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04 फ़रवरी 2015

Castor Seed & Oil Prices Rule Lower By 2.85 and 1.48 percent From Jan 2014



 Castor seed price in Gujarat is ruling 2.85 percent lower than last year January price.Seed is being traded at 41250 per tonne while it was ruling at Rs 42458 per tonne last year in January.EVen castor oil price is ruling 1.48 percent lower than last year 's jan price($1395-$1416 per tonne).However the case is just reverse in terms of caster meal. Its prices are ruling 23.26 perecent higher in comparison to last year Jan price($132-$107 per tonne). It is all due to lower crushing of seed last year. Major portion of seed stock was retained  and  the case may be similar this year too

Indian Sugar Trade Scenario Improved Last Week



As per the latest release by IBIS, India exported 35.02 thousand tons of sugar (mainly refined) for the week ending 01st Feb, 2015 which was 25% higher than the exports made last week. On the contrary, Indian sugar imports declined 20.59% from 13.3 thousand tons to 10.60 thousand tons for the same duration

Global Cotton Consumption Expected To Surpass Cotton Production First Time In Five Years:ICAC



World cotton consumption is likely to surpass cotton production for the first time in last five seasons, said International cotton Advisory Committee (ICAC). World cotton production is expected to fall by 6% to 24.6 million tons in 2014-15, whereas consumption during the same season is likely to increase by 2% to 24.7 million tons.

South American Soybean Crop Output Projections For 2014-15



Informa Economics raised its estimates of 2014/15 Argentine soybean production to 57 million tons, up 1.5 million from last month but left its soy production estimate for Brazil unchanged at 93.5 million tons.

मौजूदा भाव में हल्दी का स्टॉक फायदे का सौदा नहीं


आर एस राणा
नई दिल्ली। आंध्रप्रदेष में नई हल्दी की आवक षुरू हो गई है तथा अन्य उत्पादक मंडियों में भी नई फसल की आवक जल्द षुरू हो जायेगी। चालू सीजन में हल्दी की पैदावार पिछले साल से कम होने का अनुमान है लेकिन बकाया स्टॉक को देखते हुए कुल उपलब्धता सालाना खपत से ज्यादा ही होगी। ऐसे में मौजूदा कीमतों में 1,200 से 1,500 रूपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने के बाद ही हल्दी का स्टॉक करना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
ज्योति ट्ेडिंग कंपनी के प्रबंधक एस सी गुप्ता ने बताया कि चालू सीजन में हल्दी की पैदावार घटकर 50 लाख बोरी (एक बोरी-70 किलो) ही होने का अनुमान है लेकिन बकाया स्टॉक करीब 40 से 45 लाख बोरी का बचा हुआ है। ऐसे में चालू सीजन में हल्दी की कुल उपलब्धता करीब 90 से 95 लाख बोरी की बैठेगी। हल्दी की सालाना खपत (घरेलू और निर्यात को मिलाकर) कुल 60 से 65 लाख बोरी की होती है। ऐसे में मौजूदा कीमतों पर हल्दी का स्टॉक फायदेमंद साबित नहीं होगा।
हल्दी के थोक कारोबारी पूनमचंद गुप्ता ने बताया कि निजामाबाद मंडी में हल्दी की दैनिक आवक 7,000-8,000 बोरी की षुरू हो गई है तथा भाव 6,500 से 7,000 रूपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। उधर इरोड़ मंडी में हल्दी के भाव 6,800 से 8,000 रूपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने बताया कि हल्दी में स्टॉकिस्टों की सक्रियता से भाव में 500 से 700 रूपये प्रति क्विंटल की तेजी आ सकती है लेकिन अप्रैल के बाद कीमतों में मंदा आयेगा। चालू सीजन में फसल जरूर कम है लेकिन बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता ज्यादा ही है।
टरमरिक मर्चेंट एससोसिएषन के सचिव के वी रवि ने बताया कि चालू महीने के आखिर तक हल्दी की आवक बढ़ जायेगी, तथा मार्च में आवक का दबाव बन जायेगा। हल्दी में निर्यात मांग तो अच्छी है लेकिन उत्पादक मंडियों में बकाया स्टॉक ज्यादा होने से घरेलू मांग कम रहेगी।
भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार चालू वित वर्श 2014-15 की पहली छमाही अप्रैल से सितंबर के दौरान हल्दी के निर्यात में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 43,000 टन का हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक 39,200 टन का निर्यात हुआ था। विष्व बाजार में हल्दी के दाम 3.53 डॉलर प्रति किलो हैं जबकि पिछले साल इस समय भाव 3.64 डॉलर प्रति किलो थे। मसाला बोर्ड ने चालू वित वर्श में 80,000 टन निर्यात का लक्ष्य तय किया है। निर्यातकों का मानना है कि निर्यात तय लक्ष्य से ज्यादा ही होगा।.........आर एस राणा

