भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
04 अगस्त 2016
03 अगस्त 2016
ग्वार गम उत्पादों के निर्यात में 33.65 फीसदी की कमी
आर एस राणा
नई दिल्ली। जुलाई के आखिर सप्ताह 25 जुलाई से 31 जुलाई के दौरान ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, स्पलिट और मील) के निर्यात में 33.65 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 4,664 टन का ही रह गया जबकि इसके पहले सप्ताह में निर्यात 7,029 टन का हुआ था। इस दौरान जहां ग्वार मील के निर्यात में 41.59 फीसदी की कमी आई, वहीं ग्वार स्पलिट के निर्यात में 72.5 फीसदी और ग्वार गम पाउडर के निर्यात में 23.46 फीसदी की कमी आई।
इस दौरान 3,402 टन ग्वार गम पाउडर का निर्यात हुआ जिसका औसत मूल्य 1,278.32 डॉलर प्रति टन रहा। ग्वार स्पलिट का निर्यात 220 टन का हुआ था इसका निर्यात औसतन 1,075.18 डॉलर प्रति टन रहा। ग्वार मील का निर्यात इस दौरान 531.19 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ।.............आर एस राणा
नई दिल्ली। जुलाई के आखिर सप्ताह 25 जुलाई से 31 जुलाई के दौरान ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, स्पलिट और मील) के निर्यात में 33.65 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 4,664 टन का ही रह गया जबकि इसके पहले सप्ताह में निर्यात 7,029 टन का हुआ था। इस दौरान जहां ग्वार मील के निर्यात में 41.59 फीसदी की कमी आई, वहीं ग्वार स्पलिट के निर्यात में 72.5 फीसदी और ग्वार गम पाउडर के निर्यात में 23.46 फीसदी की कमी आई।
इस दौरान 3,402 टन ग्वार गम पाउडर का निर्यात हुआ जिसका औसत मूल्य 1,278.32 डॉलर प्रति टन रहा। ग्वार स्पलिट का निर्यात 220 टन का हुआ था इसका निर्यात औसतन 1,075.18 डॉलर प्रति टन रहा। ग्वार मील का निर्यात इस दौरान 531.19 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ।.............आर एस राणा
सरकार 30 हजार टन और दलहन का आयात करेगी
आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार सार्वजनिक कंपनियों के माध्यम से 30 हजार टन दलहन का और आयात करेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के सचिव ने बताया कि इसमें 20 हजार टन अरहर और 10 हजार टन उड़द का आयात किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि चालू सीजन में सरकारी एजेंसियों अभी तक 1,19,572 टन दलहन की खरीद कर चुकी हैं तथा करीब 56,000 टन दलहन के आयात सौदे कर चुकी हैं। इस समय बफर स्टॉक में 1,75,572 टन दालों का स्टॉक जमा है। .......आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार सार्वजनिक कंपनियों के माध्यम से 30 हजार टन दलहन का और आयात करेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के सचिव ने बताया कि इसमें 20 हजार टन अरहर और 10 हजार टन उड़द का आयात किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि चालू सीजन में सरकारी एजेंसियों अभी तक 1,19,572 टन दलहन की खरीद कर चुकी हैं तथा करीब 56,000 टन दलहन के आयात सौदे कर चुकी हैं। इस समय बफर स्टॉक में 1,75,572 टन दालों का स्टॉक जमा है। .......आर एस राणा
पहली तिमाही में चीनी निर्यात बढ़ा
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में देष से चीनी के निर्यात में मूल्य के हिसाब से 25.12 फीसदी की तेजी आकर कुल 2,262.75 करोड़ रुपये की चीनी हुई है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,808.42 करोड़ रुपये मूल्य की चीनी का निर्यात हुआ था।..........आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में देष से चीनी के निर्यात में मूल्य के हिसाब से 25.12 फीसदी की तेजी आकर कुल 2,262.75 करोड़ रुपये की चीनी हुई है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,808.42 करोड़ रुपये मूल्य की चीनी का निर्यात हुआ था।..........आर एस राणा
कनाडा में मसूर का उत्पादन 37 फीसदी ज्यादा
आर एस राणा
