The exports of pulses were reported around 1550.986 tonne for the reported period (Jan.26-Feb.1,2015). (Source-IBIS)
05 फ़रवरी 2015
Pulses Weekly Import (Jan.26-Feb.2,2015)
Pulses Weekly Import (Jan.26-Feb.2,2015)
The imports of pulses were reported around 114892.360864 tonne for the reported period (Jan.26-Feb.1,2015). (Source-IBIS)
Informa Raised Argentine Corn Production Forecast
Informa raised its Argentine corn production forecast by 1 million tons to 23 million tons for 2014/15 from the previous forecast. (Source: Reuters)
Higher CPO Imports Witnessed During January
As per IBIS data (complied by Agriwatch), Indian buyers imported 8.544 lakh tons of crude palm oil and 0.869 lakh tons of RBD palmolein from majorly from Malaysia, Indonesia and Thailand during 29 Dec. 2014 – 01 Feb. 2015. SEA revealed that India imports CPO 1.49 (1.24) lakh tons and 1.00 (3.72) lakh tons of RBD palmolein during Nov-Dec. 2014. Values in bracket depicts last year same period import figures.
04 फ़रवरी 2015
उद्योग ने खाद्य तेलों के आयात पर षुल्क बढ़ाने की मांग की
नई दिल्ली। विष्व बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट के कारण तेल-तिलहन उद्योग ने केंद्र सरकार आयातित खाद्य तेलों पर आयात षुल्क में बढ़ोतरी की मांग की है। वित मंत्री अरूण जेटली को लिखे पत्र में उद्योग ने कहा है कि आयातित खाद्य तेलों के दाम कम होने के कारण घरेलू बाजार में तिलहन के साथ ही खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आई है।
साल्वेंट एक्सट्ेक्टर्स एसोसिएषन ऑफ इंडिया (एसईए) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के आयात पर षुल्क को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया जाये। साथ ही रिफाइंड तेल के आयात पर षुल्क को 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने की मांग की है। मेक इन इंडिया की तर्ज पर खाद्य तेलों के घरेलू उत्पादन पर सरकार को ज्यादा जोर देने की मांग की गई है। सरकार ने हाल ही में क्रूड पाम तेल के आयात पर षुल्क को 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 फीसदी और रिफाइंड पर आयात षुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया था।
एसईए के अध्यक्ष प्रवीण एस लोखंड के अनुसार आर बी डी पॉमोलीन के दाम भारतीय बंदरगाह पर 25 दिसंबर 2014 को 685 डॉलर प्रति टन थे जबकि 31 जनवरी को इसके भाव घटकर 645 डालर प्रति टन रह गए। इसी तरह से क्रूड पॉम तेल के भाव इस दौरान 665 डॉलर प्रति टन से घटकर 625 डॉलर प्रति टन रह गए। उन्होंने बताया कि विष्व बाजार में दाम सस्ते होने के कारण रिफाइंड तेल का आयात ज्यादा हो रहा है जिसकी वजह से घरेलू उद्योग के सामने मुष्किल पैदा हो रही है। पिछले दो सालों से देष में खाद्य तेलों का रिकार्ड आयात हो रहा है जिसकी वजह से तिलहन उत्पादकों को भी नुकसान हो रहा है। तेल वर्श 2013-14 में देष में रिकार्ड 116 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था।
जनवरी अंत तक चीनी उत्पादन 15 फीसदी ज्यादा
जनवरी अंत तक चीनी उत्पादन 15 फीसदी ज्यादा
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन 2014-15 (अक्टूबर से सितंबर) में 31 जनवरी 2015 तक देषभर 134.83 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा है।
इंडियन षुगर मिल्स एसोसिएषन (इस्मा) के अनुसार गन्ना मिलों में पेराई समय से पहले आरंभ होने के साथ ही गन्ने में रिकवरी की दर पिछले साल से ज्यादा आने के कारण चीनी का उत्पादन बढ़ा है। चालू पेराई सीजन 2014-15 में 31 जनवरी 2015 तक 134.83 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 117.11 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। चालू पेराई सीजन में 508 चीनी मिलों में पेराई चल रही है जबकि पिछले साल इस समय केवल 491 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।
सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराश्ट में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 54 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक 41.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में राज्य में 95 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
उत्तर प्रदेष में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 33.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक 27.84 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। उत्तर प्रदेष में चालू पेराई सीजन में प्रति हैक्टेयर उत्पादकता के साथ ही गन्ने में रिकवरी की दर ज्यादा आ रही है। ऐसे में चालू सीजन में राज्य में कुल 64 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 22.79 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 22.20 लाख टन से ज्यादा है। कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 44 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 260 लाख टन होने का अनुमान है जबकि चीनी की घरेलू खपत सालाना करीब 247 लाख टन है। ऐसे में चालू सीजन में करीब 20 से 25 लाख टन चीनी का बकाया स्टॉक बचने की उम्मीद है।.आर एस राणा
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन 2014-15 (अक्टूबर से सितंबर) में 31 जनवरी 2015 तक देषभर 134.83 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा है।
