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21 मई 2026

सीसीआई करीब 70 लाख गांठ कॉटन की कर चुकी है बिक्री, हाजिर बाजार में दाम कमजोर

नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई चालू फसल सीजन 2025-26 में खरीदी हुई 70.21 लाख गांठ, एक गांठ 170 किलो कॉटन की बिक्री घरेलू बाजार में कर चुकी है। अत: निगम के पास अभी करीब 32 से 34 लाख गांठ का बकाया स्टॉक ही बचा हुआ है।


सूत्रों के अनुसार सीसीआई ने महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 24,02,500 गांठ कॉटन की बिक्री है, जबकि गुजरात में निगम ने 11,67,200 गांठ के अलावा मध्य प्रदेश में 5,29,100 गांठ तथा तेलंगाना में 14,27,600 गांठ कॉटन की बिक्री है। अन्य राज्यों राजस्थान में सीसीआई 3,16,000 गांठ, कर्नाटक में 5,67,600 गांठ, ओडिशा में 2,53,500 गांठ तथा हरियाणा में 1,68,800 गांठ के साथ ही पंजाब में 42,800 गांठ के अलावा आंध्र प्रदेश में निगम ने 1,46,600 गांठ कॉटन की बिक्री है।

सीसीआई द्वारा चालू सीजन 2025-26 में खरीदी हुई कुल 70.21 लाख गांठ कॉटन की जो बिक्री अभी तक की गई है उसमें से स्पिनिंग मिलों ने 29.03 लाख गांठ और व्यापारियों ने 41.18 लाख गांठ की खरीद की है।

सूत्रों के अनुसार निगम ने चालू सप्ताह 11 मई से 15 मई के दौरान घरेलू बाजार में 4,23,700 गांठ, कॉटन की बिक्री की है।

स्पिनिंग मिलों की खरीद कमजोर होने से शनिवार को गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में मंदा आया। व्यापारियों के अनुसार चालू सप्ताह के पिछले दो कार्यदिवस में आईसीई कॉटन वायदा में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिस कारण घरेलू बाजार में स्पिनिंग मिलों की खरीद कमजोर होने से कॉटन की कीमतों में मंदा आया है।

हाल ही में घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में एकतरफा तेजी आई थी, लेकिन इसके अनुपात में सूती धागे में मांग नहीं बढ़ पाई। इसलिए स्पिनिंग मिलों बढ़े दाम पर इन्वेंट्री बढ़ाकर जोखिम मोल नहीं लेना चाहती। हालांकि घरेलू बाजार में कॉटन का सबसे ज्यादा स्टॉक सीसीआई के पास है इसलिए हाजिर बाजार में इसकी बिक्री कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई की बिक्री नीतियों के आधार पर ही तय होगी।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कॉटन के आयात पर शुल्क को शून्य कर दिया जाए।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव शनिवार को 350 रुपये कमजोर होकर 66,500 से 66,800 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव कमजोर होकर 6,640 से 6,800 रुपये प्रति मन बोले गए।
हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव घटकर 6,460 से 6,500 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम कमजोर होकर 6,550 से 6,800 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम घटकर 62,500 से 63,500 रुपये कैंडी बोले गए।

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