नई दिल्ली। फसल सीजन 2016-17 में कनाडा में मसूर का उत्पादन 37 फीसदी बढ़कर 32.5 लाख टन होने का अनुमान है। कनाडा में फसल सीजन 2015-16 में 23.7 लाख टन मसूर का उत्पादन हुआ था। सूत्रों के अनुसार कनाडा में ज्यादा उत्पादन का असर घरेलू बाजार में मसूर की कीमतों पर पड़ रहा है। देष में मसूर की खपत ज्यादा बारिष और सर्दियों के सीजन में होती है जबकि बारिष की मांग लगभग पूरी हो चुकी है तथा एक मांग सर्दियों और आयेगी।
इस समय प्राईवेट आयातकों के साथ ही सार्वजनिक कंपनियों भी मसूर का आयात ज्यादा मात्रा में कर रही है जिससे घरेलू बाजार में भाव घटे हैं। कनाड़ा में पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है इसलिए आगामी सौदे नीचे भाव के हो रहे हैं। कनाडा में नई फसल की आवक चालू महीने में षुरु होगी, तथा नई निर्यात षिपमेंट अक्टूबर-नवंबर में होंगी। आयात सौदों में हुई बढ़ोतरी से अभी मसूर की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है।
मसूर की घरेलू फसल अप्रैल महीने में आयेगी, तथा देष में मसूर का उत्पादन मूख्यतः उत्तर प्रदेष के अलावा मध्य प्रदेष में भी होता है इसके अलावा बिहार में पिछले कुछ सालों से लगातार मसूर के उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मसूर की सबसे ज्यादा खपत पष्चिमी बंगाल में होती है इसीलिए बिहार में इसकी पैदावार बढ़ रही है। अन्य राज्यों के मुकाबले बिहार की मसूर पष्चिमी बंगाल में सस्ती पड़ती है। .......आर एस राणा
नई दिल्ली। फसल सीजन 2016-17 में कनाडा में मसूर का उत्पादन 37 फीसदी बढ़कर 32.5 लाख टन होने का अनुमान है। कनाडा में फसल सीजन 2015-16 में 23.7 लाख टन मसूर का उत्पादन हुआ था। सूत्रों के अनुसार कनाडा में ज्यादा उत्पादन का असर घरेलू बाजार में मसूर की कीमतों पर पड़ रहा है। देष में मसूर की खपत ज्यादा बारिष और सर्दियों के सीजन में होती है जबकि बारिष की मांग लगभग पूरी हो चुकी है तथा एक मांग सर्दियों और आयेगी।
इस समय प्राईवेट आयातकों के साथ ही सार्वजनिक कंपनियों भी मसूर का आयात ज्यादा मात्रा में कर रही है जिससे घरेलू बाजार में भाव घटे हैं। कनाड़ा में पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है इसलिए आगामी सौदे नीचे भाव के हो रहे हैं। कनाडा में नई फसल की आवक चालू महीने में षुरु होगी, तथा नई निर्यात षिपमेंट अक्टूबर-नवंबर में होंगी। आयात सौदों में हुई बढ़ोतरी से अभी मसूर की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है।
मसूर की घरेलू फसल अप्रैल महीने में आयेगी, तथा देष में मसूर का उत्पादन मूख्यतः उत्तर प्रदेष के अलावा मध्य प्रदेष में भी होता है इसके अलावा बिहार में पिछले कुछ सालों से लगातार मसूर के उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मसूर की सबसे ज्यादा खपत पष्चिमी बंगाल में होती है इसीलिए बिहार में इसकी पैदावार बढ़ रही है। अन्य राज्यों के मुकाबले बिहार की मसूर पष्चिमी बंगाल में सस्ती पड़ती है। .......आर एस राणा
02 अगस्त 2016
मॉनसून
मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी आज बारिश हुई है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में ओडिशा, कोंकण और गोवा समेत पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और झारखंड के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगस्त और सितंबर के दौरान पिछले 2 महीने के मुकाबले ज्यादा बारिश होगी। इस दौरान देश में सामान्य का 107 फीसदी बारिश होने का अनुमान है।
खाद्यान्न उत्पादन 25.22 करोड़ टन होने का अनुमान
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2015-16 में देष में खाद्यान्न का उत्पादन 25.22 करोड़ टन होने का अनुमान है जोकि तीसरे आरंभिक अनुमान के लगभग बराबर ही है। हालांकि गेहूं के उत्पादन अनुमान में सरकार ने कटौती की है जबकि चावल का उत्पादन अनुमान बढ़ाया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार गेहूं का उत्पादन 935 लाख टन होने का अनुमान है जबकि तीसरे आरंभिक अनुमान में उत्पादन 940.4 लाख टन होने का अनुमान था। इसी तरह से तीसरे आरंभिक अनुमान में चावल का उत्पादन 10.33 करोड़ टन का था जबकि चौथे आरंभिक अनुमान में ावल का उत्पादन अनुमान 10.43 करोड़ टन होने का अनुमान है।
