नई दिल्ली। जनवरी 2025 में कैस्टर तेल के निर्यात में 16.98 फीसदी की गिरावट आकर कुल निर्यात 44,168 टन का हुआ है, जबकि पिछले साल जनवरी में इसका निर्यात 53,204 टन का ही हुआ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए के अनुसार जनवरी में कैस्टर तेल का निर्यात मूल्य के हिसाब से 566.01 करोड़ रुपये का हुआ है, जबकि पिछले साल जनवरी में इसका निर्यात 652.74 करोड़ रुपये का हुआ था।
व्यापारियों के अनुसार चालू सीजन में बुआई में आई कमी से कैस्टर सीड का उत्पादन कम होने का अनुमान है। हालांकि उत्पादक मंडियों में नई फसल की आवकों में पहते की तुलना में बढ़ोतरी हुई है, तथा आगामी दिनों में आवक और बढ़ेगी।
गुजरात की मंडियों में शनिवार को कैस्टर सीड के भाव 1,240 से 1,260 रुपये प्रति 20 किलो पर स्थिर हो गए। इस दौरान राजकोट में कमर्शियल तेल के भाव 15 रुपये घटकर 1,280 रुपये और एफएसजी के 15 रुपये कमजोर होकर 1,290 रुपये प्रति 10 किलो रह गए।
गुजरात की मंडियों में कैस्टर सीड की दैनिक आवक शनिवार को 38 से 40 हजार बोरी, एक बोरी 35 किलो की हुई, जिसमें से जिसमें से 2,000 से 2,200 बोरी सीधे मिल पहुंच का व्यापार हो रहा है। होली की छुट्टियों के कारण राजस्थान की मंडियों में इसकी आवक नहीं के बराबर हुई।
कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2024-25 के दौरान कैस्टर सीड का उत्पादन 18.22 लाख टन ही होने का अनुमान है, जोकि इसके पिछले फसल सीजन की तुलना में 8 फीसदी कम है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ सीजन में कैस्टर सीड की बुआई 12 फीसदी घटकर केवल 8.67 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।
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