मंडी में 7,700 रुपये, गुलबर्गा मंडी में 8,400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
दिल्ली में मूंग के भाव 6,900 रुपये, कानपुर की बरेली मंडी में मसूर के भाव 5,150 रुपये, मुंबई में कनाडा की मसूर के भाव 4,550 से 4,650 रुपये, इंदौर में मसूर के भाव 4,750 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मुंबई में आयातित उड़द के भाव 9,800 से 10,000 रुपये, इंदौर मंे 9,500 रुपये, राजस्थान की केकड़ी मंडी में 9,400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
 अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन तेल में नरमी है तथा और गिरावट की उम्मीद लेकिन घरेलू बाजार में सोयाबीन का स्टॉक कम है, भाव नीचे आते हैं तो फिर खरीद करनी चाहिए क्योंकि आगे सोयाबीन में मांग बढ़ेगी जिससे भाव में सुधार आयेगा।
उत्पादक मंडियों में सरसों की आवक बढ़ रही है लेकिन तेल में ग्राहकी कमजोर होने से भाव में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने का अनुमान है। अतः सरसों में मौजूदा भाव में स्टॉक से बचे क्योंकि इस समय खरसों खल के साथ ही सरसों तेल में भी मांग कम है जबकि आगामी दिनों में मौसम इसी तरह से गरम रहा तो दैनिक आवक बढ़ेगी।
कर्नाटका और महाराष्ट्र में चीनी की कीमतों में सप्ताहभर में करीब 100 से 125 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर भाव 3,125 से 3,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। दक्षिण भारत की तेजी को देखते हुए उत्तर भारत में भी चीनी की कीमतों में तेजी आयेगी।
बिनौला खल और बिनौले में और तेजी आने का अनुमान है। बिनौला 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ सकता है जबकि बिनौला खल के भाव 2,500 से 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं। इस समय कपास की दैनिक आवक देषभर की मंडियों में एक लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) की हो रही है।
मक्का में ग्राहकी नहीं है, बिहार की नई फसल को देखते हुए भाव में गिरावट आयेगी। आगामी सौदे 1,340 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रहे हैं।
उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी बढ़ी रही जोकि गेहूं की फसल के लिए अच्छी नहीं है।
जौ गंगानगर में 1,350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है चालू महीने में आवक बनेगी, उत्पादन कम होने का अनुमान है
ग्वार के भाव घटकर मंडियों में 2,900-3,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे आ गए हैं जबकि ग्वार गम के भाव 5,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। ग्वार गम में मांग कमजोर है अभी मांग बढ़ने का अनुमान नहीं है, भाव 50 से 100 रुपये की उठापटक में रहेंगे। ग्वार की दैनिक आवक 20,000 क्विंटल की रह गई है।
हल्दी में आवक बढ़ रही है लेकिन मांग कमजोर है जिससे भाव में गिरावट आयेगी, जीरा की आवक बढ़ने लगी है तथा स्टॉकिस्ट अभी खरीद नहीं रहा है भाव नीचे आने का इंतजार कर रहे हैं। जीरा की दैनिक आवक बढ़कर 20,000 बोरी की हुई जबकि मांग 15,000 बोरी की रही। जीरा के भाव मंडी में 2,600 से 2,800 रुपये प्रति 20 किलो रहे।

Thailand Weekly Rice Export



Unofficial preliminary rice exports (excluding premium white and fragrant rice) for February 15-21, 2016 totaled 142,500 metric tons, up 9,797 metric tons from the previous week and 40,006 metric tons from the four-week moving average of 102,494 metric tons. Rice exports from January 1 – February 21, 2016 totaled 675,158 metric tons, up 37.2 percent from the same period previous year. 

कर्नाटका में लालमिर्च की बुवाई कम


आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू सीजन में कर्नाटका में लालमिर्च की बुवाई में कमी आई है। राज्य के कृषि विभाग के अनुसार चालू सीजन में राज्य में अभी तक केवल 12,429 हैक्टेयर में ही लालमिर्च की बुवाई हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 15,758 हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। राज्य में बुवाई का लक्ष्य इस बार 21,697 लाख हैक्टेयर का रखा गया है।
आंध्रप्रदेष की गुंटूर मंडी में लालमिर्च के भाव मंगलवार को 341 क्वालिटी के 12,500 से 13,400 रुपये, तेजा किस्म के 11,300 से 12,300 रुपये और फटकी क्वालिटी के भाव 85,000 से 10,500 रुपये प्रति क्विंटल रहे जबकि दैनिक आवक बढ़कर 60,000 बोरियों की हुई।......आर एस राणा

मसालों का बढ़ेगा स्वाद, अगले साल तक शुरू होंगे तीन नए पार्क


छोटे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों की सहायता के लिए मसाला बोर्ड उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में तीन और मसाला पार्कों की स्थापना की योजना बना रहा है। हालांकि इनमें से दो पार्क अगले एक साल में काम करना शुरू कर देंगे, लेकिन गुजरात में प्रस्तावित पार्क की शुरुआत के बारे में अभी पक्का नहीं है क्योंकि राज्य सरकार की ओर से अभी जमीन आवंटित किया जाना बाकी है।
 भारतीय मसाला बोर्ड के अध्यक्ष ए जयतिलक ने कहा, 'छोटे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों की मदद के लिए हम तीन और मसाला पार्क शुरू करने की याजना बना रहे हैं। पार्क में सफाई, श्रेणीकरण, संसाधन और पैकेजिंग की सुविधाएं होंगी। प्रस्तावित तीन पार्कों में से दो अगले एक साल में शुरू हो जाएंगे।' मसाला पार्क मसालों के संसाधन व मूल्य संवर्धन और मसाला उत्पादों के लिए एक औद्योगिक पार्क होता है जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संसाधन की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। विशिष्टï क्षेत्रीय फसल के आधार पर एकीकृत कार्यों के लिए मसाला पार्क एक ऐसी सुविचारित पद्धति है जिसमें कृषि, फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन के लिए संसाधन, पैकेजिंग, भंडारण और मसालों का निर्यात शामिल होता है और मसाला उत्पाद उपभोक्ता देशों की गुणवत्ता के विनिर्देशों के अनुरूप रहते हैं। फिलहाल भारत में छह मसाला पार्क हैं। तीन नए पार्क उत्तर प्रदेश के रायबरेली, राजस्थान के कोटा और गुजरात के ऊंझा में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पार्क की परियोजना लागत 20 करोड़ रुपये होगी।
 मसाला पार्कों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संसाधन सुविधाएं होंगी जिसमें उत्पादों की सफाई, श्रेणीकरण, छंटाई, पिसाई, पैकेजिंग और भंडारण आदि शामिल हैं। इसके साथ ही बोर्ड सड़क, जलापूर्ति व्यवस्था, बिजली स्टेशन, अग्निशमन और नियंत्रण प्रणाली, प्रवाह उपचार संयंत्र, मूल मानदंडों को जांचने के लिए गुणवत्ता प्रयोगशाला, बैंक और डाकघर के काउंटर, रेस्तरां, कारोबारी केंद्र और गेस्ट हाउस की समान आधारभूत सुविधाओं को भी विकसित करेगा। मसाला बोर्ड के उपाध्यक्ष भास्कर शाह ने कहा, 'मसाला पार्क के लिए हम गुजरात में जमीन की मांग कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार से हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक जमीन का आवंटन करने पर भी  बोर्ड पार्क निर्मित करेगा।'