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08 अगस्त 2026

राजस्थान में खरीफ फसलों की बुआई तय लक्ष्य की 80 फीसदी पूरी- कृषि निदेशालय

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई तय लक्ष्य के 80 फीसदी क्षेत्रफल में पूरी हो चुकी है। इस दौरान राज्य में मूंगफली की बुआई में तो बढ़ोतरी हुई है लेकिन कपास एवं बाजरा तथा ग्वार सीड सहित अन्य फसलों की बुआई पीछे चल रही है।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पूर्वी राजस्थान में पहली जून से 29 जुलाई तक सामान्य की तुलना में 10 फीसदी कम और पश्चिमी राजस्थान में इस दौरान सामान्य के मुकाबले 20 फीसदी बारिश कम हुई है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार 29 जुलाई तक राज्य में खरीफ फसलों की बुआई 131.82 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 143.61 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। चालू खरीफ सीजन में राज्य में 165.39 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया है।

मूंगफली की बुआई राज्य में बढ़कर 10.70 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 9.58 लाख हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है।

चालू खरीफ में कपास की बुआई राज्य में 29 जुलाई तक 5.33 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 6.28 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। ग्वार सीड की बुआई चालू खरीफ में राज्य में घटकर 15.17 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 21.83 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों की बुआई घटकर 53.84 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 56.12 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में बाजरा की बुआई 35.44 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जोकि पिछले साल इस समय तक 39.09 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। राज्य में मक्का की बुआई 9.51 लाख हेक्टेयर में और ज्वार की बुआई 5.91 लाख हेक्टेयर में तथा धान की रोपाई केवल 2.96 लाख हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 8.88 लाख हेक्टेयर में, 4.98 लाख हेक्टेयर में और 3.16 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

दलहनी फसलों की बुआई चालू खरीफ सीजन में घटकर 32.32 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 34.87 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। खरीफ दलहन में मूंग की बुआई 21.10 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 22.57 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़ी है। राज्य में मोठ की बुआई 6.86 लाख हेक्टेयर में तथा उड़द की 3.75 लाख हेक्टेयर में तथा छौला की 55 हजार हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 8.58 लाख हेक्टेयर में, 3.11 लाख हेक्टेयर में और 57 हजार हेक्टेयर में हो चुकी थी।

चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई राज्य में घटकर 21.67 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 20.98 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो चुकी थी। तिलहनी फसलों में मूंगफली की बुआई 10.70 लाख हेक्टेयर में तथा सोयाबीन की 9.17 लाख हेक्टेयर में तथा शीशम की बुआई 1.41 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 9.58 लाख हेक्टेयर में, 9.70 लाख हेक्टेयर में और 1.43 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

उद्योग ने बढ़ाया कॉटन के उत्पादन का अनुमान, 337 लाख गांठ की उम्मीद - सीएआई

नई दिल्ली। उद्योग ने एक बार फिर कॉटन के उत्पादन अनुमान में 3 लाख गांठ की बढ़ोतरी कर दी है। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू फसल सीजन 2025-26 में देश में कॉटन का उत्पादन 337 लाख गांठ (एक गांठ 170 किलो) होने का अनुमान है, जबकि इससे पहले 334 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान जारी किया था।


मालूम हो कि उद्योग ने दिसंबर 2025 में 309.50 लाख गांठ कॉटन के उत्पादन का अनुमान जारी किया था, जोकि आरंभिक अनुमान से 4.50 लाख गांठ ज्यादा था। इसके बाद उद्योग ने इसे बढ़ाकर 317 लाख गांठ का कर दिया। मार्च 2026 में उद्योग ने एक फिर इसे बढ़ाकर 320.50 लाख गांठ कर दिया था। इसके अलावा मई 2026 में उद्योग ने कॉटन के उत्पादन अनुमान को बढ़ाकर 324 लाख गांठ कर दिया था।

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सीएआई के अनुसार जून 2026 अंत तक देशभर की मंडियों में 328.38 लाख गांठ कॉटन की आवक हो चुकी है। साथ ही जून 2026 तक देश में 51 लाख गांठ आयातित कॉटन आ चुकी है जबकि फसल सीजन के आरंभ में पहली अक्टूबर 2025 को 55.59 लाख गांठ का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 434.97 लाख गांठ की बैठी है।

चालू सीजन में 261 लाख गांठ कॉटन की खपत हो चुकी है, जबकि जून 2026 अंत तक 11.25 लाख गांठ की शिपमेंट हो चुकी है। मिलों के पास 94.50 लाख गांठ कॉटन का स्टॉक है, जबकि सीसीआई, महाराष्ट्र फेडरेशन, एमएनसी एवं जिनर्स के अलावा ट्रेडर्स एवं निर्यातकों के पास 68.22 लाख गांठ कॉटन का स्टॉक है।

चालू सीजन में पहली अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक 60 लाख गांठ कॉटन का आयात होने की उम्मीद है, जिसमें से 51 लाख गांठ की शिपमेंट जून 2026 अंत तक हो चुकी है। कॉटन का निर्यात 15 लाख गांठ होने का अनुमान है, जिसमें से जून अंत तक 11.25 लाख गांठ की शिपमेंट हो चुकी है।

सीएआई के अनुसार 30-9-26 को कॉटन का क्लोजिंग स्टॉक 89.59 लाख गांठ होने का अनुमान है, जोकि पिछले साल के क्लोजिंग स्टॉक 55.59 लाख गांठ से ज्यादा है।