इंडियन षुगर मिल्स एसोसिएषन (इस्मा) के अनुसार गन्ना मिलों में पेराई समय से पहले आरंभ होने के साथ ही गन्ने में रिकवरी की दर पिछले साल से ज्यादा आने के कारण चीनी का उत्पादन बढ़ा है। चालू पेराई सीजन 2014-15 में 31 जनवरी 2015 तक 134.83 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 117.11 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। चालू पेराई सीजन में 508 चीनी मिलों में पेराई चल रही है जबकि पिछले साल इस समय केवल 491 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।
सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराश्ट में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 54 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक 41.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में राज्य में 95 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
उत्तर प्रदेष में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 33.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक 27.84 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। उत्तर प्रदेष में चालू पेराई सीजन में प्रति हैक्टेयर उत्पादकता के साथ ही गन्ने में रिकवरी की दर ज्यादा आ रही है। ऐसे में चालू सीजन में राज्य में कुल 64 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक 22.79 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 22.20 लाख टन से ज्यादा है। कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 44 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 260 लाख टन होने का अनुमान है जबकि चीनी की घरेलू खपत सालाना करीब 247 लाख टन है। ऐसे में चालू सीजन में करीब 20 से 25 लाख टन चीनी का बकाया स्टॉक बचने की उम्मीद है।.आर एस राणा
कमोडिटी बाजारः चने में क्या करें
इस महीने के अंत से मध्यप्रदेश की मंडियों में नए चने की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में चने की तेजी पर ब्रेक लग गया है। वायदा में चने का दाम 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। एनसीडीईएक्स पर चने का भाव 3450 रुपये के नीचे आ गया है। वहीं हाजिर में भी चने में बिकवाली हावी है। आपको बता देंकि देश में सबसे ज्यादा चने की खेती मध्यप्रदेश में होती है। हालांकि इस साल चने की बुआई में कमी आई है।
इंडियानिवेश कमोडिटीज की निवेश सलाह
चना एनसीडीईएक्स (फरवरी वायदा) : बेचें - 3480, स्टॉपलॉस - 3510 और लक्ष्य - 3400
अब बात करते हैं क्रूड की, घरेलू बाजार में कच्चा तेल 3250 रुपये के पार चला गया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कल की तेजी पर आज ब्रेक लग गया है। पिछले चार दिनों में क्रूड की कीमतें करीब 20 फीसदी उछल चुकी हैं। गिरावट के बावजूद नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड 52 डॉलर के पास है जबकि ब्रेंट में 57 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। वहीं एमसीएक्स पर नैचुरल गैस 0.5 फीसदी गिरकर 171 रुपये के नीचे आ गया है।
दरअसल अमेरिका में लगातार पांचवे हफ्ते कच्चे तेल के भंडार में बढ़त देखने को मिली है और अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के मुताबिक पिछले हफ्ते इसका भंडार करीब 60 लाख बैरल बढ़ गया है। आज अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की भी रिपोर्ट आने वाली है।
सोने में आज हल्की बढ़त है, लेकिन कल इसमें तेज गिरावट आई थी। दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिर से 1260 डॉलर के पार चला गया है। फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 0.25 फीसदी की बढ़त के साथ 27600 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि एमसीएक्स पर चांदी 0.2 फीसदी टूटकर 38000 रुपये पर आ गई है।
बेस मेटल्स में बिकवाली हावी है। निकेल का दाम सबसे ज्यादा गिरा है और ये करीब 1 फीसदी गिरकर 940 रुपये के नीचे आ गया है। जिंक में भी दबाव है और ये 0.5 फीसदी की कमजोरी के साथ 132.7 रुपये पर आ गया है। कॉपर, एल्युमिनियम और लेड में 0.25 फीसदी तक की कमजोरी आई है। दरअसल चीन का एचएसबीसी सर्विस पीएमआई पिछले 6 महीने के निचले स्तर पर गिर गया है।
आनंदराठी कमोडिटीज की निवेश सलाह
सोना एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 27480, स्टॉपलॉस - 27620 और लक्ष्य - 27200
एल्युमिनियम एमसीएक्स (फरवरी वायदा) : बेचें - 116.3, स्टॉपलॉस - 117.3 और लक्ष्य - 114.8
कच्चा तेल एमसीएक्स (फरवरी वायदा) : बेचें - 3280, स्टॉपलॉस - 3350 और लक्ष्य - 3150
नैचुरल गैस एमसीएक्स (फरवरी वायदा) : बेचें - 174, स्टॉपलॉस - 178 और लक्ष्य - 167
सोया तेल और क्रूड पाम तेल में गिरावट बढ़ गई है। एमसीएक्स पर क्रूड पाम तेल 1.5 फीसदी फिसलकर 440 रुपये के नीचे आ गया है। वहीं एनसीडीईएक्स पर सोया तेल भी करीब 1.5 फीसदी की कमजोरी के साथ 625 रुपये के नीचे आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी खाने के तेलों पर दबाव है।
कोटक कमोडिटीज की निवेश सलाह
सोया तेल एनसीडीईएक्स (फरवरी वायदा) : खरीदें - 625, स्टॉपलॉस - 622 और लक्ष्य - 630
क्रूड पाम तेल एमसीएक्स (फरवरी वायदा) : खरीदें - 439, स्टॉपलॉस - 435.5 और लक्ष्य - 445 (hindimoneycantrol.com)
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