नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में अप्रैल अंत तक देशभर के राज्यों में चीनी का उत्पादन फीसदी बढ़कर 275.28 लाख टन का हुआ है। जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में इसका उत्पादन 256.49 लाख टन का हुआ था।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) के के अनुसार इस समय देशभर में केवल 5 चीनी मिलें ही पेराई कर रही हैं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 19 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।
उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में अप्रैल के अंत तक 89.65 लाख टन चीनी का उत्पादन ही हुआ है, जोकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि के 92.40 लाख टन की तुलना में कम है। राज्य की सभी चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 10 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी।
इस्मा के अनुसार अप्रैल के अंत तक महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी का उत्पादन क्रमशः 99.2 लाख टन और 48.01 लाख टन हुआ है, जो कि पिछले पेराई सीजन की इसी अवधि में क्रमश: 80.93 लाख टन और 40.40 लाख टन था। इन दोनों राज्यों में भी मुख्य सत्र के लिए सभी चीनी मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं।
कर्नाटक में कुछ चीनी मिलें जून/जुलाई 2026 से विशेष सत्र के लिए फिर से गन्ने की पेराई आरंभ करेंगी। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी कुछ चीनी मिलें विशेष सत्र के दौरान गन्ने की पेराई करेंगी। आमतौर पर कर्नाटक और तमिलनाडु में विशेष सत्र के दौरान लगभग 5 लाख टन चीनी का उत्पादन होता है।
दिल्ली में गुरुवार को चीनी के थोक भाव 4,340 रुपये और कानपुर में 4,360 प्रति क्विंटल रहे। इस दौरान मुंबई में चीनी के थोक दाम 4,120 रुपये कोलकाता में 4,350 रुपये प्रति क्विंटल। चीनी के खुदरा भाव दिल्ली में 46 रुपये और कानपुर में 46 रुपये तथा मुंबई में 45 रुपये और कोलकाता में 47 रुपये प्रति किलो रहे।
जानकारों के अनुसार गर्मी का सीजन बढ़ने से चीनी में बड़े उपभोक्ताओं की मांग मई में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में तेजी आने का अनुमान है।
विश्व बाजार में रॉ शुगर की कीमतों में हाल ही में तेजी आई है। क्रूड तेल की कीमतों में आई तेजी के साथ ही ब्राजील में इथेनॉल में बढ़ते उपयोग और सीजन के आरंभ में कम सप्लाई से आईसीई शुगर वायदा बुधवार को 4 फीसदी बढ़कर 14.68 सेंट प्रति एलबी पर सेटल हुई थी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें