नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन 2026 के शुरुआती चरण में फसलों की बुआई 2.73 फीसदी पिछड़ कर 72.57 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 74.61 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस दौरान कपास की बुआई काफी पीछे चल रही है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में 5 जून तक कपास की बुआई घटकर केवल 7.51 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 9.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। अत: पिछले साल की तुलना में कपास की बुआई 22.73 फीसदी पीछे चल रही है।
धान की रोपाई चालू खरीफ में बढ़कर 2.85 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 2.65 लाख हेक्टेयर में ही रोपाई हो पाई थी।
चालू खरीफ सीजन में गन्ने की बुआई 54.08 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि के बराबर है।
चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई बढ़कर 52 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 35 हजार हेक्टेयर में ही हुई थी। चालू खरीफ में मूंग की बुआई 15 हजार हेक्टेयर में और उड़द की 10 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक मूंग की बुआई 17 हजार हेक्टेयर में हो चुकी थी।
मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ सीजन में घटकर 1.01 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 1.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इस दौरान मक्का की बुआई 38 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 27 हजार हेक्टेयर की तुलना में ज्यादा है। रागी की बुआई बढ़कर 30 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 29 हजार हेक्टेयर की तुलना में बढ़ी है। अन्य मोटे अनाजों की बुआई अभी शुरुआती चरण में है।
चालू खरीफ सीजन में तिलहनी फसलों की बुआई घटकर 42 हजार हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 52 हजार हेक्टेयर में हो चुकी थी। सोयाबीन की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 19 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 17 हजार हेक्टेयर में ही हुई थी। इस दौरान सनफ्लावर की 11 हजार हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 13 हजार हेक्टेयर की तुलना में कम है।
जूट की बुआई चालू खरीफ सीजन में 6.18 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 6.08 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़ी है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें