कुल पेज दृश्य

10 जून 2026

सीसीआई ने कॉटन की बिक्री कीमतों में कटौती की, घरेलू बाजार में दाम कमजोर

नई दिल्ली। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने सोमवार को ई-ऑक्शन के माध्यम से कॉटन की बिक्री कीमतों में 700 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो की कटौती की। जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में गिरावट का रुख रहा।


सीसीआई ने सोमवार को ई-ऑक्शन के माध्यम केवल 700 गांठ कॉटन की बिक्री की। इस दौरान केवल स्पिनिंग मिलों ने ही 700 गांठ कॉटन की खरीद की, जबकि व्यापारियों ने खरीद नहीं की। व्यापारियों के अनुसार सूती धागे में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, जिस कारण अधिकांश मिलें इन्वेंट्री नहीं बढ़ाना चाहती।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की कीमत स्थिर से कमजोर हुई हैं। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में कपास की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।

सीसीआई ने कॉटन की बिक्री कीमतों में कटौती की, जिस कारण घरेलू बाजार भी इसकी कीमतों पर दबाव देखा गया। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार ने घरेलू टेक्सटाइल उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए 1 जून, 2026 से आगामी पांच महीनों के लिए कॉटन आयात पर से सभी कस्टम ड्यूटी समाप्त कर दी है। जिससे आयातित कॉटन सस्ती हुई है।

सीसीआई ने पिछले सप्ताह भी कॉटन की बिक्री कीमतों में 3,200 रुपये प्रति कैंडी की भारी कटौती की थी। इसलिए इसके दाम कमजोर हुए। घरेलू बाजार में कॉटन का बकाया स्टॉक प्राइवेट जिनिंग मिलों के पास नहीं के बराबर है, जबकि सीसीआई के पास अभी बकाया स्टॉक अभी भी अच्छी मात्रा में बचा हुआ है। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई के बिक्री दाम पर भी निर्भर करेगी।

उद्योग ने हाल ही में कॉटन के उत्पादन अनुमान में एक बार फिर 10 लाख गांठ की बढ़ोतरी की थी। चालू सीजन में कॉटन का आयात भी बढ़कर 47 लाख गांठ होने का अनुमान है। हालांकि प्राइवेट जिनर्स के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है, जिस कारण इनकी बिकवाली कम आ रही है।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 300 रुपये कमजोर होकर 62,800 से 63,400 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

कोई टिप्पणी नहीं: