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03 नवंबर 2026

चालू रबी सीजन में फसलों की बुआई 45 फीसदी से ज्यादा पिछड़ी - कृषि मंत्रालय

नई दिल्ली। मानसूनी सीजन में बारिश की कमी का असर चालू रबी में फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। रबी सीजन 2026-27 में फसलों की बुआई 45.58 फीसदी पीछे चल रही है। 30 अक्टूबर तक देशभर में 37.56 लाख हेक्टेयर में ही रबी फसलों की बुआई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 69.02 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।


कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी फसलों की बुआई अभी शुरुआती चरण में है तथा आगामी दिनों में इसकी बुआई में सुधार आयेगा। हाल ही उत्तर भारत के राज्यों में बारिश हुई है, जिससे गेहूं की बुआई में तेजी आने का अनुमान है।

मंत्रालय के अनुसार 30 अक्टूबर तक देशभर के उत्पादक राज्यों में सरसों की बुआई केवल 20.50 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 38.07 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मूंगफली की बुआई पिछले साल के 15,000 हेक्टेयर के मुकाबले बढ़कर 25,000 हेक्टेयर में हो चुकी है। हालांकि, कुल तिलहन का रकबा पिछले साल के 38.62 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 45 फीसदी से ज्यादा घटकर 20.97 हेक्टेयर में ही हुई है।

31 अक्टूबर तक देशभर के राज्यों में धान की रोपाई 3.16 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जो एक साल पहले के 3.29 लाख हेक्टेयर से 3 फीसदी से ज्यादा पीछे चल रही है।

चालू रबी सीजन में दलहन का कुल रकबा पिछले साल के मुकाबले 51.69 फीसदी घटकर 9.45 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय इनकी बुआई 19.56 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस दौरान चना की बुआई 5.90 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 14.35 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। मसूर की बुआई चालू रबी में 1.10 लाख हेक्टेयर में, मटर की 1.26 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 29,000 हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 2.14 लाख हेक्टेयर, 1.87 लाख हेक्टेयर में और 21 हजार हेक्टेयर में हुई थी।

रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई चालू रबी सीजन में 94.22 फीसदी घटकर केवल 19 हजार हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 3.34 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।

मोटे अनाज की बुआई चालू सीजन में घटकर 3.78 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले इस समय तक इनकी बुआई 4.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। ज्वार और मक्का दोनों की बुआई क्रमशः: 2.71 लाख हेक्टेयर और 78,000 हेक्टेयर हुई है। जौ की बुआई 10,000 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक जौ की बुआई 22 हजार हेक्टेयर में हो चुकी थी।

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