नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2024 से शुरू हुए चालू फसल सीजन 2024-25 में खरीदी हुई 2,08,200 गांठ, एक गांठ - 170 किलो कॉटन की बिक्री सीसीआई अभी तक कर चुकी है।
निगम ने सीसीआई ने 17 मार्च 2025 को ई नीलामी के माध्यम से 113,700 गांठ, एक गांठ - 170 किलो कॉटन की बिक्री की। इसमें से 94,500 गांठ की खरीद मिलों ने की जबकि 33,200 गांठ कॉटन की खरीद व्यापारियों ने की।
व्यापारियों के अनुसार सीसीआई घरेलू बाजार की तुलना में ज्यादा दाम पर कॉटन की बिकवाली कर रही है, तथा चालू सीजन में सीसीआई के पास भारी भरकम कॉटन का स्टॉक है। इसलिए कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई के बिक्री दाम पर भी निर्भर करेगी।
स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के कारण गुरुवार को गुजरात में लगातार चौथे दिन कॉटन की कीमत तेज हुई जबकि इस दौरान उत्तर भारत के राज्यों में इसके दाम कमजोर हो गए।
गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव गुरुवार को 50 रुपये तेज होकर दाम 53,500 से 53,800 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो हो गए।
पंजाब में रुई के हाजिर डिलीवरी के भाव 10 रुपये नरम होकर 5560 से 5570 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 10 रुपये घटकर 5520 से 5550 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 10 रुपये कमजोर होकर 5540 से 5600 रुपये प्रति मन बोले गए। खैरथल लाइन में कॉटन के भाव 53,400 से 53,500 रुपये कैंडी, एक कैंडी-356 किलो बोले गए। देशभर की मंडियों में कपास की आवक 74,200 गांठ, एक गांठ-170 किलो की हुई।
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स के साथ ही एनसीडीएक्स पर आज शाम को कॉटन की कीमतों में तेजी का रुख रहा। आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में कॉटन के दाम तेज हुए।
स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के कारण गुजरात में कॉटन की कीमत चौथे दिन भी तेज हुई, लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में इसके दाम नरम हो गए। व्यापारियों के अनुसार नीचे दाम पर जिनर्स की बिकवाली कमजोर है, तथा स्पिनिंग मिलों की पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। अत: घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में हल्का सुधार बन सकता है। विश्व बाजार में कॉटन के दाम हाल ही में तेज तो हुए हैं, लेकिन अभी भी घरेलू बाजार की तुलना में नीचे बने हुए हैं जिस कारण इसके आयात पड़ते सस्ते हैं तथा निर्यात सौदे सीमित मात्रा में ही हो रहे हैं।
कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार खरीफ सीजन में कपास का उत्पादन 294.25 लाख गांठ (एक गांठ 170 किलोग्राम) होने का अनुमान है, जो कि इसके पहले के अनुमान 299.26 लाख गांठ के मुकाबले कम है।
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