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10 जून 2026

पंजाब में कपास की बुआई तय लक्ष्य से काफी कम, किसान धान को दे रहे हैं प्राथमिकता

नई दिल्ली। पंजाब में अलग-अलग तरह के फसलों को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की कोशिशों को झटका लगा है, क्योंकि चालू खरीफ सीजन 2026-27 में कपास की बुआई में बड़ी गिरावट आई है।


राज्य सरकार ने चालू खरीफ सीजन में कपास की बुआई का लक्ष्य 1.25 लाख हेक्टेयर का तय किया था, जबकि राज्य में अभी तक केवल 70 हजार हेक्टेयर में ही कपास की बुआई हुई है, जोकि तय लक्ष्य का केवल 56 फीसदी है।
 
फाजिल्का में 40,000 हेक्टेयर में कपास की बुआई सबसे ज्यादा है, जबकि बठिंडा, मानसा और श्री मुक्तसर साहिब में करीब 10,000 हेक्टेयर में कपास की बुआई हो पाई है। अधिकारियों को 15 जून के बाद बुआई के आखिरी आंकड़े आने की उम्मीद है, लेकिन उन्हें इसमें कोई बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।

जानकार इस गिरावट की वजह बार-बार होने वाले कीड़ों के हमले, खराब मौसम और खराब फाइनेंशियल रिटर्न को मानते हैं। पिछले साल फसल तैयार होने पर बेमौसम बारिश से भारी नुकसान हुआ था और किसानों की आय में कमी आई। राज्य के कृषि निदेशालय के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कपास के रकबे में कमी किसानों को धान की खेती की ओर लेकर जा रही है, जिससे राज्य के ग्राउंड वाटर रिसोर्स पर दबाव बढ़ेगा।

कृषि जानकारों का सुझाव है कि बेहतर हाइब्रिड कपास की किस्में किसानों की दिलचस्पी फिर से जगाने में मदद कर सकती है। हालांकि नकली बीज, फसल की आवक के समय कीमतों में गिरावट और फसल पर कीड़ों के हमले को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

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