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16 अक्टूबर 2026

अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े के लिए 16 लाख टन चीनी का कोटा जारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े के लिए घरेलू बाजार में बिक्री के लिए 16 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है। सरकार ने अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए 14 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया था।


केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े के लिए घरेलू बाजार में बिक्री के लिए 16 लाख टन चीनी का कोट जारी किया है। इसमें चीनी मिलों के लिए 14 लाख टन घरेलू और एडवांस ऑथराइजेशन योजना के तहत 2 लाख टन आयातित चीनी का कोटा शामिल है। मौजूदा मासिक कोटा प्रणाली से पखवाड़े के आधार पर कोटा आवंटित करने का निर्णय लेने के बाद सरकार की ओर से घोषित यह चौथा कोटा है।

केंद्र सरकार के अनुसार यह कोटा 13 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए सरकार ने चीनी मिलों को 14 लाख टन चीनी बेचने का कोटा दिया था। इससे पहले सितंबर में सरकार ने घरेलू बाजार के लिए कुल 26.50 लाख टन चीनी का मासिक कोटा निर्धारित किया था। इसमें पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े के लिए 13.50 लाख टन चीनी आवंटित की गई थी। वहीं, अक्टूबर 2025 में घरेलू बाजार में बिक्री के लिए कुल 24 लाख टन चीनी का मासिक कोटा निर्धारित किया गया था।

जानकारों के अनुसार हाल ही में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। हालांकि केंद्र सरकार घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को नियंत्रित रखने के लिए महीने में दो बार बिक्री के लिए कोटा जारी कर रही है। पखवाड़े के आधार पर कोटा आवंटित करने का उद्देश्य बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराना और कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकना है।

चालू महीने में चीनी का नया पेराई सीजन 2026-27 शुरू होने की संभावना है।

डीजीएफटी ने 2026-27 के लिए यूरोपीय संघ को 5,841 टन चीनी निर्यात की अनुमति दी

नई दिल्ली। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने वर्ष 2026-27 के लिए भारत से यूरोपीय संघ (ईयू) को 5,841 टन चीनी के निर्यात का कोटा आवंटित किया है। यह कोटा टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था के तहत अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है।


डीजीएफटी द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को जारी सार्वजनिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। यह आवंटन विदेश व्यापार नीति, 2023 के पैराग्राफ 2.04 के तहत किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार एचएस कोड 17010000 के अंतर्गत टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ को चीनी का निर्यात “मुक्त” श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, यह निर्यात 20 अप्रैल 2015 की अधिसूचना संख्या 03/2015-20 में निर्धारित प्रतिबंधों की प्रकृति से संबंधित शर्तों के अधीन रहेगा।इस निर्यात कोटे को लागू करने वाली एजेंसी के रूप में नई दिल्ली स्थित कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जहां आवश्यक होगा, यूरोपीय संघ को प्राथमिकता-आधारित चीनी निर्यात के लिए उत्पत्ति प्रमाणपत्र मुंबई स्थित विदेश व्यापार के अतिरिक्त महानिदेशक द्वारा जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र पात्र निर्यातकों और निर्यात की मात्रा के संबंध में एपीडा की सिफारिश के आधार पर जारी होगा।

यूरोपीय संघ को चीनी निर्यात के लिए लागू अन्य विशिष्ट प्रमाणन आवश्यकताएं भी जारी रहेंगी।अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि निर्यातकों को 20 अप्रैल 2015 की अधिसूचना संख्या 03/2015-2020 और 7 सितंबर 2015 की अधिसूचना संख्या 20/2015-2020 के साथ पढ़ी जाने वाली रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना होगा।