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26 जुलाई 2022

कई राज्यों में बारिश की कमी से खरीफ की प्रमुख फसल धान की रोपाई 16.41 फीसदी घटी

नई दिल्ली। देशभर के राज्यों में असामान्य बारिश होने की वजह से चालू खरीफ सीजन में जहां धान की रोपाई 16.41 फीसदी पीछे चल रही है, वहीं दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों की बुआई में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 22 जुलाई तक देशभर में सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जहां सामान्य की तुलना में कम बारिश हुई है, वहीं दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
 
कृषि मंत्रालय के अनुसार 22 जुलाई 2022 तक देशभर के राज्यों में धान की रोपाई चालू खरीफ में घटकर 172.70 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 206.61 लाख हेक्टेयर से कम है।

दलहनी फसलों की कुल बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 90.60 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 85.16 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में 31.09 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 22.47 लाख हेक्टेयर में और मूंग की 25.99 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 38.98 लाख हेक्टेयर में, 20.85 लाख हेक्टेयर में और 19.80 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ में बढ़कर 125.66 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 108.61 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। मोटे अनाजों में ज्वार की बुआई 9.62 लाख हेक्टेयर में और बाजरा की 50.49 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल समय तक इनकी बुआई क्रमश: 7.66 लाख हेक्टेयर और 30.64 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई थी। इसके अलावा मक्का की बुआई चालू खरीफ में 62.14 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 65.59 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

तिलहनी फसलों की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 149.67 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 142.03 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। तिलहन में मूंगफली की बुवाई चालू खरीफ में 33.29 लाख हेक्टेयर में, सोयाबीन की 108.37 लाख हेक्टेयर में और सनफ्लावर की 1.46 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इनकी बुआई क्रमश: 36.13 लाख हेक्टेयर में, 98.99 लाख हेक्टेयर में और 1.04 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई थी।

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