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10 जून 2026

विश्व बाजार में कीमतों में आई गिरावट से घरेलू बाजार में कॉटन के दाम कमजोर

नई दिल्ली। विश्व बाजार में कॉटन की कीमतों में आई गिरावट के कारण शुक्रवार को घरेलू बाजार में इसके दाम कमजोर हुए।


गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 400 रुपये कमजोर होकर 62,000 से 62,200 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 100 रुपये घटकर 6,250 से 6,400 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 100 रुपये कमजोर होकर 6,070 से 6,100 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 100 रुपये कमजोर होकर 6,100 से 6,400 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 1,000 रुपये घटकर 58,000 से 59,000 रुपये कैंडी बोले गए।

आईसीई कॉटन वायदा के भाव में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-26 वायदा अनुबंध में इसके दाम 1.384 सेंट कमजोर होकर 74.89 सेंट रह गए थे। दिसंबर-26 वायदा अनुबंध में इसके दाम 2.02 सेंट कमजोर होकर 78.49 सेंट रह गए। मार्च-27 वायदा अनुबंध में इसके दाम 1.91 सेंट घटकर 79.81 सेंट रह गए। शुक्रवार को आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग कॉटन की कीमतों में तीन अंकों का मंदा आया।

व्यापारियों के अनुसार विश्व बाजार में कॉटन की कीमतों में आई गिरावट के कारण इसके आयात पड़ते सस्ते हुए हैं, वैसे भी केंद्र सरकार ने अक्टूबर अंत तक शून्य शुल्क पर कॉटन के आयात की अनुमति दी हुई है। इसलिए हाजिर बाजार में इसकी कीमतों पर दबाव है। स्पिनिंग मिलों को डर है कि सीसीआई कॉटन की बिक्री कीमतों में कटौती ना कर दे, इसलिए केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं।

सीसीआई ने गुरुवार को ई-ऑक्शन के तहत कॉटन के बिक्री भाव स्थिर रखे। जानकारों के अनुसार सूती धागे में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, जिस कारण स्पिनिंग मिल इन्वेंट्री नहीं बढ़ाना चाहती।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की कीमत स्थिर से कमजोर हुई। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में कपास की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।

सीसीआई ने चालू सप्ताह के आरंभ में कॉटन की बिक्री कीमतों में कटौती की थी। घरेलू बाजार में कॉटन का बकाया स्टॉक प्राइवेट जिनिंग मिलों के पास नहीं के बराबर है, जबकि सीसीआई के पास अभी बकाया स्टॉक अभी भी अच्छी मात्रा में बचा हुआ है। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई के बिक्री दाम पर भी निर्भर करेगी।

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