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03 नवंबर 2026

चालू रबी सीजन में फसलों की शुरुआती बुआई 37 फीसदी पिछड़ी - कृषि मंत्रालय

नई दिल्ली। मानसूनी सीजन में बारिश की कमी का असर फसलों की बुआई पर देखा जा रहा है। चालू रबी सीजन 2026-27 में फसलों की बुआई शुरुआती चरण में 36.88 फीसदी पीछे चल रही है। 23 अक्टूबर तक देशभर में 17.78 लाख हेक्टेयर में ही रबी फसलों की बुआई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 28.16 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।


कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी फसलों की बुआई अभी शुरुआती चरण में है तथा आगामी दिनों में इसकी बुआई में बढ़ोतरी होगी। हालांकि जानकारों के अनुसार चालू मानसूनी सीजन में बारिश सामान्य की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण बुआई की गति धीमी है।

सरसों की बुआई चालू रबी सीजन में 38.13 फीसदी कम होकर 13.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 21.03 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मूंगफली की बुआई पिछले साल के 2,000 हेक्टेयर के मुकाबले बढ़कर 3,000 हेक्टेयर में हो चुकी है। हालांकि, कुल तिलहन का रकबा पिछले साल के 21.25 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 38 फीसदी से ज्यादा घटकर 13.15 हेक्टेयर में ही हुई है। पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 21.25 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

23 अक्टूबर तक देशभर के राज्यों में धान की रोपाई 1.02 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जो एक साल पहले के 2.13 लाख हेक्टेयर से 52 फीसदी से ज्यादा पीछे चल रही है।

चालू रबी सीजन में दलहन का कुल रकबा पिछले साल के मुकाबले 25.49 फीसदी घटकर 3.27 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय इनकी बुआई 4.39 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस दौरान चना की बुआई 2.21 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 3.21 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। मसूर की बुआई चालू रबी में 27 हजार हेक्टेयर में, मटर की 29 हजार हेक्टेयर में और उड़द की 8,000 हेक्टेयर में हुई है।

रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई चालू सीजन में 11 हजार हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 27 हजार हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।

मोटे अनाज की बुआई चालू सीजन में बढ़कर 23,000 हेक्टेयर में हो गई है, जबकि पिछले इस समय तक इनकी बुआई 13,000 हेक्टेयर में हुई थी। ज्वार और मक्का दोनों की बुआई क्रमशः: 8,000 और 7,000 हेक्टेयर हुई है। जौ की बुआई 8,000 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक जौ की बुआई शुरू नहीं हुई थी।

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