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06 July 2018

ओएमएसएस के तहत गेहूं बिक्री होगी ज्यादा, फ्लोर मिलों को 1,890 रुपये गेहूं बेचेगी सरकार

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं की बंपर खरीद 355.22 लाख टन हुई है जिस कारण उत्पादक राज्यों में स्टॉक कम है। सितंबर-अक्टूबर में फ्लोर मिलों को केंद्रीय पूल से गेहूं की खरीद करनी होगी, इसलिए चालू सीजन में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के गेहूं की बिक्री ज्यादा होगी। चालू सीजन में ओएमएसएस के तहत गेहूं बेचने के लिए 1,890 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किए जाने की संभावना है।
प्रवीन कार्मिशयल कंपनी के प्रबंधक नवीन गुप्ता ने बताया कि दक्षिण भारत के साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात में गेहूं की आपूर्ति इस समय उत्तर प्रदेश से हो रही है। उत्तर प्रदेश से बंगलुरु पहुंच गेहूं के भाव शुक्रवार को 2,060 रुपये प्रति क्विंटल है। उत्तर प्रदेश से चालू रबी में एफसीआई ने रिकार्ड 50.87 लाख टन गेहूं की खरीद की है, इसलिए उत्पादक मंडियों में स्टॉक कम बचा हुआ है। ऐसे में सितंबर में फ्लोर मिलों को केंद्रीय पूल से ही गेहूं की खरीद करनी होगी। केंद्रीय पूल से 1,890 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने पर बंगुलरू पहुंच भाव 2,200 से 2,210 रुपये प्रति क्विंटल (परिवहन एवं अन्य खर्च) होगा। इसलिए घरेलू बाजार में आगे गेहूं की कीमतों में तेजी आने का अनुमान है।
आयात की संभावना नहीं
यूक्रेन से आयातित लाल गेहूं के भाव 228 से 230 डॉलर प्रति टन (एफओबी) तूतीकोरन बंदरगाह पहुंच है जबकि आस्ट्रेलियाई गेहूं के भाव 268 से 270 डॉलर प्रति टन (एफओबी) है। केंद्र सरकार ने 30 फीसदी आयात शुल्क लगा रखा है इसलिए आयात पड़ते नहीं लगेंगे।
ओएमएसएस के तहत बिक्री होगी ज्यादा
गेहूं कारोबारी कमलेश जैन ने बताया कि दिल्ली में गेहूं का भाव 1,790 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल है। उत्पादक राज्यों में बकाया स्टॉक कम है इसलिए आगामी महीनों में केंद्रीय पूल से ही खरीद करनी होगी। केंद्रीय पूल से गेहूं का बिक्री भाव ज्यादा है, इसलिए गेहूं की कीमतों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी बन सकती है। चालू सीजन में ओएमएसएस के तहत गेहूं का उठाव बढ़कर 50 लाख टन से ज्यादा ही होने का अनुमान है। एफसीआई के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में इसके तहत केवल 14.21 लाख टन गेहूं का ही उठाव हुआ था।
ओएमएसएस में ​1,890 रुपये बिक्री भाव हो सकता है तय
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ओएमएसएस के तहत गेहूं बेचने के लिए 1,890 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय करने की योजना है तथा चालू महीने के आखिर तक बिक्री शुरू कर दी जायेगी। पिछले साल ओएमएसएस के तहत जून में ही गेहूं की बिक्री शुरू हो गई थी। ओएमएसएस के तहत गेहूं बेचने के लिए 1,890 रुपये प्रति क्विंटल का भाव लुधियाना के आधार पर तय किया जायेगा, इसमें परिवहन लागत एवं अन्य खर्च खरीददार के होंगे। पिछले साल ओएमएसएस के तहत 1,790 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचा गया था।
लागत की तुलना में 634 रुपये कम
एफसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चालू रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं की खरीद पर 2,524 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आई है। लागत की तुलना में खुले बाजार में 634 रुपये प्रति क्विंटल नीचे भाव पर गेहूं बेचा जायेगा। पिछले रबी सीजन में लागत 2,445.62 रुपये प्रति क्विंटल की आई थी। चालू रबी में गेहूं की खरीद बढ़कर 355.22 लाख टन की हुई है जबकि पिछले साल केवल 308.25 लाख टन गेहूं ही खरीदा गया था। केंद्रीय पूल में पहली जून को 437.55 लाख टन गेहूं का स्टॉक जमा है।
उत्पादन अनुमान ज्यादा
कृषि मंत्रालय के तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी में गेहूं का रिकार्ड उत्पादन 986.1 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 985.1 लाख टन का उत्पादन हुआ था।
एमएसपी में 110 की थी बढ़ोतरी
केंद्र स
रकार ने रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 110 रुपये की बढ़ोतरी कर भाव 1,735 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था, जबकि पिछले रबी में इसका एमएसपी 1,625 रुपये प्रति क्विंटल था। ..............  आर एस राणा

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