यूपी की फ्लोर मिलें पड़ौसी राज्यों से खरीद रही हैं गेहूं


आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेष में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं के बिक्री भाव ज्यादा होने के कारण राज्य की फ्लोर मिलों को पड़ौसी राज्यों से खरीद करनी पड़ रही है। राज्य की फ्लोर मिलें राजस्थान, मध्य प्रदेष और हरियाणा स्थित एफसीआई गोदामों से गेहूं की खरीद कर रही है।
श्री बालाजी फूड प्रोडेक्टस के प्रबंधक ने बताया कि भले ही गेहूं का सबसे ज्यादा उत्पादन उत्तर प्रदेष में होता हो लेकिन राज्य की फ्लोर मिलों को एफसीआई का गेहूं दूसरे राज्यों से खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेष के मुकाबले उत्तर प्रदेष में गेहूं के भाव ज्यादा है। उत्तर प्रदेष में एफसीआई 1,586 रूपये प्रति क्विंटल की दर से पुराना गेहूं और 1,656 रूपये प्रति क्विंटल की दर से नया गेहूं बेच रही है। जबकि पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेष में गेहूं की बिक्री 1,500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से पुराना और 1,570 रूपये प्रति क्विंटल की दर से नया गेहूं बेच रही है। राजस्थान में एफसीआई 1,581 रूपये प्रति क्विंटल की दर से पुराना और 1,651 रूपये प्रति क्विंटल की दर से नया गेहूं बेच रही है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेष स्थिति एफसीआई से गेहूं की खरीद पर फ्लोर मिलों को 6.5 फीसदी खर्च अलग से देना पड़ता है जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेष में यह षुल्क षुन्य है। ऐसे में राज्य की फ्लोर मिलों को पड़ौसी राज्यों का गेहूं सस्ता पड़ रहा है।
गेहूं के थोक कारोबारी संजीव अग्रवाल ने बताया कि एफसीआई ने पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेष को तो गेहूं उत्पादक राज्य का दर्जा दे रखा है इसलिए इन राज्यों में एकसमान दाम पर गेहूं की बिकवाली की जा रही है। उत्तर प्रदेष में गेहूं की बिक्री लुधियाना से डिलवरी केंद्र का भाड़ा जोड़कर के आधार पर की जा रही है। इसलिए इन राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेष में गेहूं के बिक्री दाम ज्यादा है। पंजाब और हरियाणा में तो गेहूं की बिक्री पर खर्च अलग से लगता है लेकिन मध्य प्रदेष और राजस्थान में खर्च नहीं लगता, इसलीए राज्य की फ्लोर मिलें इन राज्यों से डेडीकेट मूवमेंट फ्रेट के आधार पर गेहूं की खरीद कर रही है। उत्पादक मंडियों में आवक सीमित मात्रा में है इसलिए मार्च तक राज्य की फ्लोर मिलों को पड़ौसी राज्यों से ही गेहूं की खरीद करनी पड़ेगी।........आर एस राणा

03 फ़रवरी 2015

कच्चे तेल के दाम चढ़े, सोने की गिरावट खत्म

2 दिनों में कच्चे तेल में करीब 11 फीसदी का उछाल आ चुका है और ब्रेंट क्रूड 55 डॉलर प्रति बैरल और नायमेक्स क्रूड 50 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन बंद करने से कच्चे तेल को सहारा मिला है। हालांकि एमेरिका में क्रूड भंडार अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। कंज्यूमर खर्च, मैन्युफैक्चरिंग के निराशाजनक आंकड़ों के बावजूद कच्चे तेल में तेजी देखी गई है। अमेरिका की एक रिफाइनरी में हड़ताल से सप्लाई में बढ़त आ रही है।

प्लैट्स की एशिया एडिटोरियल डायरेक्टर वंदना हरि का कहना है कि पिछले 1-2 दिनों में बाजार के सेंटीमेंट में बदलाव आया है। बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है और शॉर्ट कवरिंग रैली देखने को मिल रही है। पिछले हफ्ते आए आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में तेल के उत्पादन में लगी रिग्स में से 94 रिग कम हो गई है। इसके चलते ट्रेडर्स को लगा कि कच्चे तेल में शॉर्ट कवरिंग कर रहे हैं। हालांकि फंडामेंटल नजरिए से देखें तो ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है।

अगर कच्चे तेल के दाम 70-80 डॉलर से ऊपर जाते हैं तो भारत समेत कई देशों को नुकसान हो सकता है। हालांकि इसकी संभावनाएं कम लग रही है क्योंकि मांग बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल की सप्लाई ज्यादा चल रही है। इस साल तेल की ओवरसप्लाई है लेकिन 2016 तक आते आते कच्चे तेल की कमी से कीमतों में बढ़त हो सकती है। कच्चे तेल के दामों में

कच्चे तेल में तेजी कायम है। पिछले दो दिनों में करीब 11 फीसदी बढ़ने के बाद कच्चा तेल आज करीब 2 फीसदी बढ़ा है। अमेरिका में ऑपरेशनल रिग्स की संख्या में तेज गिरावट के बाद से कच्चे तेल में तेजी है। मेटल्स में कॉपर में करीब 2 फीसदी की बढ़त है। एलएमई में कॉपर के दाम बढ़ने से एमसीएक्स पर भी कॉपर के दाम बढ़े हैं। एग्री कमोडिटीज में ग्वार सीड और ग्वार गम में तेज बढ़त है। दरअसल, कच्चे तेल की तेजी से ग्वार की डिमांड बढ़ने की संभावना है जिससे ग्वार में तेजी है। हालांकि, धनिया में तेज गिरावट देखने को मिल रही है।

डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती के बावजूद सोने की शुरुआती गिरावट खत्म हो गई है। इसमें फिर से बढ़त पर कारोबार हो रहा है। कॉमैक्स पर ये 1280 डॉलर के पार चला गया है। घरेलू बाजार में भी 0.5 फीसदी की तेजी है। एमसीएक्स सोना फरवरी वायदा की इस हफ्ते एक्सपायरू है। वहीं चांदी में 2 फीसदी की जोरदार तेजी आई है। एमसीएक्स पर इसका दाम 38,000 रुपये के पार चला गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर घरेलू कारोबार पर पड़ा है।

रेलिगेयर कमोडिटीज के मुताबिक इन्ट्राडे के लिए सोने के अप्रैल वायदा में 27,700 रुपये पर खरीदारी करें। लक्ष्य 27,950 रुपये का मिल सकता है। इस सौदे में आपको 27,580 रुपये के स्तर पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। वहीं चांदी में 38,550 रुपये पर खरीदारी की सलाह है। लक्ष्य 39,250 रुपये का मिल सकता है। इस सौदे में आपको 38,100 रुपये के स्तर पर स्टॉपलॉस लगाना होगा।

सोनाः एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) खरीदें 27700 रुपये लक्ष्य 27950 रुपये स्टॉपलॉस 27580

चांदीः एमसीएक्स (मार्च वायदा) खरीदें 38550 रुपये लक्ष्य 39250 रुपये स्टॉपलॉस 38100 रुपये (hindimoneycantrol.com)