मंत्रालय के अनुसार दलहन उत्पादन 2015-16 में 164.7 लाख टन ही होने का अनुमान है जोकि पिछले पांच साल में सबसे कम है। तीसरे आरंभिक अनुमान में दलहन का उत्पादन 170.6 लाख टन होने का अनुमान था। दलहन की प्रमुख फसल चना का उत्पादन 71.7 लाख टन होने का अनुमान है जबकि तीसरे आरंभिक अनुमान में इसका उत्पादन 74.8 लाख टन होने का अनुमान था। इसी तरह से तीसरे आरंभिक अनुमान में अरहर का उत्पादन 26 लाख टन होने का अनुमान था जबकि चौथे अनुमान के अनुसार अरहर का उत्पादन 24.6 लाख टन होने का अनुमान है। उड़द का उत्पादन अनुमान तीसरे आरंभिक अनुमान के 18.8 लाख टन से बढ़ाकर 22 लाख टन होने का अनुमान लगाया है जबकि मूंग का उत्पादन 15.9 लाख टन से बढ़ाकर चौथे अनुमान में 16 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है।
मंत्रालय द्वारा जारी चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार मोटे अनाजों का उत्पादन 23.57 करोड़ टन होने का अनुमान है। इसमें जौ का उत्पादन घटकर 15.1 लाख टन, मक्का का उत्पादन 218.1 लाख टन और बाजरा का उत्पादन 80.6 लाख टन होने का अनुमान है।
तिलहन का उत्पादन फसल सीजन 2015-16 में 253.4 लाख टन होने का अनुमान है। इसमें सरसों का उत्पादन 68.21 लाख टन, मूंगफली का 67.71 लाख टन, केस्टर सीड का 16.50 लाख टन और सोयाबीन का 85.92 लाख टन का अनुमान है। कपास का उत्पादन 301.47 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है।.........आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2015-16 में देष में खाद्यान्न का उत्पादन 25.22 करोड़ टन होने का अनुमान है जोकि तीसरे आरंभिक अनुमान के लगभग बराबर ही है। हालांकि गेहूं के उत्पादन अनुमान में सरकार ने कटौती की है जबकि चावल का उत्पादन अनुमान बढ़ाया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार गेहूं का उत्पादन 935 लाख टन होने का अनुमान है जबकि तीसरे आरंभिक अनुमान में उत्पादन 940.4 लाख टन होने का अनुमान था। इसी तरह से तीसरे आरंभिक अनुमान में चावल का उत्पादन 10.33 करोड़ टन का था जबकि चौथे आरंभिक अनुमान में ावल का उत्पादन अनुमान 10.43 करोड़ टन होने का अनुमान है।
मंत्रालय के अनुसार दलहन उत्पादन 2015-16 में 164.7 लाख टन ही होने का अनुमान है जोकि पिछले पांच साल में सबसे कम है। तीसरे आरंभिक अनुमान में दलहन का उत्पादन 170.6 लाख टन होने का अनुमान था। दलहन की प्रमुख फसल चना का उत्पादन 71.7 लाख टन होने का अनुमान है जबकि तीसरे आरंभिक अनुमान में इसका उत्पादन 74.8 लाख टन होने का अनुमान था। इसी तरह से तीसरे आरंभिक अनुमान में अरहर का उत्पादन 26 लाख टन होने का अनुमान था जबकि चौथे अनुमान के अनुसार अरहर का उत्पादन 24.6 लाख टन होने का अनुमान है। उड़द का उत्पादन अनुमान तीसरे आरंभिक अनुमान के 18.8 लाख टन से बढ़ाकर 22 लाख टन होने का अनुमान लगाया है जबकि मूंग का उत्पादन 15.9 लाख टन से बढ़ाकर चौथे अनुमान में 16 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है।
मंत्रालय द्वारा जारी चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार मोटे अनाजों का उत्पादन 23.57 करोड़ टन होने का अनुमान है। इसमें जौ का उत्पादन घटकर 15.1 लाख टन, मक्का का उत्पादन 218.1 लाख टन और बाजरा का उत्पादन 80.6 लाख टन होने का अनुमान है।
तिलहन का उत्पादन फसल सीजन 2015-16 में 253.4 लाख टन होने का अनुमान है। इसमें सरसों का उत्पादन 68.21 लाख टन, मूंगफली का 67.71 लाख टन, केस्टर सीड का 16.50 लाख टन और सोयाबीन का 85.92 लाख टन का अनुमान है। कपास का उत्पादन 301.47 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है।.........आर एस राणा
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