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16 मई 2026

सीसीआई करीब 65 लाख गांठ कॉटन की कर चुकी है बिक्री, कीमतों में मिलाजुला रुख

नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई चालू फसल सीजन 2025-26 में खरीदी हुई 65.98 लाख गांठ, एक गांठ 170 किलो कॉटन की बिक्री घरेलू बाजार में कर चुकी है। अत: निगम के पास अभी करीब 40 से 41 लाख गांठ का बकाया स्टॉक ही बचा हुआ है।


सूत्रों के अनुसार सीसीआई ने महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 23,14,300 गांठ कॉटन की बिक्री है, जबकि गुजरात में निगम ने 11,02,700 गांठ के अलावा 5,10,700 गांठ तथा तेलंगाना में 12,71,200 गांठ कॉटन की बिक्री है। अन्य राज्यों राजस्थान में सीसीआई 3,13,700 गांठ, कर्नाटक में 4,93,100 गांठ, ओडिशा में 2,47,900 गांठ तथा हरियाणा में 1,66,000 गांठ के साथ ही पंजाब में 41,800 गांठ के अलावा आंध्र प्रदेश में निगम ने 1,36,600 गांठ कॉटन की बिक्री है।

सीसीआई द्वारा चालू सीजन 2025-26 में खरीदी हुई कुल 65.98 लाख गांठ कॉटन की जो बिक्री अभी तक की गई है उसमें से स्पिनिंग मिलों ने 27.29 लाख गांठ और व्यापारियों ने 38.69 लाख गांठ की खरीद की है।

सूत्रों के अनुसार निगम ने चालू सप्ताह 4 मई से 8 मई के दौरान घरेलू बाजार में 5,85,500 गांठ, कॉटन की बिक्री की है।

स्पिनिंग मिलों की खरीद कमजोर होने से शनिवार को गुजरात में कॉटन के दाम नरम हुए, जबकि उत्तर भारत के राज्यों में इसके दाम तेज हुए। व्यापारियों के अनुसार हाल ही में घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में एकतरफा तेजी आई थी, लेकिन इसके अनुपात में सूती धागे में मांग नहीं बढ़ पाई। इसलिए स्पिनिंग मिलों बढ़े दाम पर इन्वेंट्री बढ़ाकर जोखिम मोल नहीं लेना चाहती। हालांकि घरेलू बाजार में कॉटन का सबसे ज्यादा स्टॉक सीसीआई के पास है इसलिए हाजिर बाजार में इसकी बिक्री कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई की बिक्री नीतियों के आधार पर ही तय होगी।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मौजूदा कॉटन की घरेलू और विश्व बाजार में कीमतों का अंतर बना रहा तो धागे का निर्यात 20 से 25 फीसदी तक कम हो सकता है, जिससे गारमेंट निर्यातकों को भारी नुकसान की आशंका है।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव शनिवार को 100 रुपये कमजोर होकर 65,200 से 65,700 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव तेज होकर 6,625 से 6,825 रुपये प्रति मन बोले गए।
हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 6,500 से 6,550 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम तेज होकर 6,500 से 6,825 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम बढ़कर 63,000 से 64,000 रुपये कैंडी बोले गए।

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